एसआईपी क्या होती है और कैसे शुरू करते है – SIP For Mutual Fund

एसआईपी  – SIP

 

SIP का मतलब होता है सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान। यह म्युचुअल फंड में निवेश करने सबसे सुरक्षित माना जाता है। म्युचुअल फंड शेयर

बाजार में निवेश करते हैं जिसमे बहुत जोखिम होता है। म्युचुअल फंड को सरल भाषा में समझने के लिए यहाँ क्लिक करें

 

शेयर बाजार कभी ऊपर होते है तो कभी नीचे। SIP  में एक निश्चित राशि नियत समय  पर म्युचुअल फंड में निवेश की जाती है चाहे शेयर

बाजार ऊपर हो या नीचे। SIP में यह राशि रोजाना , हर सप्ताह , हर महीने या हर तीन महीने में सुविधानुसार निवेश की जा सकती है। इससे

शेयर बाजार नीचे होता है तब और शेयर बाजार ऊपर होता है तब दोनों ही स्थिति में शेयर ख़रीदे जाते है। लम्बे समय तक इस तरीके से निवेश

करने पर एक औसत कीमत आ जाती है जिस पर निवेश किया जाता है। शेयर बाजार में अभी तक के अनुभव के अनुसार लम्बी अवधि में इस

प्रकार निवेश करने पर लाभ होने की सम्भावना बढ़ जाती है।

 

एसआईपी शुरू करने का तरीका – SIP start

 

SIP में बैंक खाते से हर महीने एक निश्चित राशि निकल कर म्युचुअल फंड में निवेश होती है। इसके लिए म्युचुअल फंड कंपनी में SIP

का फॉर्म भर कर देना होता है जिसमे बैंक अकाउंट का उल्लेख भी होता है जिसमे से आप ऑटोमैटिक ट्रांसफर चाहते हैं । शुरुआत में एक

चेक SIP की राशि का देना होता है , साथ में KYC की कॉपी तथा पेन कार्ड की कॉपी देनी होती है।

यदि ऑटोमेटिक ट्रांसफर नहीं चाहते तो पोस्ट डेटेड चेक भी दिए जा सकते हैं। फार्म में कितने समय तक SIP चलाना चाहते है यह भी उल्लेख

किया जाता ही जैसे एक साल , दो साल , पांच साल आदि।

 

के वाई सी रजिस्ट्रेशन – KYC

 

यदि पहले से  KYC रजिस्ट्रेशन नहीं है तो KYC सम्बन्धी कार्यवाही करनी होती है। किसी भी म्युचुअल फंड में निवेश करने से पहले  KYC

( know your customer ) रजिस्ट्रेशन आवश्यक होता है।  एक बार KYC रजिस्टर होने के बाद किसी भी म्युचुअल फंड में निवेश किया

जा  सकता है। KYC के लिए आई डी प्रूफ , एड्रेस प्रूफ , फोटो आदि देकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। KYC का रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन भी

कराया  जा सकता है।

 

एसआईपी बंद करने का तरीका – SIP Stop

 

एसआईपी का फॉर्म भरते समय जितने समय तक आप SIP चलाना चाहते है भरा जाता है। लेकिन इसे आवश्यकता के अनुसार कभी भी बंद

किया जा सकता है। इसके लिए फॉर्म साइन करके देने पर  फॉर्म एसआईपी बंद हो सकती है। निवेशित राशि को यथास्थिति रखा जा सकता है

या कभी भी यूनिट्स बेचकर पैसे वापस ले सकते हैं।

 

एसआईपी में निवेश का स्टेटमेंट – SIP statment

 

म्युचुअल फंड में निवेश करने पर आपको एक स्टेटमेंट मिलता है जिसमे आपका फोलियो नंबर तथा अन्य सभी जानकारी होती हैं।

आगे भी आपको स्टेटमेंट मिलते रहते हैं। इनसे आपके पास उपलब्ध यूनिट्स और उनकी वर्तमान कीमत का पता चलता रहता है। जरुरत

के समय कभी भी स्टेटमेंट लिया जा सकता है या टोल फ्री नंबर पर फोन करके फोलियो नम्बर में वर्तमान यूनिट , एन ए वी , कीमत आदि

की जानकारी फंड हाउस से ली जा सकती है।

 

इस लेख का उद्देश्य शुरू की जानकारी उपलब्ध कराना मात्र है। समय के अनुसार नियमों में परिवर्तन हो सकता है। कृपया फंड हाउस या

रजिस्ट्रार से पूरी जानकारी प्राप्त करके ही निवेश करें।

 

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