साबूदाना आलू की सेव मुरके बनाने की विधि – Sabudana Alu Sev Murke

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साबूदाना आलू की सेव Sabudana Alu Sev ( Sago and Potato sev ) व्रत के समय खाई जाने वाली स्वादिष्ट नमकीन हैं। साबूदाना व्रत के समय खाया जाता है। यह सेव भी व्रत के समय खाई जा सकती है।

यह सभी को बहुत पसंद आती है। बच्चे भी इसे बड़े शौक से खाते है। आलू के बहुत से फायदे है। आलू के फायदे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें

आलू की चिप्स भी बड़े शौक से खाई जाती है। आलू की चिप्स सफ़ेद और क्रिस्पी बनाने की विधि जानने के लिए यहाँ क्लिक करेंसाबूदाना आलू की सेव

स्वादिष्ट और कुरकुरी साबूदाना आलू की सेव बनाने की विधि इस प्रकार है :

साबूदाना आलू की सेव बनाने की सामग्री

आलू                                 1  किलोग्राम

साबूदाना                                250 ग्राम

सफेद मिर्च पाउडर                     1  चम्मच

हरीमिर्च                                    4  नग

अदरक                                    3  इंच

जीरा                                    1  चम्मच

सेंधा नमक                            स्वादानुसार

तेल                             आवश्यकतानुसार

लाल रंग से लिखे शब्द पर क्लिक करके उसके बारे में विस्तार से जान सकते हैं। 

साबूदाना  आलू की सेव बनाने की विधि – Recipe

—  साबूदाना दो तीन बार पानी से  धोकर 5 -6 घण्टे के लिए भिगों दें।

—  आलू  को धोकर उबलने के लिए रख दें।

—  हरीमिर्च को काट कर बीज निकाल लें।

—  अदरक को छीलकर काट लें।

—  कटी हुई हरीमिर्च व अदरक का बारीक़ पेस्ट बना लें।

—  आलू छीलकर मेश कर लें या कददूकस कर लें।

—  मेश किये हुए आलू में अदरक हरीमिर्च का पेस्ट ,सफेद मिर्च पाउडर , जीरा , नमक व भीगा हुआ साबूदाना डालकर मिला लें।

—  अब सेव बनाने की मशीन में स्टार वाली जाली लगाएँ।

—  सांचे में अंदर तेल लगाए। साबूदाने आलू वाला मसाला इसमें भरें।

—  आलू साबूदाना के मिक्सर को सांचे में डालकर साँचा दबाते हुए लंबी लम्बी सेव बनाकर धूप में सूखा लें।

—  तीन चार दिन  धूप में सूखाने के बाद एयर टाइट डिब्बे में भरकर रख दें।

—  आलू साबूदाना की सेव बनकर तैयार है।

—  जब भी यह सेव खानी हो तेल में डीप फ्राई कर लें और इस सेव का आनन्द उठाये।

साबूदाना आलू की सेव टिप्स – Tips

—  आलू ताजे , पहाड़ी या चिकनी त्वचा वाले और कड़क हों। अंदर से सफेद होने चाहिए। पीले या पिचके आलू ना लें।

—  साबूदाना भिगोंने के लिए पानी इतना होना चाहिए की साबूदाना डूब जाये और साबूदाना पूरी तरह से भीगा होना चाहिए बहुत अधिक पानी नहीं डालना चाहिए।

—  हरीमिर्च का तीखापन उसकी क़्वालिटी पर निर्भर करता है अतः स्वादानुसार हरीमिर्च ज्यादा या कम ले सकते हैं।

—  सेव को धूप में अच्छी तरह सूखाना चाहिए ताकि नमी पूरी तरह से निकल जाए। इससे यह साल भर ख़राब नहीं होंगी।

—  सुखाते समय मिट्टी व मक्खी आदि से बचाव करने के लिए पतला कपड़ा ढक कर धूप में रख सकते है।

इन्हें भी जानें और लाभ उठायें :

फलाहारी कढ़ी राजगिरे के आटे की /  कुटटू के आटे की पूड़ी / साबूदाना खिचड़ी / आलू का चिल्ला / सिंघाड़े के आटे का हलवा / साबूदाना और आलू की सेव ( मूरके ) / आलू की चिप्स / बादाम का हलवा / ठंडाई / बादाम पिस्ते वाला दूध / गणगौर की पूजा के गुने / बादाम का शरबत / नारियल के लड्डू / गुझिया / मूंग की दाल का हलवा 

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