हेयर कलर के प्रकार और उनके परिणाम – Hair Colour Types and effect

हेयर कलर या बालों को रंगना – Colouring of hair

 

बालों को कलर करने का चलन बहुत अधिक बढ़ गया है। एक समय था जब सिर्फ उम्र के कारण सफ़ेद हुए बालों को हेयर डाई से काला

किया जाता था। लेकिन अब हर उम्र में विभिन्न प्रकार के रंग से बालों को रंगने का फैशन बन गया है। बाजार में कई प्रकार के हेयर कलर

तथा हेयर डाई उपलब्ध हैं। कुछ लोगों को हेयर डाई से एलर्जी होती है। कुछ लोग प्राकृतिक हेयर कलर लगाना पसंद करते है जिसमे मेहंदी ,

कत्था , कॉफी या इंडिगो आदि का उपयोग किया जाता है। बालों को कलर करना हो तो किस प्रकार का कलर उपयोग में लेना चाहिए। यह

डिसाइड करना मुश्किल हो जाता है। यहाँ इसी के बारे मे जानकारी उपलब्ध कराई गई है ताकि आपको मदद मिल सके।

 

हेयर कलर नंबर के हिसाब से गहरे से हल्का होता जाता है जिसमे नम्बर के हिसाब रंग इस प्रकार होते है –

 

1 नंबर – काला

2 नंबर – डार्केस्ट  ब्राउन  ( लगभग काला )

3 नंबर – डार्क ब्राउन ( भारत में सबसे अधिक यह कलर काम में लिया जाता है )

4 नंबर –  ब्राउन

5 नंबर –  लाइट ब्राउन

6 नंबर – डार्क ब्लोंड ( गहरा सुनहरा )

10 नंबर – वेरी लाइट ब्लोंड ( बहुत हल्का सुनहरा )

 

हेयर कलर और हेयर डाई में अंतर

 

हेयर कलर और हेयर डाई में फर्क होता है। बाल की सिर्फ बाहरी परत पर रंग लगाने के लिए हेयर कलर लगाया जाता है। यह टेम्परेरी होता है

और और शेम्पू करने से जल्दी उतर भी जाता है। जबकि हेयर डाई बाल में अंदर की सतह तक प्रवेश करके बालों को स्थायी रूप से रंग देता

है । लम्बे समय तक इसका रंग बना रहता है। दोनों ही प्रकार के रंग का नए बाल उगने पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता वे अपने प्राकृतिक रंग के

ही निकलते हैं।

 

बाजार में मिलने वाले बालों के रंग के लिए हेयर कलर शब्द ही काम में लिया जाता है चाहे वो हेयर डाई हो या हेयर कलर। क्योंकि डाई

शब्द का उपयोग कंपनियों को बालों के रंग के लिए उचित नहीं लगता। डाई शब्द कपड़े के लिए ठीक लगता है।

 

परमानेंट हेयर डाई

 

इस प्रकार का रंग परमानेंट होता है और बाल धोने से यह नहीं निकलता है। परमानेंट हेयर डाई या हेयर कलर ऑक्सीडेशन के सिद्धांत पर

काम करते हैं । इस डाई के मुख्य तत्व इस प्रकार होते है – PPD या इसके जैसा कोई तत्व , ऑक्सीडाइज़  एजेंट जैसे हाइड्रोजन परॉक्साइड ,

अमोनिया तथा कपलर।

हेयर कलर

यह कैसे काम करता है

 

इस प्रकार की डाई पहले बालों के मौजूदा रंग को हटाती है फिर नया रंग चढ़ा देती है। हाइड्रोजन परॉक्साइड पहले वाले रंग को ऑक्सीडाइस

करके उड़ा देता है तथा इसके बाद अमोनिया की मदद से डाई के बारीक़ कण बालों में अंदर कोर्टेक्स तक प्रवेश करके बालों को स्थायी नया

रंग देते हैं।

 

सफ़ेद बालों को काला करने के लिए ये सबसे ज्यादा प्रभावी होते हैं। इससे बालों का रंग एकसार हो जाता है। हालाँकि इससे कभी कभी जरुरत

से ज्यादा गहरा काला रंग बालों को अप्राकृतिक और अजीब सा लुक दे देता है। इस प्रकार के हेयर कलर से हल्का रंग जैसे हल्का सुनहरा भी

बालों पर चढ़ाया जा सकता है। कई बार शेम्पू करने के बाद भी यह रंग जाता नहीं है। महीने डेढ़ महीने में जब नए बाल निकल आते हैं तब इसे

दुबारा लगाना पड़ता है।

 

परमानेंट हेयर डाई  में PPD जैसे तत्व होते हैं जो एलर्जी का कारण बन सकते हैं अतः इसे लगाने से पहले पेच टेस्ट जरूर कर लेना चाहिए।

इसके लिए डाई का मिश्रण कान के पीछे त्वचा पर हल्का सा लगाकर देख लेना चाहिए। 48 घंटे में किसी प्रकार की जलन , खुजली या अन्य

परेशानी ना हो तो इसे बालों में लगा सकते हैं। एलर्जी हो तो इस प्रकार के हेयर डाई का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

 

डेमी परमानेंट हेयर डाई

 

इस प्रकार की  हेयर डाई परमानेंट डाई की अपेक्षा थोड़ी मृदु होती है । क्योकि इनमे अमोनिया नहीं होता है। इनमे हाइड्रोजन पराक्साइड की

मात्रा भी अपेक्षाकृत कम होती है। यह रंग ऊपरी परत के अलावा कुछ मात्रा में कोर्टेक्स में भी प्रवेश करते हैं ।

ये कलर पहले से मौजूद बालों के रंग को हटा नहीं पाता। इसके उपयोग से पहले वाले रंग से गहरा या उस जैसा रंग लगा सकते हैं। यह

10 -12 बार शेम्पू करने से निकल सकता है। यदि आधे बाल सफ़ेद हो इसे लगाना उपयुक्त होता है। यह बालों और सिर की त्वचा को

अपेक्षाकृत कम नुकसान करता है। इसके लिए भी एलर्जी टेस्ट कर लेना चाहिए।

 

 सेमि परमानेंट हेयर डाई

 

इस प्रकार की डाई  में न तो अमोनिया होता है और ना ही हाइड्रोजन पराक्साइड होता है। इसका रंग बाल की ऊपरी परत पर ही चढ़ पाता है।

अंदर कोर्टेक्स तक नहीं पहुंचता। ये सिंथेटिक या नेचुरल दोनों तरह के  हो सकते हैं। इनमे नाइट्रोएमिन या नाइट्रोबेंजीन होते हैं। हेयर कलर

के पैकेट पर सेमि परमानेंट हेयर कलर लिखा होता है।

 

इस प्रकार के हेयर कलर मृदु होते है अतः क्षतिग्रस्त या रूखे बालों में भी इसे लगाया जा सकता है। लेकिन ये कलर बहुत जल्दी निकल जाता

है। 6 से 10  बार शेम्पू करने से पूरा रंग चला जाता है। इसमें PPD जैसे केमिकल नहीं होने के कारण सामान्यतः एलर्जी का डर नहीं होता है।

 

मेटालिक हेयर डाई

 

इस प्रकार की डाई  में मेटल ऑक्साइड या सल्फाइड होने के कारण बालों को रंगने में  उपयोग में आ सकते हैं। इसे कई बार लगाना होता  है।

जितनी बार लगाते है रंग उतना ही गहरा होता जाता है।  यह कलर शेम्पू करने पर आसानी से उतर जाता है। इस प्रकार का मेटालिक हेयर

कलर लगाया हो तो पर्मिंग या स्ट्रेटनिंग नहीं करानी चाहिए।

 

टेम्परेरी हेयर डाई

 

इस प्रकार की हेयर डाई का रंग बाल के बहुत ऊपरी स्तर तक ही रहता है। एक बार शेम्पू करने पर ही रंग निकल जाता है। इस प्रकार के रंग

ज्यादातर बालों को फैशनेबल कलर जैसे सुनहरा , गुलाबी , हरा , पीला आदि करने के लिए उपयोग में आते हैं। अधिकतर पार्टी या स्पोर्टी लुक

के लिए इस प्रकार के रंग लगाए जाते हैं। इन्हे बालों की कुछ लटें रंगने यानि हाईलाइट करने में भी काम लिया जाता है। ये शेम्पू , क्रेयॉन , स्प्रे

और स्टिक आदि के रूप में भी मिल जाते हैं। पुरुषों की मूंछों पर कलर लगाने के लिए सामान्य तौर पर इन्हे ही काम लिया जाता है।

 

डाई रिमूवर

 

डाई किये गए बालों से रंग हटाने के लिए  इनका उपयोग किया जाता है। यह किसी गलती को सुधारने के लिए या बालों  रंग बदलने के लिए

काम आते हैं।

 

हेयर डाई लगाने सम्बन्धी सावधानी – Be Careful

 

—  कलर करने के कुछ दिन पहले तक कठोर कंडीशनर या बालों की स्टाइल बनाने के लिए केमिकल आदि का उपयोग नहीं करना चाहिए।

—  पैकेट के साथ आने वाले ग्लव्स नाजुक होते है अतः बाजार से अलग से अच्छी क्वालिटी के रबर ग्लव्स या डिस्पोजेबल लेटेक्स ग्लव्स खरीद

कर रखने चाहिए।

—  हेयर कलर कभी भी आई ब्रो या आई लैशेज पर नहीं लगाना चाहिए। इससे आँखों की रौशनी भी जा सकती है।

—  कलर के किसी तत्व से एलर्जी होती है तो उसे यूज़ नहीं करना चाहिए।

—  कलर आँख , नाक और मुंह में नहीं जाये इसके लिए विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

—  यदि सिर की त्वचा में किसी प्रकार की जलन या अन्य परेशानी पहले से हो तो हेयर कलर नहीं लगाना चाहिए।

—  पैकेट के साथ दिए गए निर्देश के अनुसार उचित समय तक कलर बालों में रखने के बाद ही धोना चाहिए अन्यथा उचित परिणाम हासिल

नहीं  होते हैं। सामान्यतः सेमि परमानेंट को  कम देर तक लगभग 20 मिनट तक और परमानेंट या डेमी परमानेंट कलर को 30 से 45 मिनट

तक रखना होता है।

—  बालों की एक लट पर कलर लगा कर देख लेना चाहिए कि ये वही कलर है जो आप अपने पूरे बालों पर लगाना चाहते हैं।

—  कलर लगाते समय ग्लव्स का उपयोग करना चाहिए।

—  मिक्स को बनाने के बाद तुरंत लगा लेना चाहिए। देर तक रखना नहीं चाहिए।

—  हो सकता है कि जैसा कलर आप चाहते हो ठीक वैसा कलर न हो पाए। इस संभावना को ध्यान में रखना चाहिए।

—  दो अलग कंपनीयों  के तत्व मिक्स करके डाई बनाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

—  मेहंदी या मेटालिक डाई लगाई हो तो अनेक बार शेम्पू करने के बाद हेयर कलर लगाना चाहिए।

—  हेयर कलर से बाल रूखे और डेमेज हो सकते हैं।

—  यदि आपके बाल क्षतिग्रस्त हैं या उन पर किसी प्रकार केमिकल लगाया गया है तो कलर जल्दी बालों में समा जाता है। यदि बाल स्वस्थ और

मजबूत है तो रंग चढ़ने में समय लगता है।

 

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