गुझिया बनाने की आसान विधि – How to make Gujhiya

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गुझिया  Gujhiya  होली पर विशेष रूप से बनाई जाने वाली मिठाई है। यह कुरकुरी और मीठी मिठाई मुंह में रखते ही एक अनोखा स्वाद

मुंह में घोल देती है। इसे गुजिया  gujiya , घूघरा  Ghughra और करंजी Karanji  के नाम से भी जाना जाता है। इसे बनाने का तरीका इस

प्रकार है :-गुझिया

 

गुझिया बनाने की विधि :

कृपया ध्यान दे : किसी भी लाल रंग से लिखे शब्द पर क्लीक करके उसके बारे में विस्तार से जान सकते हैं। 

 

गुझिया बनाने की सामग्री

 

ऊपर की परत के लिए

मैदा                                         250 ग्राम

घी                                               75 ग्राम

पानी                           जरुरत के अनुसार

 

गुझिया के भरावन के लिए

 

मावा                                    100  ग्राम

नारियल बुरादा                       50  ग्राम

पीसी हुई चीनी                      100  ग्राम

इलायची                                4 -5  नग

काजू                                  10 -12 नग

चिरोंजी                                  2  चम्मच

किशमिश                               2 चम्मच

 

तलने के लिए

तेल                         लगभग 500  मिली

 

गुझिया कैसे बनायें

 

—  एक बड़े बर्तन में मैदा लें। घी को पिघलाकर मैदा में हाथ से अच्छी तरह मिला लें।

—  मैदे में घी मिलाने के बाद थोड़ा थोड़ा पानी मिलते हुए सख्त आटा गूंथ ले और गीले मलमल के कपड़े से ढककर आधा घण्टे के  लिए

रख दें।

—  इलायची को छीलकर पीस लें।

—  काजू बादाम को बारीक-बारीक काट लें।

—  कढ़ाई में मावा डालकर हिलाते हुए धीमी आंच पर मावे को सेक लें ।

—  सिके हुए मावे को प्लेट में निकाल लें और थोड़ा ठंडा होने दें।

—  जब मावा थोड़ा ठंडा हो जाए तब इसमें नारियल बुरादा व पिसी चीनी मिला लें।

—  काजू, बादाम , चिरोंजी व किशमिश डालकर सारे मिश्रण को अच्छी तरह मिला लें।

—  मैदे को हाथ से अच्छी तरह मैश करे व छोटी छोटी लोई बना ले।  इस आटे से लगभग 20 -25 लोई बन जाएगी।

—  मैदे की लोई से 4 इंच बड़ी पतली गोल पूरी बेल लें।

—  गुंजिया साँचे (gujiya mold ) में थोड़ा सा घी या तेल लगाएँ ।

—  गुंजिया के साँचे में मैदे की बेली हुई पूरी रखें।

—  सांचे में एक तरफ  एक बड़ा चम्मच मावे वाला मिश्रण पूरी के ऊपर रखें।

—  पूरी के किनारों पर पानी लगाकर पूरी का दूसरा भाग भी इस पर रख दें।

—  मोल्ड को बन्द करके दबा दें। साइड का बचा हुआ आटा हटा दें।

—  एक बार और अच्छी तरह मोल्ड को दबा ले ताकि गुजिया के सिरे अच्छी तरह बन्द हो जाये अब मोल्ड को धीरे से खोल लें।

—  ध्यान पूर्वक गुजिया को निकाल कर किसी बटर पेपर या प्लेट में  रख ले।

—  बाकि बची हुयी गुजिया भी इसी तरह बना लें।

—  इन गुजिया को मलमल के कपड़े से ढक कर रखें ताकि सूखे नहीं।

—  जब सारी गुजिया बन जाये तब इन्हें एक बार पलट दें। इन्हें ढ़का हुआ ही रहने दें।

—  तलने लिए कढाई में तेल चढ़ाए।

—  तेल गर्म होने पर थोड़ा सा मैदे के आटे का टुकड़ा तेल में डालकर देखे , यदि तेल में डालते ही मैदे का टुकड़ा तुरन्त ऊपर आ जाता है तो

समझें कि तेल गर्म हो गया हैं।  अब गैस को एकदम धीमा कर दें।

—   एक-एक करके धीरे धीरे जितनी गुजिया आराम से तेल में आ जाए उतनी गुझिया इस तेल में डाल दें।

—  जब गुजिया पककर ऊपर आने लगे तब गुजिया को पलट दें। गैस की आंच थोड़ी तेज करके मध्यम कर दें।

—  थोड़ी देर बाद गैस वापस धीमा कर दें और दो तीन बार  पलटते हुए सुनहरी होने तक तल लें।

—  गुजिया को धीमी व मध्यम आंच पर तलना चाहिए। इन्हें डीप फ्राई करना हैं।

—  सुनहरी होने पर गुजिया को निकाल कर टिशू पेपर पर रखें।

—  आपकी स्वादिष्ट कुरकुरी गुजिया तैयार हैं।

—  ठंडी होने पर कंटेनर में भर कर रखें।

 

गुझिया बनाते समय ध्यान रखने योग्य बातें

 

—  मैदे में मोयन यानि घी का सही माप में होना बहुत आवश्यक है। यदि मोयन कम हुआ तो गुझिया क्रिस्पी नहीं बनेगी और यदि ज्यादा हो

गया तो गुजिया तलते समय फट सकती हैं अतः दी गई मात्रा में ही डालें।

—  मोयन के लिए घी को पिघलाकर ही डाले ताकि मोयन में घी की मात्रा सही रहे।

—  मोयन डालने के बाद हाथ से अच्छी तरह जरूर मिलाए।

—  मावा सेकते समय नीचे चिपके नही इसका ध्यान रखें।

—  मावे को नमी पूरी तरह सूखने तक पकाएँ। इससे गुंजिया जल्दी खराब नहीं होगी और पन्द्रह दिन तक काम में ले पायेगे।

—  करंजी या गुझिया के लिए पूरी पतली बेलनी चाहिए।

—  गुझिया बनाते समय किनारों पर पानी लगाकर अच्छी तरह बन्द करना चाहिए ताकि गुजिया तलते समय तेल में खुले नहीं।

—  आप चाहे तो गुजिया घी में भी तल सकते है।

—  तलते समय धीरे से ध्यान पूवर्क पलटे ताकी गुझिया फटे नहीं।

—  गुजिया धीमी और मध्यम आंच पर तलने से क्रिस्पी बनती है। अतः आंच तेज ना रखें।

—  मेवे आप अपनी पसन्द के अनुसार डाल सकते हैं।

—  साँचा न हो तो गुझिया हाथ से भी बनाई जा सकती है। लेकिन उससे गुझिया की साइज और बनावट थोड़ा फर्क आ सकता है।

 

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