किशमिश रोजाना खाने से क्या लाभ होते हैं – Raisins Benefits

किशमिश Raisins का मेवों में एक महत्त्वपूर्ण स्थान होता है। बच्चे भी इन्हे बहुत पसंद करते है। कई प्रकार के भोजन में इनका उपयोग किया

जाता है। विशेषकर मिठाई में इन्हे डाला जाता हैं। सूजी का हलवा , खीर तथा और कुछ शेक आदि में इसे बहुत पसंद किया जाता है। कई

प्रकार की सब्जी की रोनक किशमिश डालने से बढ़ जाती है। दानामेथी और किशमिश की सब्जी बहुत अच्छी बनती है।

 

किशमिश

 

अंगूर को सूखा कर किशमिश बनाये जाते हैं। अंगूरों को धूप में या मशीनों की सहायता सुखाया जाता है। किशमिश  की गुणवत्ता और रंग

अंगूर की किस्म पर निर्भर होता है। किशमिश हरे , पीले या काले रंग में उपलब्ध होते हैं। अंगूर तो फायदेमंद होते ही है। अंगूर के सूखने से बने

किशमिश भी बहुत लाभदायक होते हैं। अंगूर के गुण और फायदे जानने के लिए यहाँ क्लीक करें

 

किशमिश में फ्रुक्टोस और ग्लूकोज़ भरपूर मात्रा में होने के कारण इनका उपयोग करके एक स्वस्थ तरीके से वजन बढ़ाया जा सकता है।

खिलाड़ियों या बॉडी बिल्डिंग के शौक़ीन लोगों को जबरदस्त ताकत की जरुरत होती है। ये ताकत किश मिश से मिल सकती है।

 

किशमिश के पोषक तत्व – Raisins Nutrients

 

किशमिश में प्रोटीन , कार्बोहाइड्रेट , विटामिन B 6 ,  विटामिन K , आयरन , पोटेशियम , कैल्शियम , मेग्नेशियम, सेलेनियम होते हैं।

इसमें प्राकृतिक शक्कर तथा फायबर प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।  इसके अलावा इसमें पॉलीफेनोल्स , एंटीऑक्सीडेंट , फाइटो केमिकल्स ,

फ्लेवेनॉयड्स , एमिनो एसिड आदि पोषक तत्व भी होते  हैं। ये सब मिलकर किशमिश को एक शानदार आहार बनाते हैं। यह तुरंत ताकत देने

वाला एक अच्छा आहार है।

 

किशमिश के फायदे – Raisins benefits

 

दांत और मसूड़े

 

किशमिश मीठा होता है लेकिन इससे दांत ख़राब नहीं होते बल्कि यह दांत और मसूड़े ख़राब होने से बचाता है। इसमें पाए जाने वाले

ओलिनोलिक एसिड नामक फाइटो केमिकल तत्व दांत की कैविटी से रक्षा करते हैं तथा मुंह में पाए जाने वाले नुकसानदायक बैक्टीरिया को नष्ट

करने में सहायक होते हैं। ये मसूड़ों को बीमारी और इन्फेक्शन से बचाते हैं। इसके अलावा किशमिश से मिलने वाला कैल्शियम दांत के इनेमल

को मजबूत बनाता है।

 

पाचन

 

किशमिश मे फाईबर बहुतायत में होता है। सूखने के दौरान इसके फाइबर सिकुड़ जाते हैं लेकिन पेट में जाकर वापस अपने स्वरुप में आ जाते

हैं।  घुलनशील और अघुलनशील दोनों प्रकार के फाइबर के कारण यह कब्ज से भी बचाता है और दस्त में भी लाभदायक होता है। इनसे पेट

और आँतों की सफाई हो जाती है। इससे भोजन के पोषक तत्वों का अवशोषण सही तरीके से हो पाता है।

इस कारण से भूख अच्छी लगी है ,  पाचन शक्ति मजबूत होती है तथा  स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है।

 

ब्लड प्रेशर

 

किशमिश में पाए जाने वाले पोटेशियम के कारण इसके नियमित उपयोग से ब्लड प्रेशर कम होता है। पोटेशियम हार्ट के लिए भी बहुत

लाभदायक होता है। यह कोशिका , शरीर के टिशू , तथा अन्य अंगों के सही तरीके से कार्य करने में सहायक होता है। यह स्ट्रोक का खतरा

कम करता है। इसके अलावा किश मिश  में पाया जाने वाले फाइबर भी ब्लड प्रेशर और हृदय के लिए लाभदायक होते हैं।

 

कैंसर से बचाव

 

ड्राई फ्रूट विशेष कर खजूर , किशमिश आदि में फेनोलिक तत्व होते हैं जो ताकतवर एंटीऑक्सीडेंट का काम करते हैं। एंटीऑक्सीडेंट ऐसे

तत्व होते हैं जो फ्री रेडिकल्स का हानिकारक प्रभाव मिटाकर कैंसर तथा अन्य कई गंभीर बीमारियों को दूर रखने में सहायक होते हैं।

 

खून की कमी

 

किशमिश में आयरन खूब होता है , जो खून की कमी दूर कर सकता है। इसमें विटामिन B कॉम्पेक्स समूह के कई विटामिन होते हैं।

ये नया खून बनने में सहायक होते हैं। इसमें पाया जाने वाला कॉपर भी नया रक्त बनने में मददगार होता है।

विशेषकर काले द्राक्ष या किश मिश खून की कमी दूर करने में बहुत उपयोगी साबित होते हैं। इसमें पाए जाने वाले विटामिन ,  एमिनो एसिड

तथा खनिज भोजन के पोषक तत्वों के अवशोषण की शक्ति बढ़ाते हैं।

 

बुखार की कमजोरी

 

किशमिश में कई ऐसे तत्व होते हैं जो वाइरल तथा बैक्टीरियल इन्फेक्शन को दूर करके इनसे होने वाले बुखार को दूर रखते हैं तथा इनके

कारण होने वाली कमजोरी दूर करते हैं। इन्हे खाने से तुरंत ताकत मिलती है। बुखार में इन्हे कम मात्रा में लेना चाहिए।

 

आँख

 

किशमिश में पाए जाने वाले फीटो नुट्रिएंट्स आँखों के स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक होते हैं। ये फ्री रेडिकल के कारण आँख को होने वाले

नुकसान जैसे मेक्यूला की खराबी , उम्र के साथ होने वाली आँखों की कमजोरी , मोतियाबिंद आदि से बचाते हैं। इसमें पाया जाने वाले विटामिन

A  भी आँख के लिए फायदेमंद होता है। आँखों को स्वस्थ रखने के अन्य उपाय जानने के लिए यहाँ क्लीक करें

 

एसिडोसिस 

 

आजकल फ़ास्ट फ़ूड जैसे पिजा , बर्गर , फ्रेंच फ्राई , हॉट डॉग , चिप्स आदि भोजन बहुत लोकप्रिय है। एक दूसरे को देखकर इन्हे खाना

फैशन सा बन गया है। इसके होने वाले नुकसान की जानकारी नहीं होने के कारण इन्हे पेट भरने का साधन बना लिया जाता है जो बहुत

नुकसानदेह होता है । इन्हे खाने से रक्त में एसिड बढ़ जाता है। जब रक्त में एसिड की मात्रा अधिक हो जाती है तो रक्त का pH बैलेंस

गड़बड़ा जाता है। इसे एसिडोसिस कहते हैं। इससे कई प्रकार की समस्या जैसे फोड़े फुंसी , स्किन  डिजीज , अंदरूनी अंगों का नुकसान ,

अर्थराइटिस , गठिया , गुर्दे की पथरी , बाल उड़ना , हृदय रोग आदि परेशानी हो सकती है।

 

किशमिश पोटेशियम और मेग्नेशियम का बहुत अच्छा स्रोत है। ये दोनों तत्व एसिडिटी मिटाने में काम आने वाले मुख्य तत्व होते हैं जो

किशमिश से मिल सकते है ,अतः किश मिश का नियमित उपयोग एसिडोसिस को दूर करके कई बीमारियों से बचा सकता है। फास्टफूड

खाना बंद नहीं कर सकते तो कम अवश्य कर देना चाहिए।

 

यौन कमजोरी

 

किशमिश बहुत समय से कामेच्छा बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। इसमें पाया जाने वाला अर्जिनिन नामक तत्व यौन संस्थान की कमजोरी दूर

करता है। यह शुक्राणु की संख्या में वृद्धि करने में भी सहायक होता है। नियमित किशमिश खाने से लिंग में शिथिलता या ताकत में कमी

दूर होती है तथा यौन सम्बन्ध के आनंद में वृद्धि होती है । महिलाओं की अरुचि और कमजोरी भी इनके उपयोग से दूर होती है।

 

हड्डी की मजबूती

 

हड्डी के लिए कैल्शियम एक जरुरी तत्व है। किशमिश में कैल्शियम की भरपूर मात्रा होती है। इसके अलावा इसमें बोरोन नामक माइक्रो

न्यूट्रिएंट होता है। बोरोन हड्डी के निर्माण तथा कैल्शियम के उचित अवशोषण के लिए जरुरी होता है। यह महिलाओं में मेनोपोज़ के कारण होने

वाले ऑस्टियो पोरोसिस को रोकने में सहायक होता है तथा हड्डी और जोड़ों के लिए फायदेमंद होता है। इसके किशमिश से मिलने वाले

पोटेशियम की मौजूदगी भी हड्डी की मजबूती में योगदान प्रदान करता है।

 

किशमिश के नुकसान – Be careful of raisins

 

अधिक किशमिश का उपयोग नुकसान देह हो सकता है। इनमे शक्कर की अधिक मात्रा होने के कारण तुरंत ही वजन बढ़ा सकते हैं। इसमें

फ्रुक्टोस की अधिक मात्रा होने के कारण यह रक्त में ट्राई ग्लाइसेराइड की मात्रा बढ़ा सकता है। ट्राई-ग्लाइसेराइड की अधिक मात्रा डायबिटीज

, हृदय रोग या फैटी लिवर का कारण बन सकती है। यदि पहले से  ट्राई-ग्लाइसेराइड बढ़े हुए हों या लिवर की परेशानी हो तो किशमिश

सावधानी और डॉक्टर की सलाह के बाद ही खाने चाहिए।

 

किशमिश सल्फरडाई ऑक्साइड गैस से ट्रीटमेंट किये हुए हो सकते है। यदि इस गैस से एलर्जी हो तो यह परेशानी का कारण बन सकते हैं।

ऐसे में सावधानी बरतनी चाहिए और अस्थमा जैसी कोई परेशानी हो तो किशमिश का उपयोग कम करना चाहिए। सूरज की रोशनी यानि

धूप में सुखाये किशमिश से यह नुकसान नहीं होता है।

 

यदि घर में पालतू कुत्ता हो तो उसे कभी भी किशमिश नहीं खिलाने चाहिए। इससे कुत्तों की किडनी ख़राब हो जाती है।

 

किशमिश को फ्रिज में रखने से अधिक समय तक ताजा रहते हैं। रसोई में ऐसी जगह ना रखें जहाँ गर्मी पहुँचती हो।

 

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