पिस्ता क्यों जरूर खाना चाहिए शादीशुदा पुरुष को – Pista Benefits

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पिस्ता Pista मेवों में एक अलग ही स्थान रखता है। आजकल त्योहारों आदि के अवसर पर घर पर आये मेहमान का मिठाई की जगह मेवों से स्वागत किया जाता है जिसमे नमकीन पिस्ता अवश्य होता है।

इसका स्वाद सभी को बहुत पसंद आता है। मिठाई आदि को सजाने के लिए पिस्ता कतरन का उपयोग किया जाता है।
पिस्ता से तेल भी निकाला जाता है जो कि पारंपरिक मसाज थेरेपी , एरोमा थेरेपी , दवा बनाने तथा कॉस्मेटिक आदि में काम लिया जाता है।

इसके बाहर के कड़क छिलके को हटाकर गिरी को खाने में काम लिया जाता है। पिस्ता की तासीर Pista ki taseer गर्म होती है। पित्त प्रकृति वालों को ध्यान रखना चाहिए।

पिस्ता

यह पेड़ पर लगने वाला मेवा है। दुनिया में सबसे अधिक पिस्ता ईरान में पैदा होता है। इसके अलावा अमेरिका , सिरिया , तुर्की तथा चाइना भी Pista पैदा करने वाले प्रमुख देश है।

अलग जगह पैदा होने वाले पिस्ता के गुण में थोड़ा फर्क हो सकता है। जैसे ईरान में पैदा होने वाले पिस्ता में लिनोलिक एसिड अधिक होता है जबकि तुर्की के पिस्ता में कैल्शियम अधिक होता है।

पिस्ते का पेड़ लगाने के बाद 8 से 10 साल में फल देना शुरू करता है। एक बार फल लगना शुरू होने के बाद बहुत सालों तक फसल मिलती रहती है। पिस्ते का बाहर का कठोर छिलका गिरी को फफूंद और कीड़े लगने आदि से बचाता है।

पिस्ता के पोषक तत्व – Pistachio Nutrients

Pista me labhdayak tatv konse hote he

पिस्ता पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें मोनो तथा पोली अनसेचुरेटेड फैट होते है। पिस्ता में अन्य मेवों की तुलना में फैट कम मात्रा में होता है लेकिन पोटेशियम , विटामिन K , विटामिन B 6  विटामिन E तथा कुछ फीटो केमिकल्स आदि अधिक मात्रा में होते है। Pista में काजू अखरोट , बादाम आदि मेवों से कम केलोरी होती है।

यह प्रोटीन , खनिज और फाइबर से भरपूर होता है। मेवों में सबसे अधिक प्रोटीन की मात्रा इसी में होती है।केल्शियम,  रिबोफ्लेविन , फोलेट , आयरन , मैग्नेशियम , मेगनीज ,फास्फोरस , जिंक आदि यह अच्छा स्रोत है। नियमित 8 -10  पिस्ते खाने से इसके सारे लाभ लिए जा सकते है।

कृपया ध्यान दें : किसी भी लाल अक्षर वाले शब्द पर क्लीक करके उस शब्द के बारे में विस्तार से जानें। 

पिस्ता खाने के फायदे – Pistachio Benefits

Pista khane se kya hota he

ह्रदय के लिए

पिस्ता ओलेइक मोनो अनसेचुरेटेड फैटी एसिड तथा एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत होता है। इसके नियमित उपयोग से रक्त में LDL नामक नुकसान देह कोलेस्ट्रॉल कम होता है और लाभदायक HDL नामक कोलेस्ट्राल में वृद्धि होती है। इसलिए ह्रदय के लिए Pista बहुत फायदेमंद होता है।

वजन कम करने के लिए

पिस्ता वजन कम करने में सहायक होता है। यह कम केलोरी , अधिक प्रोटीन , तथा अधिक अनसेचुरेटेड फैट के कारण वजन नियंत्रण में रखने के लिए बेहतर विकल्प साबित होता है। अन्य मेवों की अपेक्षा इसमें बहुत कम केलोरी होती है।

त्वचा के लिए

पिस्ते के नियमित उपयोग से त्वचा का रूखापन दूर होता है। विटामिन E की भरपूर मात्रा के कारण  पिस्ते का तेल भी त्वचा के लिए बहुत अच्छा होता है। यह एक शानदार प्राकृतिक मोइश्चराइज़र है। इसे तेल को त्वचा पर लगाने से त्वचा मुलायम और चमकदार बनती है।

पाचन तंत्र के लिए

पिश्ते में पर्याप्त मात्रा में फाइबर होने के कारण यह आंतो की सफाई करके पाचन में मदद करता है। इसमें कॉपर की भरपूर मात्रा होती है। कॉपर मेटाबोलिज्म और लाल रक्त कण बनने के लिए जरुरी होता है। इस तरह यह शरीर की ताकत बनाये रखने में मदद करता है।

यौन सम्बन्ध के लिए

पिस्ता पुरुष को यौन संबंध के लिए भरपूर ताकत देता है। दो तीन सप्ताह तक लगातार पिस्ता खाने से लिंग में रक्त का प्रवाह बढ़ता है तथा लिंग में कठोरता आती है। यह लिंग के अल्ट्रा साउंड परिक्षण से भी साबित हो चुका है।

शादीशुदा लोगों को सर्दी के मौसम में पिस्ता वाले दूध का सेवन अवश्य करना चाहिए। इससे यौन शक्ति बढ़ती है तथा संतुष्टि मिलती है।

पिस्ता

डायबिटीज के लिए

डायबिटीज में पिस्ता से लाभ मिलता है। डायबिटीज के कारण भोजन में मौजूद प्रोटीन शरीर को प्राप्त नहीं हो पाते है। Pista खाने से यह समस्या दूर हो सकती है। चिकित्सक से सलाह करके पिस्ते का सेवन किया जा सकता है।

खून की कमी के लिए

पिश्ते में कॉपर होने के कारण यह भोजन में मौजूद आयरन के अवशोषण में मदद करता है। इससे खून की कमी यानि एनीमिया नामक रोग के समय फायदा मिलता है। इसका विटामिन B 6 रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने में मददगार होता है। इसके कारण हीमोग्लोबिन बढ़ सकता है।

अधिक उम्र की परेशानी के लिए

पिश्ते में मौजूद विशेष प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट उम्र बढ़ने के साथ होने वाली मेक्युलर डिज़ीज ( AMD ) के खतरे से बचाते है। इस बीमारी के कारण आँखें कमजोर हो सकती है जिससे पढ़ने लिखने में दिक्कत आने लगती है। यह बीमारी याददाश्त पर भी असर डाल सकती है। Pista  का नियमित सेवन करके इस प्रकार की तकलीफ से बचा जा सकता है।

पिस्ता कैसे खाया जा सकता है – How to eat Pistachio

Pista kaise khana chahiye

पिश्ते का उपयोग  कई तरीके से किया जा सकता है ।

—  पिस्ता गिरी की कतरन को खीर या किसी मिठाई आदि में डाल सकते है या दूध के साथ ले सकते है।

— आजकल रोस्टेड Namkeen Pista  खाने का बहुत चलन है। इसे आप भी खा सकते है। लेकिन इसमें नमक की मात्रा का ध्यान रखना चाहिए।

—  इसे कुकीज़ , केक , आदि में डाल कर खा सकते है।

—  पिस्ता कतरन आइस क्रीम के ऊपर डालकर इसका मजा ले सकते है।

—  सर्दी के मौसम में बनाये जाने वाले पोष्टिक नाश्ते में Pista जरूर मिलाना चाहिए।

—  पिस्ता दही की लस्सी पर सजाकर खाया जा सकता है।

पिस्ता से नुकसान – Be careful

Pista khane ke kya nuksan he

—  पिस्ता की तासीर गर्म होती है। अतः इस बात को ध्यान में रखते हुए गर्मी के मौसम में तथा पित्त प्रकृति के लोगों को इसका उपयोग करते समय सावधानी रखनी चाहिए।

—  किसी किसी को पिस्ते से एलर्जी हो सकती है। यदि पिस्ता खाने से त्वचा में खुजली , साँस लेने में दिक्कत , पेट में दर्द  , उल्टी  या दस्त जैसे लक्षण महसूस होते हो तो हो सकता है कि आपको Pista से एलर्जी हो। ऐसे में इसका उपयोग करते समय सावधानी रखें तथा चिकित्सक  की सलाह के बाद ही पिस्ते का उपयोग करें।

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