बच्चों के लिए घरेलु नुस्खे व उपाय – Home remedies for kids

5594

बच्चों के लिए घरेलु नुस्खे Home remedies for kids  पता होने से छोटी छोटी परेशानियों का घर पर ही इलाज हो सकता है। जब तक बच्चे हँसते खेलते रहते है ,सभी को बहुत प्यारे लगते है।


जब बच्चे रोना शुरू करते है तो परेशानी बढ़ा देते है। उन्हें समझ नहीं आता उन्हें क्या करना चाहिए , वे तकलीफ में तो बस रोना जानते है। बड़ों को उनकी परेशानी का अंदाजा लगाकर उनकी समस्या का हल निकालना पड़ता है।

बच्चों को भी वे सब परेशानी हो सकती है जो बड़ों को होती है। पर कुछ समस्या ऐसी होती है जो सामान्य होती और अधिकतर बच्चों को होती है। इन परेशानियों में घरेलु नुस्खे बहुत काम आते है। ये बच्चों के रोगों के घरेलु उपाय बड़े उपयोगी साबित होते है।

बच्चों के पेट में दर्द – Bachche ke Pet me dard

कृपया ध्यान दें : किसी भी लाल रंग से लिखे शब्द पर क्लीक करके उस शब्द के बारे में विस्तार से जानिए। 

—  बच्चों को पेट दर्द कई कारण से हो सकता है। स्तनपान करने वाला शिशु भी इससे अछूता नहीं है। दूध पिलाने वाली माँ को ऐसे भोजन से परहेज करना चाहिए जो पचने में भारी हों और पेट में गैस पैदा कर सकते हों।

यदि शिशु को पेट दर्द हो रहा है तो पानी में हींग घोलकर उसके नाभि के आस पास ये पानी लगा दें। इससे गैस निकल जाएगी और शिशु रोना बंद कर देगा।

—  चौथाई कप पानी में 15 -20 दाने अजवाइन के डालकर उबाल लें। आधा रह जाने पर थोड़ा सा गुड़ मिला लें।थोड़ा गुनगुना रहने पर आधा चम्मच सुबह , आधा चम्मच शाम को पिलायें ।

पेटदर्द भी ठीक होता है और सर्दी लगी हो तो वो भी मिटती है। सर्दी के मौसम में नहलाने या सिर धोने के बाद इस पानी को पिलाने से सर्दी जुकाम नहीं होते।

बच्चों की गुदा में चूरने कीड़े – guda me churney kide

—  बच्चों को गुदा में चूरने कीड़े की समस्या आम है। इसकी वजह से बच्चे रोते रहते है। ऐसे में थोड़ी सी रुई मिट्टी के तेल में भिगो कर बच्चे  की गुदा में लगा दें। चूरन कीड़े खाने बंद हो जायेंगे और बच्चा आराम से सो जायेगा।

—  थोड़ा सा टेलकम पाउडर ( मिंट वाला या घमौरी वाला नहीं हो ) गुदा पर लगाने से चूरने कीड़े खाने तुरंत बंद हो जाते है।

—  हींग को पानी में घोलकर रुई की मदद से गुदा में लगाने से चुनूने समाप्त हो जाते हैं।

—  अरण्ड के पत्तों का रस कुछ दिन रोज गुदा में लगाने से बच्चों को चुनूने ठीक होते हैं।

बच्चों के कान में दर्द – kan me dard

—  बच्चा यदि कान के पास बार बार हाथ ले जाकर रो रहा हो तो हो सकता है उसे कान में दर्द हो रहा हो। कान में हल्की सी बाफी ( मुँह से गर्म हवा ) देने से उसे आराम मिलेगा।

—  कपडे को गर्म करके कान के पास लाने से सिकाई करने से  कान के दर्द में आराम आता है।

—  लेटकर स्तनपान कराने के कारण कान में इन्फेक्शन होने की सम्भावना बढ़ जाती है अतः इसका ध्यान रखना चाहिए। लेट कर शिशु को स्तनपान नहीं कराएँ।

—  माँ अपने दूध की दो बूँद कान में टपका दे तो शिशु को कान के दर्द में आराम मिलेगा।

बच्चों के दांत निकलते समय – Dant nikal rahe he

बच्चों को दाँत निकलते समय मसूड़ों में बहुत खुजली आती है। बच्चे जो भी हाथ में आये उसे मुँह से चबाकर खुजली मिटाने की कोशिश करते है। ऐसे में निम्न उपाय करने चाहिए।

दाँत निकलना

—  दन्तोदभेदगदान्तक रस नामक गोली किसी आयुर्वेदिक शॉप से ले आएँ। ये गोली पीस कर माँ के दूध में या पानी में मिलाकर सुबह शाम दें। ये गोली पीस कर शहद में मिलाकर बच्चे के मसूड़ों पर लगाएं। बहुत लाभदायक है। दाँत बड़ी आसानी से निकल जाते है।

—  बाजार से “डॉक्टर वडनेरे का टीथिंग सिरप ” लाकर आधा -आधा चम्मच दिन में तीन बार पिलायें। दाँत निकलने में आसानी होती है। ये सिरप बहुत प्रसिद्ध है और बहुत लाभदायक है।

—  गाय के दूध में मोटी सौंफ उबालकर एक -एक चम्मच तीन चार बार पिलाने से दाँत आसानी से निकलते है।

—  यदि बच्चे को टीथर चबाने को दिया हो तो उसकी सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। या ऐसी चीज चबाने को दें जिसको रोज बदल सकें जैसे गीला नारियल का टुकड़ा।

—  मसूड़ों पर दिन में चार पांच बार शहद लगाना चाहिए।

बच्चों को दस्त – Dast

—  जायफल को पानी के साथ घिसें। ये पानी आधा चम्मच सुबह शाम पिलाने से दस्त बंद हो जाते है। इससे सर्दी भी मिटती है।जायफ़ल —  दूध पीने से जिन बच्चों को उल्टी और दस्त की परेशानी होती हो उन्हें सेब का रस दिन में तीन बार पिलाना चाहिये। सेब का रस, मरोड़ चलकर होने वाले दस्त में भी बहुत आराम देता है।

सेब छिलके हटा कर काम लेनी चाहिए। सेब के टुकड़े करके दूध में उबाल कर इस दूध को पीने से गर्मी में होने वाले दस्त ठीक होते है।

—  दूध में संतरे  का रस मिलाकर पिलाने से बच्चों को दस्त में आराम आता है। इस दूध को रखना नहीं चाहिए।

—  अनार की छाल घिसकर पिलाने से बच्चों के दस्त ठीक होते है।

—  एक कप पानी में एक चम्मच सौंफ डालकर उबालें। आधा रह जाये तब छानकर ठंडा होने दें। ये पानी दो-दो चम्मच तीन चार बार पिलाने से दस्त , पेचिश , मरोड़ आदि ठीक हो जाते है।

—  पका हुआ केला मसल कर खिलाने से दस्त ठीक होते है। दो साल से अधिक उम्र के बच्चों को दही और चावल खिलाने चाहिए।

—  नमकचीनी का घोल लगातार पिलाना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी नहीं हो।

बच्चा बिस्तर में पेशाब करता है – Bistar me peshab

—  सोने से पहले बच्चे को पेशाब कर लेने की आदत डालें।

—  सोने से आधा घंटे पहले 10 -15 दिन बच्चे को एक कप पानी में दो चम्मच शहद मिलाकर पिलायें। पाँच साल से  कम उम्र वाले बच्चे को शहद एक चम्मच ही दें।

—  तिल और गुड़ के लडडू खाने से बच्चों का बिस्तर में पेशाब करना बंद होता है।

—  एक गिरी अखरोट और 10 -12 किशमिश रोज सुबह खिलाने से कुछ दिनों में बिस्तर में पेशाब करना बंद हो जाता है।

इन्हें भी जानें और लाभ उठायें :

पहले और दूसरे महीने में शिशु विकास / हरीरा बनाने की विधि / नवजात शिशु की देखभाल / शिशु की मालिश /बादाम का हलवा / मूंगफली की चिक्की गुड़ वाली /  पौष्टिक आयुर्वेदिक नाश्ते / पित्ताशय की पथरी / चेहरे पर ग्लो /फाउंडेशन का सही तरीका

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here