कान की सफाई करें या नहीं – Cleaning of ear

कान की सफाई करते रहना कई लोगों की आदत होती है। कान की सफाई के लिए माचिस की तीली , कॉटन बड , पेंसिल , धातु के पतले तार

या अंगुली कुछ भी कान में डालकर सफाई करने की कोशिश करते अक्सर कई लोग दिख जाते हैं। कान से निकलने वाले वेक्स को गन्दगी

समझ कर खुश होते हैं कि हमने बड़ी अच्छी सफाई की है।

क्या इसकी आवश्यकता है ? क्या कान की सफाई करनी चाहिए ? आइये जानते है –

 

सफाई से रहना अच्छी बात है और जरुरी भी है लेकिन शरीर में कुछ अंगों की सफाई स्वतः होती रहती है जिसमे से कान भी एक है।

कान के अंदर मौजूद ग्रंथिया चिकना मोम जैसा पदार्थ बनाती हैं जिसे सेरुमन Cerumen कहते हैं। आम बोलचाल की भाषा में इसे

ईयर वेक्स के नाम से जाना जाता है। इसका रंग कुछ लोगों में हल्का होता है और कुछ में गहरा । गहरे रंग का मतलब यह नहीं होता कि वो

बहुत समय से जमा हुआ था। कुछ लोगों के कान में वेक्स अधिक बनता है और कुछ लोगों के कम।

 

 

ईयर वेक्स कान में धूल , मिट्टी , कचरा , बाहरी कण आदि जाने से बचाने की शरीर की प्राकृतिक व्यवस्था है ताकि कान के पर्दे को कोई

नुकसान नहीं हो। यह  कान के अंदर की त्वचा को संक्रमण तथा पानी से बचाने का काम भी करता है। थोड़ा थोड़ा करके यह वेक्स कान

से अपने आप बाहर निकलता रहता है और अंदर की सफाई होती रहती है। कान से वेक्स के बाहर आने पर उसे साफ किया जा सकता है।

कान में यह पदार्थ ना हो तो कान की नली रूखी सूखी होकर उसमें संक्रमण हो सकता है।

 

जब किसी कारण से कान में आवश्यकता से अधिक वेक्स बनता है तो वह इकठ्ठा होकर ठोस हो जाता है। इसे साफ करने की कोशिश में ईयर

बाद आदि कान में डालने से यह वेक्स अंदर जाकर कान बंद कर सकता है। इस वजह से सुनाई देना कम हो सकता है। यदि यह वेक्स कान के

पर्दे के संपर्क में आ जाता है इससे दिक्कत होने लगती है और चक्कर भी आ सकते हैं। खड़े हों तो भी हिलने जैसा अहसास भी हो सकता है।

 

कान में खुजली चलती हो या कान बहता हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। उचित उपचार से समस्या आसानी से ठीक हो जाती हैं।

जल्दी इलाज नहीं करवाने पर समस्या बढ़ सकती है और सुनाई देना बंद भी हो सकता है।

 

ईयर वेक्स से कान बंद कब और क्यों होते हैं

 

—  कुछ लोगों में प्राकृतिक रूप से ही कान में अधिक वेक्स बनने की प्रवृति होती है। लेकिन अधिक वेक्स बनने से कान बंद नहीं होते। वेक्स

को अनुचित तरीके से घर पर निकालने के  प्रयास में जरूर कान बंद हो जाते हैं , क्योकि वेक्स के अंदर चले जाने की संभावना अधिक

होती है।

 

—  ईयर फोन , हियरिंग एड , ईयर प्लग आदि के अधिक इस्तेमाल से वेक्स बाहर नहीं निकल पाता और इस वजह से यह इकठ्ठा होकर ठोस

हो जाता है। इससे परेशानी होने लग जाती है। इसके अलावा ईयर फोन साझा करने से भी संक्रमण होने की संभावना होती है।

इस वजह से भी वैक्स अधिक बन सकता है , जिससे कान बंद हो सकते हैं ।

 

—  कान में चोट आदि लगने पर संक्रमण से बचने के लिए वैक्स अधिक बन सकता है।

 

—  रोजाना अंदर तक ईयर बड या माचिस की तीली आदि से कान की सफाई करने से कान में संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है और इसके

कारण अधिक वैक्स भी बनने लगता है।

 

कान में वेक्स इकठ्ठा होने के लक्षण

 

—  कान ठसा हुआ या बंद सा महसूस होना

—  कान में दर्द होना

—  कान में घंटी या सीटी बजने जैसी आवाजें आना

—  कान से कुछ समय सुनाई देना बंद हो जाना।

 

यदि इस प्रकार के लक्षण महसूस हों तो कान में वेक्स चेक करवा लेना चाहिए। यदि वेक्स की वजह से ये परेशानी हो रही हो तो सामान्यतया

वेक्स को निकलवाने के बाद ये दिक्कत दूर हो जाती हैं।

 

 कान में वेक्स इकठ्ठा होने के नुकसान

 

कान में ज्यादा वेक्स इकठ्ठा हो जाये तो सफाई करवा लेनी चाहिए अन्यथा उसमे संक्रमण होकर परेशानी बढ़ने की संभावना होती है।

सफाई नहीं करवाने से ये परेशानियाँ हो सकती हैं –

 

—  कान में तेज दर्द या लगातार थोड़ा दर्द बने रहना।

—  कान बहना

—  बुखार

—  कान से बदबू आना

—  चक्कर आना

 

इन लक्षणों के अन्य कारण भी हो सकते हैं अतः डॉक्टर से संपर्क कर लेना ठीक रहता है ; ताकि पता चल सके कि मुख्य कारण क्या हैं।

सर्दी जुकाम या बुखार आदि के कारण भी कान में दर्द हो सकता है। खुद से उपचार करना सही नहीं होता है।

 

कान में वेक्स जमा हो तो क्या करें क्या नहीं

 

—  खुद वेक्स निकालने की कोशिश नहीं करनी चाहिए अन्यथा वेक्स अंदर जाकर कान को अधिक नुकसान होने , संक्रमण होने तथा कम

सुनाई देने की वजह बन सकता है।

—  सड़क पर बैठे हुए कान साफ करने वालों से कान साफ नहीं करवाने चाहिए। यह कान में चोट या संक्रमण की वजह बन सकता है।

—  कान में तेज हवा नहीं करवानी चाहिए। कान के पर्दे को नुकसान हो सकता है।

—  बालों में रुसी या डैंड्रफ होने पर इससे कान में भी संक्रमण हो सकता है। ऐसी स्थिति में डैंड्रफ मिटाने के उपाय करने चाहिए।

 

कान में पानी जाने से कैसे बचें

 

नहाते समय कान में पानी के छपाके नही मारने चाहिए। सिर्फ बाहर से कान साफ करना पर्याप्त होता है। कान में अंदर पानी नहीं जाये

ऐसी कोशिश रखनी चाहिए। नहाने जाते समय रुई लगाकर भी पानी जाने से रोका जा सकता है। स्विमिंग पूल में नहाते समय भी कान ढकने

वाले कैप लगा लेने चाहिए।

फिर भी कान में पानी चला जाये तो उसे निकालने के लिए आसान घरेलु कसरत जानने के लिए यहाँ क्लिक करें

 

हवाई यात्रा के समय कान बंद या दर्द

 

हवाई यात्रा करते समय कान में दर्द हो सकता है या कान बंद सा हो जाता है । यह हवा का दबाव तेजी से बदलने के कारण होता है। इससे

बचने की कुछ उपाय इस प्रकार हैं –

 

—  उबासी लेने , कुछ चबाने या निगलने से आराम मिलता है।

—  हवाई जहाज जब टेकऑफ कर रहा हो या लेंड कर रहा हो तब सोना नहीं चाहिए।

—  ऐरोप्लेन में सफर के दौरान कान में लगाने के विशेष प्रकार के प्लग बाजार में उपलब्ध है जो दबाव तथा शोर को संतुलित करके कान को

तकलीफ से बचाते हैं। ऐसे ईयर प्लग का उपयोग किया जा सकता है।

—  मुंह और नाक बंद करके हल्के से हवा बाहर निकालने का दबाव बनाने से बंद कान खुल जाता है। जुकाम हो तो ऐसा ना करें।

 

क्लिक करके इन्हे भी जानें और लाभ उठायें :

 

गेहूं से एलर्जी कारण , लक्षण और उपाय 

शक्कर के गंभीर नुकसान और यह किसमें कितनी होती है 

यूरिन रोक कर रखने के दुष्प्रभाव 

हँसने के फायदे और लाफ्टर थेरेपी का तरीका 

दाँतों और मसूड़ों को स्वस्थ कैसे रखें 

टोन्सिल की परेशानी से बचने के उपाय 

पेट या आमाशय में क्या होता है समझें सरल भाषा में 

लीवर के वो काम जो शायद आपको पता ही नहीं थे 

पित्ताशय की पथरी से कैसे बचें 

गुर्दे की पथरी समस्या , बचाव और उपचार 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *