ब्रा का सही साइज़ जानने का तरीका और इसके फायदे – Proper Bra Size

ब्रा का सही साइज़ होना जरुरी होता है। गलत साइज़ की ब्रा पहनना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है।  इससे स्तन का आकार

बिगड़ सकता है। गलत साइज की ब्रा के कारण हिलने डुलने , काम करने आदि में परेशानी होती है साथ ही किसी भी पहनी हुई ड्रेस का लुक

भी नहीं आ पाता है। ब्रा का सही साइज़ क्या होता है या सही साइज़ कैसे पता करें यह यहाँ बताया गया है।

 

ब्रा का सही साइज़ पता करने का तरीका

 

ब्रा की साइज में बेंड साइज और कप साइज़ देखना पड़ता है। ब्रा का साइज़ अगर 32 B  है तो इसमें 32  बेंड का साइज़ और B कप का

साइज़ होता है। इन्हे जानने का तरीका इस प्रकार है –

 

ब्रा का बेंड साइज़

 

एक फीता लें। इससे स्तनों के ठीक नीचे जिस जगह पसलियां होती हैं वहां कमर के चारों तरह घुमा कर नाप लें। यह नाप बिना ब्रा पहने या

बिना पेड वाली ब्रा के लेनी चाहिए। फीता ऊँचा नीचा या ढ़ीला नहीं होना चाहिए। एक लेवल में और शरीर से पूरी तरह चिपका हुआ होना

चाहिए। यह नाप इंच में लेना है। इस नाप को राउंड ऑफ़ कर लें यानि यदि इंच का कुछ हिस्सा पूरा नहीं है जैसे 24 . 5  इंच नाप आता

है तो इसे राउंड ऑफ़ कर लें जो 24  या 25  होगा । सवा 31 इंच आता है तो 31  इंच लिख लें। पौने 32 आता है तो 32 लिख लें।

 

अब आपके पास कमर का नाप सम संख्या जैसे 24 , 26 , 28 , 30 , 32  में आता है तो इसमें चार जोड़ दें। यह आपका बेंड साइज है। अर्थात

यदि आपने राउंड ऑफ़ करने के बाद 26  लिखा तो 4 जोड़ने पर हुआ  26  + 4 = 30  यह आपका साइज है यानि आपको 30  साइज की ब्रा

पहननी चाहिए।

 

और यदि आपके कमर के नाप में विषम संख्या आती है जैसे 25 , 27 , 29 , 31 , 33  तो इसमें पांच जोड़ दें। यह आपकी ब्रा का साइज़ होगा।

यानि अगर कमर की नाप  27  इंच है तो आपका साइज़  27 + 5 = 32  होगा। आपको 32  साइज की ब्रा पहननी चाहिये। यदि 31 इंच नाप

आती है तो आपका ब्रा का साइज  31 + 5 = 36  होगा।

 

कप का साइज़

 

फीते को स्तन के ऊपर निपल वाली जगह कमर के चारों तरफ घुमाते हुए नाप लें। यह नाप ब्रा पहन कर ली जा सकती है। । फीता ना ढीला

हो ना टाइट। मुड़ा हुआ या लटका हुआ भी नहीं होना चाहिए। इस नाप को राउंड ऑफ़ कर लें यानि नाप को पूरा बना लें।

जैसे यह नाप 32 .8  है तो इसे  33  लिखें। और 34.3   है तो इसे 34  लिखें।

अब बेंड वाली नाप जो पहले ली थी वह इसमें से घटा लें। और इसे नोट कर लें।

जैसे यदि निपल वाली नाप 34  है और बेंड वाली नाप 30  है तो घटाने पर 34  – 30  = 4 आएगा।

 

इस प्रकार आपके पास जो नम्बर आएगा वह 1 , 2 , 3 , 4 , 5 , 6 आदि में से कुछ भी हो सकता है। इस नम्बर से कप का साइज मालूम चलता

है। जो इस प्रकार है –

 

यदि यह नम्बर  0 है तो कप साइज है  – AA

यदि यह नम्बर  1  है तो कप साइज है  –  A

यदि यह नम्बर  2  है तो कप साइज है  – B

यदि यह नम्बर  3  है तो कप साइज है  –  C

यदि यह नम्बर  4  है तो कप साइज है  –  D

यदि यह नम्बर  5  है तो कप साइज है  –  DD  या  E

यदि यह नम्बर  6   है तो कप साइज है  – F

यदि यह नम्बर  7  है तो कप साइज है  –  G

 

तो आपका ब्रा का सही साइज़ –

 

बेंड का साइज  – 32  है और घटाने के बाद आपके पास आया  2  तो आपका ब्रा का साइज हुआ –  32 B

बेंड का साइज  – 34  है और घटाने के बाद आपके पास आया  3  तो आपका ब्रा का साइज हुआ  – 34 C

बेंड का साइज  – 36  है और घटाने के बाद आपके पास आया  4  तो आपका ब्रा का साइज हुआ –  36 D

 

 

ब्रा का साइज़ पता करने का यह एक सामान्य तरीका है लेकिन कभी कभी इसमें कुछ अंतर आ सकता है जिसके यह कारण हो सकते हैं

 

—  ब्रा की वजह से गलत नाप ले ली हो।

—  स्तन पुष्ट हैं या लटके हुए।

—  पीछे पीठ की चौड़ाई कम है या ज्यादा।

—  कंधे चौड़े हैं या सकड़े।

—  निर्माता अलग होने से कुछ अंतर आना स्वाभाविक होता है।

—  आपको आरामदेह महसूस होना सबसे ज्यादा जरुरी है।

 

ब्रा के साइज़ से सम्बंधित अन्य बातें –

 

—  ब्रा का साइज परिस्थिति के अनुसार बदल सकता है। जैसे गर्भावस्था में ,  डिलीवरी के बाद , वजन बढ़ने  या वजन कम होने पर। कभी

कभी माहवारी के समय स्तन में सूजन आने के कारण बदलाव महसूस हो सकता है। ये  फिटिंग , सपोर्ट , और आराम प्रभवित होने का कारण

बन सकता है।

—  समय के साथ ब्रा के ढीली होने पर हुक आगे वाले काज में लगा लेना चाहिए।

—  ब्रा पहन कर साइड से देखें। स्तन कोहनी और कंधे के बीच दिखने चाहिए। ऐसा नहीं है तो आपको ज्यादा सही फिटिंग वाली ब्रा की

जरुरत है।

—  यदि ब्रा पहले से टाइट हो गई है और बेंड साइज बड़ा लेना हो तो कप साइज एक नम्बर छोटा लेना चाहिए , जैसे  34 C टाइट है तो 36 B

लेनी चाहिए।  इसी तरह 34 C  ढ़ीला पड़ने लगा हो तो 32 D लेना चाहिए।

—  कप स्तन को पूरी तरह सहारा देने वाले होने चाहिए। सामने , नीचे और बगल की तरफ से।

—  ब्रा कमर पर बहुत ज्यादा टाइट नहीं होनी चाहिए।

—  ब्रा ढ़ीली नहीं होनी चाहिए। बेंड के नीचे सिर्फ एक अंगुली जाने लायक जगह होनी चाहिए।

—  ब्रा का साइज 4 -5 महीने में दुबारा चेक कर लेना चाहिए।

 

ब्रा कब बदल लेनी चाहिए

 

—  पहनने पर ब्रा का कप ढ़ीला हो और उसमे सलवटें पड़ती हों।

—  नीचे का हिस्सा स्तन में घुस जाता हो।

—  बेंड ऊपर खिसक जाता हो।

—  स्तन का कुछ हिस्सा कप से बाहर निकल आता हो।

—  ब्रा के स्ट्रेप्स स्लिप हो जाते हों।

—  हाथ ऊपर उठाने पर ब्रा ऊपर सरक जाती हो।

—  आगे पीछे दोनों तरफ लेवल सामान रहने चाहिये।

 

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