दाँतों में ब्रश करने का सही तरीका – Brush teeth correctly

दाँतों में ब्रश तो सभी करते हैं लेकिन फिर भी कभी कभी  दाँतो और मसूड़ों की परेशानी का सामना करना पड़ता है। हो सकता है कि

इसका कारण यह हो कि ब्रश सही तरीके से नहीं हो रहा है। यह भी संभव है कि टूथपेस्ट अथवा टूथब्रश से सम्बंधित कुछ बदलाव करने की

जरुरत हो।

दाँतों में ब्रश

 

सही तरीके से ब्रश होना सिर्फ दाँत और साँस की बदबू के लिए ही जरुरी नहीं है बल्कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक होता है।

इससे दाँत में कीड़ा लगने से तथा मसूड़ों में संक्रमण या खून आने से बचाव होता है।

आइये जानें दाँतों में ब्रश करने सम्बन्धी जरुरी बातें।

 

टूथ ब्रश कैसा होना चाहिए -.

 

कुछ लोग हार्ड ब्रिसल वाला टूथब्रश काम लेते हैं और उससे दाँतों में ब्रश ताकत से दबा कर करते हैं। यह गलत है। इससे दाँतों का इनेमल

घिस जाता है और दाँत के जल्दी ख़राब होने की संभावना बढ़ जाती है या ठंडा गर्म दाँतों में लगने लगता है। इसके अलावा इससे मसूड़ों को

भी क्षति पहुंचती है जिससे उनमे भी संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। दाँतों से रोजाना प्लाक हटाने के लिए नरम ब्रिसल ही काफी होता है।

यदि प्लाक जम कर हार्ड हो गया है तो यह हार्ड ब्रिसल वाले ब्रश से भी साफ नहीं होता। उसे डेंटिस्ट ही साफ कर सकता है।

 

अतः टूथब्रश हमेशा नरम ब्रिसल्स वाला काम में लेना चाहिए । ब्रश दाँतो से प्लाक और खाने के कण निकालने में सक्षम होना चाहिए। टूथब्रश

की बनावट ऐसी होनी चाहिए कि उसे मुँह में चलाने में दिक्कत नहीं हो , और आसानी से  पीछे के दाँतों की भी सफाई कर सके। अक्सर पीछे

के दाँतो की सफाई सही तरीके से नहीं होने से वहाँ कैविटी बन जाती है।

 

टूथब्रश कब बदलें

 

ब्रश के ब्रिसल्स कुछ समय बाद ख़राब हो जाते हैं। फिर ये अच्छी तरह सफाई नहीं कर पाते। कुछ ब्रिसल्स मुड़ जाते हैं  जो सफाई अच्छे से

नहीं कर पाते और कुछ ब्रिसल्स घिस कर तीखे और नुकीले हो जाते हैं जो मसूड़ों को खरोंच डालते हैं। इसके अलावा समय के साथ ब्रश में

हजारों तरह के माइक्रोब्स पैदा हो जाते है जो इन्फेक्शन फैलाते हैं। अतः जब भी ब्रिसल्स टूटे हुए , मुड़े हुए या तीखे हो जाएँ तो ब्रश बदल देना

चहिये। डेंटिस्ट के अनुसार तीन चार महीने में टूथ ब्रश जरूर बदल लेना चाहिए।

 

ब्रश पर पेस्ट कितना लगायें

 

अधिकतर टूथपेस्ट के विज्ञापन में पेस्ट ब्रश पर एक सिरे से दूसरे सिरे तक भर कर लगाते हुए दिखाया जाता है , वास्तव में इतना सारा पेस्ट

लगाने की जरुरत नहीं होती है ,अधिक पेस्ट लगाने से नुकसान ही होता है। अधिक पेस्ट के कारण मुंह झाग से भर जाता है जो दिक्कत देता है।

और ब्रश सही तरीके से नहीं हो पाता। मुंह में अधिक झाग बनने पर उसे निगल लेने की संभावना भी बन जाती है। फ्लोराइड युक्त पेस्ट पेट में

जाना  नुकसानदेह हो सकता है। अतः ब्रश पर सिर्फ मटर के दाने जितना ही पेस्ट लगायें। सफाई की तरफ ज्यादा ध्यान दें।

 

ब्रश कितनी देर तक करें

 

ब्रश से बहुत ज्यादा दाँतों को घिसने से दाँतों का इनेमल नष्ट होता है। ब्रश करने का उद्देश्य पिछले दिन जमा हुआ प्लाक हटाना तथा दाँतों के

बीच जमा भोजन के कण हटाना होना चाहिए। कुछ लोग समझते है कि अधिक घिसने से दाँत सफ़ेद होते है। यह ग़लतफ़हमी मन से निकाल

देनी चाहिए। सभी दाँतों को चारों तरफ से और उनके बीच की जगह साफ करने के लिए दो तीन मिनट बहुत होते हैं।

 

दाँतों पर ब्रश कैसे चलायें

 

कुछ लोग ब्रश को मसूड़ों के समानांतर चलाते है जो गलत है। दाँतों पर ब्रश आड़ा नहीं चलाना चाहिए। ब्रश को हल्के दबाव के साथ

ऊपर नीचे और गोलाकार में चलायें। दाँतों के बीच की जगह में ही ज्यादातर भोजन का कण या प्लाक होता है। अतः वहाँ की सफाई पर

अधिक ध्यान होना चाहिए। ब्रश को मसूड़ों से 45 डिग्री के एंगल पर रखकर गोलाकार चलाने से अच्छी सफाई होती है।

बत्तीसी को चार हिस्सों में बाँट कर प्रत्येक हिस्से को चारों तरफ से लगभग 30 सेकंड तक साफ करें।

अंदर की तरफ ऊपर और नीचे के दाँतों पर ब्रश को खड़ा करके चलायें। डेंटिस्ट के अनुसार अधिकतर लोग दाँतों को अंदर की तरफ से

साफ करने पर ध्यान नहीं देते।

 

जीभ कैसे साफ करें

 

जीभ को भी ब्रश की सहायता से साफ किया जा सकता है। ब्रश को हल्के हाथ से जीभ पर चलायें। इससे जमा गन्दगी साफ हो जाएगी।

जीभ साफ करके के लिए स्टील और प्लास्टिक की जीभी मिलती है। इससे जीभ साफ की जा सकती है। लेकिन जीभ के टिशू को नुकसान

नहीं हो इसका ध्यान रखना चाहिए।

 

कुल्ला कैसे करें

 

ब्रश के बाद कुल्ला करें। इसके लिए मुंह में थोड़ा पानी भरकर मुंह में घुमाएं और फिर थूंक दें। ऐसा तीन चार बार करें। बहुत अधिक कुल्ला न

करें। अन्यथा टूथपेस्ट के फ्लोराइड का असर कम हो जाता है। कुल्ला नहीं करना भी ठीक नहीं होता है क्योंकि फ्लोराइड पेट में जाने से

नुकसान करता है।

 

टूथब्रश को कैसे रखें

 

काम में लेने के बाद ब्रश को अच्छे से धो लेना चाहिए। इसे उसमे लगा पेस्ट भी साफ हो जायेगा और बैक्टीरिया भी साफ हो जायेंगे। फिर उसे

ऐसी अवस्था में रखें की वह सूख जाये। ब्रश का मुंह ऊपर की तरफ करके रखें। इसे ढकें नहीं , ताकि यह अच्छे से सूख जाये और इसमें

बैक्टीरिया ना पनपें।

 

दिन में कम से कम दो बार ब्रश जरूर करना चाहिए। एक बार सुबह उठने के बाद और एक बार रात को सोने से पहले। यदि एक और बार

ब्रश कर सकें तो बहुत ही अच्छा है।

 

दाँतों में फ्लॉस

 

यदि दाँतों के बीच ऐसी जगह हो जहाँ ब्रश के ब्रिसल्स नहीं पहुँच पाते तो वहाँ फ्लॉस का उपयोग करना चाहिए। दाँतों के बीच की सफाई के

लिए यह विशेष प्रकार का प्लास्टिक का नरम धागा होता है। यह मेडिकल स्टोर पर आसानी से मिल जाता है। इससे सफाई करने का तरीका

सीख कर इसका उपयोग करना चाहिए।

 

 

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