केरी का अचार स्वादिष्ट बनाने की विधि – Keri ka aachar

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केरी का अचार घर में बनाया जाना हमारी परम्परा का एक अंग है। कच्चे आम यानि केरी के खट्टे अचार की बात ही कुछ ओर होती है। केरी का स्वादिष्ट अचार बनाना आता हो तो ग्रहणी को पाक कला में दक्ष माना जाता है।


बाजार में मिलने वाले अचार की गुणवत्ता का प्रश्न मन में संशय का कारण बनता है। घर पर स्वयं द्वारा बनाये गए अचार में गुणवत्ता का पूरा भरोसा होता है । इसे निसंकोच खाया जा सकता है।

इसमें डाले गए विभिन्न मसाले फायदेमंद होते हैं। सही तरीके और सही अनुपात में मसाले होने पर अचार अधिक स्वादिष्ट बनता है और जल्दी ख़राब भी नहीं होता।

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केरी का अचार

केरी का अचार बनाने के लिए उपयुक्त समय तब होता है जब केरी की गुठली कड़ी हो जाती है। अचार बनाने के लिए खट्टी , गूदेदार और कम रेशेवाली कैरी लेनी चाहिए। अचार की केरी अलग ही आती है।

कच्चे आम का अचार बनाने की सामग्री –  Aam ka achar samagri

कैरी                                    1  किलो

नमक                                  90  ग्राम

हल्दी                             2  बड़े चम्मच

लालमिर्च पाउडर                2  बड़े चम्मच

हींग                                1/4  चम्मच

मेथी दाना                        4  बड़े चम्मच

पीली राई की दाल               4  बड़े चम्मच

मोटी सौंफ                       4  बड़े चम्मच

कलौंजी                            1/2  चम्मच

तेल                                     डेढ़ कप

आम का अचार बनाने की विधि – Aam ke achar ki receipe

—   केरी  ( कच्चा आम ) को दो तीन घंटे के लिए पानी में भिगो दें। फिर धो कर कपड़े से पोंछ दें। डंठल वाला काला हिस्सा चाकू की मदद से हटा दें।

—  केरी को 8 -10 टुकड़ों में काट लें। गुठली निकाल दें।

—  मेथी व सौंफ को दरदरा पीस लें।

—  तेल को एक बर्तन में अच्छी तरह गर्म करें , गैस बंद कर दें। बर्तन का साइज़ ऐसा हो जिसमे केरी और मसाले आसानी से मिला सकें।

—  तेल में सबसे पहले दरदरी पीसी मेथी डालें , फिर हींग ,राई की दाल व दरदरी सौंफ डालकर हिलाए।

—  अब कलौंजी , केरी  के टुकड़े व नमक डालकर हिलाए।

—  अब हल्दी व लालमिर्च पाउडर मिला दें।

—  हल्दी और लाल मिर्च डालते समय तेल अधिक गर्म ना हो अन्यथा अचार का रंग बिगड़ सकता है।

—  इसे पूरी तरह ठंडा होने दें।

—  ठंडा होने पर अचार को कांच के चौड़े मुँह वाली बरनी में भर दें।

—  बरनी के मुंह पर मलमल का कपड़ा बांधकर  3-4   दिन धूप में रखे।

—  अचार को दिन में दो बार साफ चम्मच से ऊपर नीचे हिला लें।

—  3 – 4  दिन में अचार का मसाला व कैरी गलकर तैयार हो जाती है। अब इसमें अतिरिक्त तेल मिला दें ताकि अचार तेल में पूरी तरह डूब जाये। अतिरिक्त तेल मिलाने के लिए तेल को गर्म करके पूरी तरह ठंडा कर ले , फिर अचार में मिलाएं।

—  अचार बनकर तैयार है पूरी, परांठे ,चावल – दाल आदि के साथ सर्व करें।

केरी का अचार बनाते समय ध्यान रखने योग्य बातें

Keri achar ke tips

—  केरी काटने का कटर घर पर नहीं हो तो बाजार से केरी कटवा कर भी ला सकते हैं।

—  यदि बाजार से कैरी कटवा कर ला रहे है तो कैरी के टुकडों को साफ पानी से धोकर कपड़े से पोंछ ले और चार-पांच घंटे के लिए किसी कपड़े पर फैलाकर थोड़ा सूखा लें।

— कटी हुई कैरी को धोने के लिए पानी में भिगोकर नहीं रखें , कैरी को पानी से धोकर तुरंत सुखने के लिए फैला दें।

—  कच्चे आम का अचार बनाने के लिए सरसों का तेल सबसे अच्छा होता है। तिल या मूंगफली के तेल का उपयोग भी किया जा सकता है।

—  अचार बनाने के बाद मलमल या सूती के कपडे से ढ़ककर रखने से अतिरिक्त नमी निकल जाती हैं और अचार लम्बे समय तक खराब नहीं होता हैं।

— केरी का अचार सूखे जार में ही भरे तथा सफाई का पूरा ध्यान रखें। इससे अचार लम्बे समय तक ख़राब नहीं होगा।

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