चाशनी कैसे और कितने तार की बनायें – Chashni kaise kitne tar ki

चाशनी Chashni  बनाने की जरुरत रसोई में पड़ती रहती है। चीनी में पानी मिलाकर गर्म करने से पूरी चीनी घुलने और उबलने पर जो घोल

तैयार होता है , उसे ही चाशनी कहते हैं। कई प्रकार के व्यंजन और मिठाई बनाने के लिए चाशनी बनाई जाती है। लेकिन हर व्यंजन के लिए

चाशनी कितनी गाढ़ी या पतली होनी चाहिए इसकी जानकारी होना बहुत जरुरी है। चाशनी कितनी गाढ़ी या पतली हो इसे मापने के लिए एक

तार की चाशनी , दो तार की चाशनी जैसे शब्द काम में लिए जाते हैं। ज्यादा तार का मतलब होता है , अधिक गाढ़ापन।

 

 

ज्यादा गाढ़ी चाशनी बनाने से व्यंजन कड़क होता है और पतली रखने से नर्म । गुलाबजामुन जैसी मिठाई के लिए कम तार की चाशनी

पर्याप्त होती है क्योंकि इसे जमाना नहीं होता है। काजू कतली या बेसन चक्की जैसी नर्म मिठाई बनाने के लिए  थोड़ा ज्यादा गाढ़ी चाशनी

चाहिए और शक्कर पारे जैसी मिठाई पर शक्कर की परत चढ़ाने के लिए दो या तीन तार की चाशनी बनाई जाती है। रसगुल्ले की चाशनी में

तार नहीं होते रसगुल्ले की चाशनी बहुत पतली होती है।

 

सही चाशनी बनने पर ही मिठाई अपने सही स्वरुप में आती है वर्ना वास्तविक मिठाई नहीं बन पाती। जैसे गुलाब जामुन की चाशनी दो तार की

बन गई तो गुलाब जामुन कुछ ओर ही बन जायेगा।

 

सही चाशनी बना लेना आपकी कुशलता का परिचायक है। बहुत अनुभव के बाद भी चाशनी बनने में गलती होना बड़ी बात नहीं है। चाशनी

बनाने का तरीका तो बहुत आसान है लेकिन सही समय तक उसे उबालना और गैस बंद करके बनाई गई सामग्री में उसे मिलाना , इसमें

बहुत कुशलता की जरुरत होती है।

 

चाशनी उबलने लगे तब इसमें दूध या फिटकरी मिलाये जाते हैं। इससे चीनी की गन्दगी ऊपर आ जाती है जिसे बाहर निकाल दिया जाता है।

इससे चाशनी का रंग साफ होता है। आइये जानते है चाशनी के बारे में विस्तार से –

 

चाशनी कैसे बनाते हैं

Chashni kaise banti he

 

एक बर्तन में चीनी और पानी मिलाकर गर्म करें। जब पूरी तरह शक्कर गल जाये तो थोड़ी देर उबलने दें। जितने तार की चाशनी बनानी हो

उतनी अधिक देर उबालें फिर गैस बंद कर दें। इस समय आधे या एक तार की चाशनी में केसर या इलायची मिला सकते हैं । चाशनी तैयार है।

 

चाशनी बनाने के लिए कितनी शक्कर और कितना पानी लें

Chashni ke liye kitni shakkar kitna pani

 

चाशनी बनाने के लिए अधिकतर दो भाग चीनी और एक पानी भाग लिया जाता है। जैसे दो कप शक्कर है तो एक कप पानी लेना चाहिए। पानी

थोड़ा ज्यादा हो जाये तो थोड़ा अधिक उबालना पड़ता है ताकि पानी कम हो जाये। यदि चाशनी ज्यादा गाढ़ी हो जाये तो पानी मिलाकर गर्म

करके चाशनी पतली की जा सकती है।

 

चाशनी को साफ करने के लिए क्या मिलायें

chashni saf karne ke liye kya

 

चाशनी को साफ करने के लिए थोड़ा सा दूध या फिटकरी मिलाई जाती है। दो कप शक्कर की चाशनी बना रहे हों तो दो छोटे चम्मच दूध या

एक चुटकी फिटकरी पर्याप्त होती है। जब उबाल आने लगे तब दूध या फिटकरी मिला दें। गन्दगी झाग के रूप में ऊपर आ जाती है इसे झर

कलछुए की सहायता से बाहर निकाल देना चाहिए। चाशनी क्लियर बनती है। इसी अनुपात में जरुरत के अनुसार दूध की मात्रा कम या ज्यादा

कर लें।

 

कितने तार की चाशनी बनानी चाहिए

Kitne tar ki chashni

 

चाशनी आधे तार से तीन तार तक की बनाई जाती है। जितने कम तार उतनी पतली चाशनी बनती है या जितने ज्यादा तार उतनी अधिक

गाढ़ी चाशनी होती है। जितना अधिक उबालते हैं उतने तार अधिक होते चले जाते हैं। शुरू में चाशनी में एक तार बनने में थोड़ा समय लगता

है , लेकिन इसके बाद एक तार से दो तार और दो तार से तीन तार होने में अधिक समय नहीं लगता अतः सावधान रहना चाहिए अन्यथा चाशनी

ज्यादा गाढ़ी होकर मिठाई का स्वरुप बिगाड़ सकती है।

 

चाशनी बनाते समय तार कैसे चेक करें

Chashni ka tar kaise dekhe

 

चाशनी जब थोड़ी गाढ़ी दिखने लगे तो , गैस सिम कर दें। अब चम्मच की सहायता से एक-दो  बूँद चाशनी , एक छोटी साफ प्लेट में डालें।

थोड़ी ठंडी होने पर तर्जनी अंगुली में इसे लें। अब इसे अंगूठे और तर्जनी अंगुली के बीच चलायें। यानि तर्जनी अंगुली और अंगूठे के पोर

चिपकायें फिर लगभग आधा इंच दूर ले जायें। ऐसा करने से अंगूठे और तर्जनी अंगुली के पौरुओं के बीच चाशनी से बना एक तार जैसा दिखाई

देगा जो तुरंत टूट भी जाता है।  वापस तर्जनी अंगुली और अंगूठा दूर ले जायें। फिर से तार दिखाई देगा।

 

यदि कोई तार जैसा बनता नहीं दिखाई दे तो चाशनी को और पकायें और  फिर चेक करें। ऐसे तीन चार बार करके सही तार बन रहा है या नहीं

यह चेक करें। यदि सही तार बन जाये तो गैस तुरंत बंद कर दें। एक तार की चाशनी बनने के बाद मध्यम आंच पर लगभग पांच मिनट उबालने

से दो तार की चाशनी बन जाती है। एक दो बार के अनुभव के बाद चाशनी बनाना बहुत मुश्किल नहीं होता।

चाशनी के तार ऐसे चेक करें –

 

—  यदि एक तार बन तो रहा हो , लेकिन बहुत जल्दी टूट रहा हो तो यह आधे तार की चाशनी कहलाती है।

 

— यदि एक तार बन रहा हो लेकिन ज्यादा लम्बा तार नहीं बन रहा हो और थोड़ी देर से टूट रहा हो तो एक तार की चाशनी बन चुकी है।

 

—  यदि दो तार बन रहे हों और जल्दी टूट रहे हों तो यह डेढ़ तार की चाशनी होती है।

 

—  ये दो तार नजर आते हो और जल्दी नहीं टूटते है तो दो तार की चाशनी बन चुकी है।

 

—  यदि प्लेट में चाशनी की बूँद डालते ही वह जम कर कड़क हो जाये तो यह तीन तार की चाशनी बन चुकी है।

 

कितने तार की चाशनी कौनसी मिठाई में

Mithai me kitne tar ki chashni

 

आधे तार की चाशनी – aadhe tar ki chashni

 

जब चाशनी को बिल्कुल तरल के रूप मे रखनी हो या किसी मिठाई में चाशनी रमानी हो ( पिलानी हो ) तो आधे तार की चाशनी बनाई जाती

है। फीणी , घेवर आदि को मीठा करने के लिए यह चाशनी उपयुक्त होती है। जलेबी इसी मे डूबोकर मीठी की जाती है। गुलाब जामुन ,

रसगुल्ला ,  इमरती , मालपुआ , मुरब्बा , मावे की कचौरी आदि के लिए भी यह चाशनी ही उपयुक्त होती है। यह चाशनी बिल्कुल भी जमती

नहीं है , पतली ही रहती है।

 

एक तार की चाशनी – Ek tar ki chashni

 

जब कोई मिठाई सॉफ्ट रखते हुए चक्की के रूप में जमानी होती है तो एक तार की चाशनी बनाई जाती है। जैसे मोहन थाल , बेसन चक्की ,

काजू कतली , नारियल के लडडू , बादाम बर्फी , अड़दिये , मीठी बूंदी या बूंदी के लडडू ,

 

दो तार की चाशनी – Do tar ki chashni

 

किसी मिठाई के ऊपर शक्कर की परत चढाने के लिए यह चाशनी बनाई जाती है जैसे गुझिया , पेठा , शक्कर पारा , बालूशाही।

 

तीन तार की चाशनी – Teen tar ki chashni

 

यह तुरंत जमने वाली चाशनी है अतः फुर्ती से काम करना पड़ता है अन्यथा यह बर्तन में ही जम जाती है।

इसे मिठाई के लिए कम ही काम लिया जाता है।  यह बूरा , बताशा , लाई , खील , धानी , आदि के लिए बनाई जाती है

 

सर्दी और गर्मी के मौसम में चाशनी बनाने में फर्क

 

—  सर्दी के मौसम में घी के कारण भी मिठाई जमती है अतः थोड़ी पतली रह जाये  चक्की जम जाती है। लेकिन गर्मी के मौसम में चाशनी

बिल्कुल सही तार वाली बननी जरुरी होती है।

—  गर्मी के मौसम में चाशनी जल्दी नहीं जमती आप आराम से काम कर पाते हैं लेकिन सर्दी के मौसम में चाशनी तुरंत जमना शुरू हो जाती

है  , इसलिए आपको थोड़ी फुर्ती दिखानी पड़ती है।

 

चाशनी कभी थोड़ी पतली या गाढ़ी रह जाये तो चिंता नहीं करनी चाहिए। इसे ठीक भी किया जा सकता है। जैसे –

—  सामग्री में मिलाने के बाद लगे की चाशनी पतली रह गई है तो सामग्री को कढ़ाई में डाल कर मध्यम आँच पर थोड़ी देर पका लें फिर जमा

दें। आसानी से जम जाएगी।

—  गुलाब जामुन डालने के बाद लगे की चाशनी पतली रह जाती है तो गुलाब जामुन बाहर निकाल कर चाशनी थोड़ी देर उबाल कर गाढ़ी कर

लें फिर गुलाब जामुन डाल दें।

—  यदि लगे की चाशनी ज्यादा गाढ़ी हो गई है तो इसमें थोड़ा पानी मिलाकर उबाल लें। चाशनी पतली हो जाएगी।

 

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