अमरुद के फायदे अन्य फलों से कई गुना अधिक – Guava Top Fruit

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अमरुद Guava की सर्दी के दिनों में बहार सी छा जाती है। यह एक कमाल का फल है। सस्ता और सुलभ होते हुए भी गुणो में कई मुख्य फलों

से  आगे है। इसे जामफल के नाम से भी जाना जाता है। भारत में अमरुद को एक मुख्य व्यावसायिक फसल के रूप मे उगाया जाता है।

इसकी लोकप्रियता के कारण यह विश्वास करना मुश्किल है कि यह फल विदेश से लाया गया है। इसे सत्रहवीं शताब्दी में पुर्तगाली भारत में

लाये थे। अब यह पूरे भारत में उगाया जाता है।

अमरुद

 

महाराष्ट्र , बिहार और उत्तर प्रदेश राज्य अमरुद के उत्पादन में सबसे आगे है।इसकी फसल साल में दो बार आती है। सर्दी में आने वाला

अमरुद श्रेष्ठ गुणवत्ता का होता है। यह अंदर से सफेद या लाल होता है। इसे जैम , शरबत , जैली , केक , पुडिंग , सॉस , आइसक्रीम , कैंडी

आदि बनाने में काम में लिया जाता है। इसका सिर्फ फल ही लाभदायक नहीं है बल्कि इसके पत्ते और छाल भी आयुर्वेदिक औषधि के रूप

में काम आते है। यह एक ऐसा फल है जिसे अधिक केमिकल पेस्टीसाइड्स की जरुरत नहीं पड़ती है जैसा कि अंगूर , सेब या दूसरे फलों

को पड़ती है।

 

अमरुद के पोषक तत्व – Guava Nutrients

 

अमरुद सभी तरह के पोषक तत्वों से भरा होता है। इसमें प्रोटीन , कार्बोहाइड्रेट तथा भरपूर फाइबर होते है। कई प्रकार के विटामिन और

मिनरल इसे एक शानदार फल बनाते है। यह विटामिन “सी” का प्रचुर भंडार होता है। इसमें संतरे से भी चार गुना अधिक मात्रा में विटामिन

“सी” होता है। विटामिन “ए” का भी यह अच्छा स्रोत है। इसके अतिरिक्त इसमें  विटामिन “ई” , विटामिन “के” , विटामिन बी 3 ( नियासिन) ,

विटामिन बी 6  (पायरीडॉक्सीन  ) और फोलेट , पैंटोथेनिक एसिड , थायमिन आदि होते है। खनिज की भी इसमें कोई कमी नहीं होती। इससे

पोटेशियम , मेगनीज , मैग्नेशियम , कॉपर , कैल्शियम ,आयरन , फास्फोरस , जिंक  आदि प्राप्त होते है।

अमरुद छिलके सहित खाना चाहिये  क्योकि छिलके में अधिक पोषक तत्व होते हैं।

 

कृपया ध्यान दें : किसी भी लाल अक्षर वाले शब्द पर क्लीक करके उस शब्द के बारे में विस्तार से जान सकते है।

अमरुद के फायदे – Guava Benefits

 

विटामिन “सी”

 

अमरुद का विटामिन “सी” कई प्रकार के संक्रमण से बचाता है। विटामिन “सी” एक ऑक्सीडेंट भी है जो प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।

इसके उपयोग करने से सर्दी , जुकाम ,फ्लू आदि परेशानियां दूर रहती है। यदि किसी प्रकार का तनाव हो तो इस कारण से शरीर

की प्रतिरोधक क्षमता कम हो सकती है। इस समय जल्दी बीमार हो सकते है। अमरुद का विटामिन “सी ” ऐसे में बहुत सहायक होता है।

प्रतिरोधक क्षमता पर आंच नहीं आने देता।

 

विटामिन “सी” त्वचा को भी स्वस्थ बनाये रखता है। विटामिन “सी” की कमी से स्कर्वी नामक रोग हो सकता है। इससे त्वचा में उम्र के साथ

होने वाले प्रभाव नहीं होते है। इसकी मदद से शरीर के टिशू की मरम्मत तेजी से होती है। खरोंच या घाव आदि जल्द भरने में यह  प्रभावशाली

साबित हुआ है।

 

यह शरीर में फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचाये रखता है। हृदय रोग और कैंसर जैसे रोग से बचाता है। विटामिन “सी” पानी में घुलनशील

होता है और शरीर से बाहर निकलता रहता है। अतः इसे रोजाना लेने की जरूरत होती है। एक Amrud खाने से ही  दिन भर के लिए’

विटामिन “सी” की पूर्ती हो जाती है। अमरुद में विटामिन के सबसे अच्छे स्रोत माने जाने वाले संतरे  से भी चार गुना अधिक मात्रा में

विटामिन “सी”  होता है।

 

वजन कम करना

 

अमरुद का उपयोग वजन कम करने के लिए  लाभदायक होता है । इसके भरपूर फाइबर , विटामिन तथा खनिज लवण साथ ही बिना

कोलेस्ट्रॉल तथा पचाये जा सकने वाले कम कार्बोहाइड्रेट इसे एक सर्वश्रेष्ठ फल बनाते है। इस खाने से पेट भर जाता है जिससे भूख ख़त्म हो

जाती है। अमरुद में सेब , नारंगी , अंगूर तथा अन्य फलों से कम मात्रा में शक्कर होती है। लंच में एक Amrud खाने से शाम तक भूख नहीं

लगती है। लेकिन साथ ही इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्वों के कारण यह मेटाबोलिज्म की प्रक्रिया को दुरुस्त करके पतले दुबले लोगों की

हेल्थ बना भी सकता है। Amrud खाने से भोजन के पोषक तत्व का अवशोषण सम्पूर्ण रूप से होता है।

 

त्वचा के लिए

 

गुलाबी रंग के अमरुद में टमाटर से भी दुगनी मात्रा में लाइकोपीन पाया जाता है। लाइकोपीन त्वचा को अल्ट्रावॉइलेट किरणों से बचाता है।

अमरुद में मौजूद बीटा केरोटीन त्वचा के कैंसर से बचाता है। इसके अलावा Amrud में पाए जाने वाले विटामिन “ए” , विटामिन “बी” ,

विटामिन  “सी” , पोटेशियम , आदि त्वचा की खूबसूरती निखारने में मदद करते है। इससे आपकी त्वचा उम्र के प्रभाव से तथा झुर्रियों आदि

से बची रहती है। अमरुद तथा इसकी पत्तियों में पाया जाने वाला एस्ट्रिंजेंट भी त्वचा के लिए लाभदायक होता है। इसलिए यदि खूबसूरत

और जवां त्वचा चाहते है तो Amrood का नियमित उपयोग जरूर करें।

 

दिमागी शक्ति

 

अमरुद में मौजूद विटामिन तथा खनिज विशेषकर विटामिन “बी 6” दिमाग की शक्ति को बढ़ाते है। विद्यार्थी तथा दिमागी कार्य अधिक करने

वाले लोगों को Amrood का उपयोग जरूर करना चाहिए। इससे उनकी स्मरण शक्ति बढ़ती है तथा ध्यान केंद्रित होने में मदद मिलती है।

जल्दी से मानसिक रूप से थकान नहीं होती।

 

डायबिटीज

 

अमरुद डायबिटीज की परेशानी से गुजरने वाले लोगों के लिए लाभदायक हो सकता है। क्योंकि इसमें मौजूद फाइबर शरीर में शर्करा की

अवशोषित होने की मात्रा को सन्तुलित करते है। इससे रक्त में शक्कर का बार बार बदलना कम हो जाता है। यह टाइप -2  डायबिटीज को

रोकने में कारगर हो सकता है। डायबिटीज वाले लोगों के लिए कम ग्लासेमिक इंडेक्स वाले आहार अच्छे होते है। इनसे रक्त में शक्कर की

मात्रा में जल्दी से बदलाव नहीं होता। Amrood  कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला फल होता है।

 

दस्त – पेचिश

 

अमरुद में पाए जाने वाले एस्ट्रिंजेंट के कारण इसे खाने से दस्त और पेचिश में आराम मिलता है। क्योंकि ये एस्ट्रिंजेंट क्षारीय प्रकृति के होते है

तथा ये बेक्टिरिया को नष्ट कर सकते है। अमरुद खाने से आंतों में जमे हानिकारक जीवाणु नष्ट होते है और आंतों की सफाई हो जाती है।

इसके अलावा अमरुद में मौजूद विटामिन सी , कैरोटेनॉयड्स तथा पोटेशियम पाचन तंत्र को मजबूत बनाते है। साथ ही यदि किसी प्रकार का

संक्रमण हो तो उसे मिटाने में सहायक होते है। अतः संग्रहणी , जैसे रोगों में Amrood खाना लाभदायक होता है।

 

प्रदूषण का सामना

 

प्रदूषण के कारण हमारे शरीर में हानिकारक फ्री रेडिकल्स की मात्रा बढ़ जाती है। जो बहुत नुकसान देह हो सकते है। इसने बचने के लिए

अधिक मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट के उपयोग की आवश्यकता होती है। अमरुद जैसे फल जो एंटीऑक्सीडेंट का भंडार है इसके लिए बहुत

उपयुक्त फल है। अमरुद में विटामिन सी, लाइकोपीन , बीटा केरोटीन , ल्युटिन , क्रिप्टोजेन्थिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट का अद्भुत संगम होता

है जो इसे फ्री रेडिकल्स से बचाने का एक शक्तिशाली माध्यम बनाता है। अतः नियमित अमरुद का सेवन प्रदुषण से होने वाले दुष्प्रभावों से

बचा सकता है। यह जवां बनाये रखने में भी कारगर सिद्ध हो सकता है।

 

सर्दी जुकाम

 

अमरुद में विटामिन सी तथा आयरन भरपूर मात्रा में होने के कारण इसके उपयोग से सर्दी जुकाम तथा वायरल इन्फेक्शन जैसी परेशानियों

से बचाव होता है। पके हुए अमरुद के भून कर खाने से पुरानी सर्दी भी दूर हो जाती है। जिसे सर्दी जुकाम हुआ है उसे रात के समय अमरुद

नहीं खाना चाहिए। अमरुद खाने के बाद पानी नहीं पीना चाहिए। अन्यथा गले में खराश हो सकती है।

 

कब्ज

 

अमरुद में भरपूर मात्रा में फाइबर होते है। इसके अलावा अमरुद के साबुत या चबाये हुए बीज पेट में जाकर एक अच्छे रेचक की तरह

काम करते है। इस तरह दोहरा लाभ मिलता है। और पेट साफ होने में आसानी होती है और कब्ज मिटती है । कब्ज मिटने से कई प्रकार

की परेशानियों से बचाव हो जाता है। इसलिए अमरुद के मौसम में इसे जरूर खाना चाहिए।

 

आँखों के लिए

 

अमरुद विटामिन “ए” का बहुत अच्छा स्रोत है। इस कारण से यह आँखों के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह मोतियाबंद बनने

की संभावना को कम करता है । उम्र के साथ होने वाली आँखों की कमजोरी को दूर रखता है। यह कमजोर आँखों की रौशनी बढ़ा भी सकता

है।

 

ब्लड प्रेशर

 

अमरुद रक्त में कोलेस्ट्रॉल कम करने में सहायक होता है। इसमें मौजूद फाइबर तथा पोटेशियम के कारण यह ब्लड प्रेशर को सन्तुलित

रखने में मदद करता है। अमरुद में पोटेशियम भी भरपूर मात्रा में होता है जो ह्रदय की धड़कन और ब्लड प्रेशर को नियमित रखता है।

 

दाँत और मसूड़े

 

अमरुद के पत्ते का रस दाँत और मसूड़े के लिए बहुत फायदेमंद है। इससे मुंह के छाले भी मिट सकते है। यह रस खरोंच या छोटे घाव या

चोट आदि जल्दी ठीक करने में मदद करता है।

 

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