दालचीनी क्यों है सर्वश्रेष्ठ मसाला – Why Cinnemon is The Best

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दालचीनी Dalchini ( Cinnamon ) एक विशेष प्रकार के पेड़ सिनेमोमम के अंदर की छाल होती है। इसका पेड़ छोटा और सदाबहार होता है।  दक्षिण भारत और श्रीलंका में यह पेड़ बहुतायत में पाए जाते है।


दालचीनी के अलग प्रकार के मीठे स्वाद , खुशबू तथा लाभदायक गुणों के कारण इसका उपयोग खाने पीने की सामग्री में किया जाता है। मसाले के रूप में दालचीनी का उपयोग हजारों सालों से होता आ रहा है।

दालचीनी एक समय में सोने से भी ज्यादा मूल्यवान हुआ करती थी। लेकिन अब यह आसानी से हर दुकान पर सस्ते में ही मिल जाती है। इसे तवाक भी कहते है। अंग्रेजी में इसे सिनेमन  Cinnamon के नाम से जाना जाता है।

दालचीनी

सिनेमोमम नाम के पेड़ को काट कर उसके अंदर की छाल को निकाल कर सुखाया जाता है। सूखने पर यह वैसी हो जाती है जो हमें बाजार में मिलती है। इसे पीस कर या साबुत ही रसोई  में मसाले के रूप में काम लिया जाता है।

इसका अलग प्रकार का स्वाद और खुशबु इसमें मौजूद सिनेमेल्डीहाइड नामक तत्व के कारण होता है। यह तत्व शरीर के लिए बहुत लाभदायक होता है। बाजार में दो प्रकार की दालचीनी अधिक मिलती है।

सीलोन दालचीनी-Ceylon Cinnamon : यही असली दालचीनी होती है। यह सबसे अच्छी क़्वालिटी की Dalchini  है। इसमें कुमेरिन नामक तत्व की मात्रा बहुत कम होती है। दालचीनी का सही फायदा इसी से मिलता है।

कैसिया दालचीनी-Cassia Cinnamon : कैसिया दालचीनी चीन व इंडोनेशिया में पाई जाती है जो दालचीनी से मिलती जुलती दिखाई पड़ती है , लेकिन यह एक प्रकार की नकली दालचीनी है ।

यह Dalchini  अधिकतर बाजार में सस्ती मिल जाती है। इसमें कुमेरिन नामक तत्व होता है। कैसिया दालचीनी  को स्वास्थ्य प्राधिकरण ने नुकसानदायक बताया है। कुमेरिन तत्व लीवर तथा दुसरे अंगों को हानि पंहुचा सकता है। अतः इस Dalchini  का अधिक उपयोग नहीं करना चाहिए।

दालचीनी

असली और नकली दालचीनि की पहचान

Asli Nakli Dalchini

—  असली दालचीनि  हल्के भूरे रंग की होती है। नकली दालचीनि गहरे भूरे रंग की होती है।

—  असली दालचीनि की गंध सौम्य होती है। नकली दालचीनि की गंध तीखी होती है।

—  असली दालचीनि के रोल सिगार की तरह भरे हुए होते है। नकली दालचीनि के रोल खोखले होते है यानि बीच में से खाली।

—  असली दालचीनी पतली और नाजुक होती है। नकली दालचीनी मोटी व मजबूत होती है।

—  असली दालचीनी का स्वाद मीठा होता है। नकली दालचीनी का स्वाद मीठा नहीं होता है।

दालचीनी के पोषक तत्व – Cinnemon Nutrients

कृपया ध्यान दे : किसी भी लाल रंग से लिखे शब्द पर क्लीक करके उसके बारे में विस्तार से जान सकते हैं। 

दालचीनी में एमिनो एसिड तथा एंटीऑक्सीडेंट प्रचुरता से भरे होते है। इसमें फाइबर , मेगनीज, आयरन , कैल्शियम , और विटामिन K भरपूर मात्रा में होते है। इसके अतिरिक्त इसमें कॉपर ,पोटेशियम , मैग्नीशियम , फास्फोरस तथा विटामिन E , विटामिन A , विटामिन C और विटामिन B 6 भी पाए जाते है।

दालचीनी में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट पोलीफेनोल , फेनोलिक एसिड और फ्लेवोनॉइड बहुत फायदेमंद होते है।दुनिया भर में पाए जाने वाले मसाले या जड़ी बूटी मे से  Dalchini  में सर्वश्रेष्ठ तथा अधिक मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए गए है। इसके एंटीऑक्सीडेंट ह्रदय रोग का खतरा कम करते है , दिमाग को दुरुस्त रखते है तथा कैंसर से बचाते है।

दालचीनी के फायदे – Benefits of Cinnamon

Dalchini ke fayde

ह्रदय के लिए हितकारी

Dalchini  के विशेष तत्व शरीर में टोटल कोलेस्ट्रॉल , हानिकारक LDL कोलेस्ट्रॉल तथा ट्राई ग्लिसेराइड को कम करते है। लेकिन फायदेमंद कोलेस्ट्रॉल HDL को कम नहीं करते । इसलिए यह ह्रदय के लिए बहुत लाभदायक सिद्ध होती है। यह ब्लड प्रेशर को कम करती है।

बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर ह्रदय रोग का कारण बन सकता है। यह रक्त का थक्का बनने से रोकती है। यह रक्त संचार बढाती है तथा शरीर के क्षतिग्रस्त टिशू की मरम्मत करने की क्षमता को बढाती है। दालचीनी की यह विशेषता भी ह्रदयरोग से बचाव में महत्त्व रखती है।

दो चम्मच शहद और चौथाई चम्मच दालचीनी का पाउडर मिलाकर चपाती पर घी की जगह लगाकर नियमित कुछ दिन खाने से कोलेस्ट्रॉल कम हो सकता है।

डायबिटीज

डायबिटीज रोग में Dalchini लाभदायक होती है। यह रक्त में शक्कर की मात्रा बढ़ाने में मदद करने वाले तत्व एलेनिन के अवरोधक के रूप में काम करती है। भोजन में  Dalchini  होने पर मीठा खाने पर भी  इससे रक्त में शक्कर की मात्रा उतनी नहीं बढ़ पाती जितनी Dalchini नहीं हो तो बढ़ सकती है ।

यह इन्सुलिन को कंट्रोल करती है जो मेटाबोलिज्म तथा एनर्जी को बनाये रखने के लिए महत्त्वपूर्ण होता है। इस प्रकार डायबिटीज वालों के लिए Dalchini  का उपयोग लाभदायक सिद्ध हो सकता है। डायबिटीज के बारे में विस्तार से जानने के लिए यहाँ क्लीक करें

एक कप पानी में चौथाई चम्मच दालचीनि पाउडर डालकर उबाल लें । छान कर गुनगुना पियें। रोजाना सुबह इसे पीना डायबिटीज में लाभदायक होता है। शुगर लगातार चेक कराते रहें।

दिमाग

दिमाग के लिए Dalchini  बहुत फायदा करती है। दालचीनी के तत्व दिमाग की कोशकाओं को नष्ट होने से बचाते है। इसके लगातार उपयोग से बढ़ती उम्र के कारण होने वाली दिमाग की कमजोरी से बचाव होता है। दालचीनि के उपयोग से स्मरण शक्ति बढ़ती है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता

Dalchini  में प्राकृतिक रूप से एंटी-बायोटिक , एंटी-फंगल , एंटी-वायरल , तथा एंटी-माइक्रोबाइल गुण पाए जाते है। इस वजह से हर प्रकार के रोगों से बचाने में सक्षम होती है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है।

मुंह की बदबू  , दाँत और मसूड़े

मुंह में बदबू पैदा करने वाले बेक्टिरिया को नष्ट करके बदबू मिटाती है। दाँत और मसूड़ों की रक्षा करती है। इसके एंटी बैक्टीरियल असर के कारण मुंह को तरोताजा रखने में Dalchini किसी भी अन्य औषधि से अधिक प्रभावकारी सिद्ध हो सकती है।

इन गुणों तथा इसकी भीनी भीनी खुशबु की वजह तथा इसका उपयोग कई प्रकार के कॉस्मेटिक , शेम्पू और परफ्यूम आदि में किया जाता है।

त्वचा

त्वचा को रैशेज़ , जलन , एलर्जी आदि से बचाती है। दालचीनी का तेल लगाने से स्किन पर होने वाली जलन , सूजन , दर्द आदि में कमी आती  है। अक्सर दालचीनि और शहद को मिलाकर स्किन के स्वास्थ्य के लिए उपयोग में लाया जाता है। इससे फोड़े फुंसी , मुँहासे आदि मिटते है और त्वचा निरोगी रहती है।

सर्दी जुकाम

दालचीनि की तासीर गर्म होती है। सर्दी जुकाम में इससे उपयोग से फायदा मिलता है।

एक चम्मच शहद में दो चुटकी दालचीनि का पाउडर मिलाकर दिन में दो बार लेने से सर्दी जुकाम में राहत मिलती है।एक गिलास पानी में 1 ग्राम दालचीनि का पाउडर , 3 ग्राम मुलहठी का चूर्ण और 3 पिसी इलायची डालकर उबालें।

आधा रह जाये तब छान कर मिश्री मिलाकर पियें। इसे सुबह शाम पीने से सर्दी , जुकाम , साइनस आदि की परेशानी दूर होती है।

गठिया , जोड़ों का दर्द

आधा चम्मच दालचीनी का पाउडर , एक चम्मच शहद और दो चम्मच गुनगुना पानी मिलाकर जोड़ों की मालिश करने से गठिया के दर्द में बहुत आराम मिलता है।

सिगरेट , गुटखे की लत

एक चम्मच शहद में एक चम्मच दालचीनी का पाउडर मिलाकर रख लें। जब भी सिगरेट पीने की या गुटखा खाने आदि नशे की इच्छा हो , इसमें से थोड़ा सा चाट लें। इससे सिगरेट और गुटके की लत छूट सकती है। मन को भी मजबूत बनायें।

यौन शक्ति में कमी

दालचीनी का पाउडर चौथाई चम्मच सुबह और चौथाई चम्मच शाम को दूध के साथ लेने से यौन शक्ति में वृद्धि होती है। आधा चम्मच दालचीनी के पाउडर में पानी मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को रात को सोते समय लिंग पर लगाएं। लिंग मुंड पर ना लगाएं। कुछ दिन यह प्रयोग करने से लिंग में मजबूती आती है।

अनिद्रा

एक कप पानी  मे आधा चम्मच दालचीनी डालकर उबालें। इसे छान कर इसमें बताशा डाल कर पीने से नींद नहीं आने की समस्या दूर होती है।

हिचकी

आधा कप पानी में चार बूँद दालचीनी का तेल डालकर पीने से हिचकी बंद होती है। दालचीनी का टुकड़ा मुंह में रखकर चूसने से हिचकी में आराम आता है।

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