मेटरनिटी नर्सिंग ब्रा के फायदे – Maternity and Nursing Bra

मेटरनिटी नर्सिंग ब्रा की जरुरत प्रेग्नेंट होने के बाद जल्द ही महसूस होने लगती है। प्रेगनेंसी में तथा शिशु को स्तनपान कराने वाली

महिलाओं के लिए साधारण ब्रा पहनना असुविधाजनक हो सकता है। गर्भावस्था में स्तन का आकार बढ़ने से कप साइज में परिवर्तन हो जाता

है। तीसरे महीने से स्तन के आकार में बढ़ोतरी होने लगती है। इस समय मेटरनिटी ब्रा का उपयोग सुविधाजनक होता है। प्रसव के बाद भी

साधारण तौर पर पहने जाने वाली ब्रा से परेशानी होती है। ऐसे में नर्सिंग ब्रा या फीडिंग ब्रा का उपयोग करना चाहिए।

 

प्रेगनेंसी की आखरी तिमाही में और डिलीवरी के बाद स्तन का आकार तेजी से बदलता है। ऐसे में ऐसी ब्रा की जरुरत महसूस होती है जो

आरामदायक और सुविधाजनक हो। इसके लिए विशेष प्रकार की ब्रा मिलती हैं जो मेटरनिटी और नर्सिंग ब्रा कहलाती हैं। इनके उपयोग

से आपकी परेशानी कम हो सकती है। ब्रा के सम्बब्ध में जानकारी होने से सही प्रकार की ब्रा का चुनाव आसान हो जाता है। यहाँ इसी प्रकार

की ब्रा के बारे में बताया गया है ताकि आपको मदद मिल सके।

 

गर्भावस्था में और स्तनपान कराने वाली माँ का बेंड साइज़ लगभग 2 नम्बर से और कप साइज लगभग 4 नम्बर से बढ़ जाता है। ऐसे में

मेटरनिटी ब्रा Maternity Bra या नर्सिंग ब्रा उपयुक्त होती है। नर्सिंग ब्रा Nursing Bra को फीडिंग ब्रा Feeding Bra भी कहते हैं

 

मेटरनिटी और नर्सिंग ब्रा के फायदे

 

—  इसमें हुक ज्यादा होते हैं। इससे बेंड को छोटा बड़ा करने में आसानी रहती है। ब्रा को लूज़ या टाइट करने की सुविधा ज्यादा मिलती है।

 

—  इनमे कप का शेप बड़ा होता है , बीच का हिस्सा अधिक गहरा होता है और स्ट्रेप्स चौड़े होते है। इससे स्तनों को अधिक सहारा और

आराम मिलता है।

 

—  यह ब्रा अधिकतर कॉटन से बनी होती है। इसमें हवा लगती रहती है। इसके अलावा इसमें अलग तरह के अच्छे इलास्टिक काम में लिए जाते

हैं। जो त्वचा पर नर्म रहते हैं। साधारण ब्रा में सिंथेटिक मेटेरियल ज्यादा होता है तथा इसके इलास्टिक परेशान कर सकते हैं।

 

—  मेटरनिटी ब्रा खरीदते समय इसे एडजस्ट करने की पूरी जानकारी ले लेनी चाहिए। बाद में भी परेशानी हो तो सलाह ली जा सकती है।

 

पेड बदलने वाली ब्रा

 

कुछ ब्रा ऐसी आती हैं जिनमे पेड लगाए जा सकते हैं। प्रसूता के स्तन से दूध लीक हो सकता है। ऐसे में पेड लगे होने पर ब्रा बदलने की

जरुरत नहीं पड़ती सिर्फ पेड बदलने से काम चल जाता है।

ये पेड डिस्पोजल भी आते है और ऐसे भी जो धोकर वापस काम लिए जा सकते हैं।

 

फीडिंग ब्रा

 

स्तनपान कराने के लिए फीडिंग ब्रा ली जाती  है। इसमें कप में निपल वाली जगह खोलने की सुविधा होती है। कप को नीचे की तरफ या

साइड की तरफ खोला जा सकता है। इसमें पीछे की तरफ हुक अधिक होते हैं जो परिस्थति के अनुसार लूज या टाइट किये जा सकते हैं।

इनकी बनावट स्तन को पूरा सहारा देने वाली होती है।

नर्सिंग ब्रा

स्लीप ब्रा

 

गर्भावस्था तथा डिलीवरी के बाद सोते समय पहने जाने वाली ब्रा काम में ली जा सकती है। इससे सोते समय सपोर्ट भी सही रहता है और

स्तनपान कराने में भी आसानी होती है।

 

मेटरनिटी स्पोर्ट्स ब्रा

 

गर्भावस्था में , योगासन या जिम में की जाने वाली कसरत के समय पहनने के लिए भी ब्रा उपलब्ध होती है। यह सुविधाजनक होती है।

 

नर्सिंग ब्रा और साधारण ब्रा में अंतर

 

—  साधारण ब्रा में बेंड में पीछे दो या तीन हुक और आई होते हैं जबकि नर्सिंग ब्रा में ज्यादा हुक और आई होते हैं। चौड़ाई भी अधिक होती है।

 

—  बेंड ज्यादा चौड़ा होता है ताकि दूध से भरे स्तनों को सहारा मिल सके।

 

—  नर्सिंग ब्रा में कप खुलने वाले होते है। खुलने वाले कप नीचे की तरफ या साइड में खुलने वाले होते है। इसमें अपनी सुविधानुसार चुनाव

किया जा सकता है। आप इसे एक हाथ से इसे खोल सकें और बंद कर सकें यह देख लेना चाहिए क्योकि एक हाथ शिशु को सँभालने में भी

व्यस्त होता है।

 

—  नर्सिंग ब्रा का मेटेरियल अधिकतर कॉटन होता है ताकि जल्दी सूख जाये और हवा भी लगती रहे। साधारण ब्रा अधिकतर सिंथेटिक

मेटीरियल की होती हैं। हालाँकि कुछ कम्पनियाँ सिंथेटिक मेटेरियल में भी अधिक सुविधा देने वाली ब्रा बनाने लगी हैं।

 

—  नर्सिंग ब्रा में कप साइज़ E , F या G तक मिल जाते हैं जो बहुत सुविधाजनक हो जाते हैं। साधारण ब्रा में ज्यादा बड़ा कप साइज मिलना

मुश्किल होता है।

 

—  नर्सिंग ब्रा आरामदायक और सुविधा के लिए तो होती ही है। यह दिखने में भी अच्छी हो इस बात का प्रयास  ब्रा बनाने वाली कम्पनियाँ करती

हैं और आपकी खूबसूरती में कमी नहीं आने देती।

 

सही ब्रा नहीं पहनने के नुकसान

 

ब्रा की फिटिंग सही होना जरुरी होता है। छोटे साइज की ब्रा पहनने से स्तन के टिशू पर दबाव पड़ता है इससे स्तन को नुकसान पहुँच सकता

है। यह स्तन में दूध की नलिया बंद होने का कारण भी बन सकता है।

ढीली ब्रा पहनने से स्तन को स्पोर्ट नहीं मिलता। इससे में स्तन में दर्द हो सकता है और उनका आकार बिगड़ सकता है

अतः सही साइज़ की ब्रा पहने। ब्रा का सही साइज जानने के लिए यहाँ क्लिक करें।

यदि दुकान में ट्रायल रूम हो तो ट्राई करके आराम देने वाली ब्रा लेनी चाहिए।

 

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