हँसने से फायदे और लाफ्टर एक्सरसाइज – Laughter Exercise

हँसने से फायदे तो होते है लेकिन क्या गार्डन में नकली हंसी हंसकर , हा हा , हो हो की आवाज निकालकर हंसना भी लाभदायक है , क्या

लाफ्टर एक्सरसाइज जैसी गतिविधि में हिस्सा लेना चाहिए। आइये जानते हैं हंसने के फायदे और लाफ्टर एक्सरसाइज के बारे में।

 

हँसने से फायदे  – Laughter Benefits

 

हँसी इंसान को प्रकृति की अनमोल देन है। हँसने से शरीर को बहुत से फायदे मिलते हैं। एक हँसी रिश्ते बना सकती है , कार्यक्षमता में सुधार

ला सकती है , बीमारियों से बचा सकती है। कहा जाता है कि हँसी सबसे बड़ी दवा है  ( Laughter is the best medicine ) और इस बात

से इंकार नहीं किया जा सकता है।

हँसने से फायदे

 

हँसी के शारीरिक लाभ – Health Benefits of Laugh

 

जब हम हँसते  है तो शरीर का तनाव कम हो जाता है।  चिंता समाप्त हो जाती है , प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। तेज हँसी आने पर

मांसपेशियों की कसरत हो जाती है। इसके फायदे शरीर को जरूर मिलते हैं।

 

हँसी दर्द सहन करने की ताकत बढ़ा देती है। अर्थराइटिस जैसी परेशानी में खुल कर आने वाली हँसी दर्द कम कर सकती है।

हंसने से रक्त में शक्कर की मात्रा कम होती है।

 

ठहाका लगते हुए तेज हंसी से दिमाग से एंडोर्फिन नामक हार्मोन का स्राव होता है। इसके कारण शरीर में हृदय के लिए लाभदायक बदलाव

शुरू होने लग जाते हैं। रक्त में नाइट्रिक ऑक्साइड का प्रवाह होता है। इससे नसें चौड़ी होती है। उनमे रक्त का प्रवाह बढ़ता है , प्लेटलेट एक

जगह इकट्ठे नहीं होते , और कोलेस्ट्रॉल का जमाव नहीं हो पाता। इस प्रभाव से ऑक्सीजन का फ्लो बढ़ता है और यह दिल , दिमाग सहित

शरीर के प्रत्येक अंग के लिए लाभदायक सिद्ध होता है।

 

हँसने से यह रक्त की नसों का वह हिस्सा जिसे एंडोथेलिअम कहते है , स्वस्थ बनता है और उसकी कार्यविधि सुधरती है। इससे नसों में रक्त

का संचार सही रहता है , नसें लचीली बनी रहती हैं और कोलेस्ट्रॉल जमने से बचाव होता है। इसके अलावा एंडोथेलिअम चोट , घाव , संक्रमण,

खुजली आदि होने पर विशेष प्रकार के लाभदायक केमिकल का स्राव करके सुरक्षा प्रदान करता है।

हंसना मानसिक तनाव को कम करके तनाव के कारण एंडोथेलिअम को नुकसान होने से बचाता है।

 

माइकल मिलर नामक  विशेषज्ञ के अनुसार लाफ्टर से हृदय की आर्टरीज़ पर उतना ही अच्छा प्रभाव पड़ सकता है जितना की एरोबिक

एक्सरसाइज से। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है की एक्सरसाइज छोड़ देनी चाहिए। उनके अनुसार नियमित रूप से हंसने की कोशिश करते

रहना चाहिए।

 

हँसने से सामाजिक और आर्थिक लाभ

Social and financial benefits of Laughing

 

शारीरिक लाभ के अलावा इससे सामाजिक और आर्थिक लाभ भी मिल सकते है।

एक हंसी जॉब परफॉर्मेंस बढ़ा सकती है। जो सेल्समेन हँसते हुए ग्राहक से बातचीत करते है वे सामान बेचने में अधिक सफल होते हैं।

खुश मन से किया गया रचनात्मक कार्य  Creative Work अधिक सुन्दर होता है।

 

हँसता हुआ चेहरा अधिक सुन्दर दिखता है। हँसना संबंधों को दृढ बनाने के लिए जरुरी है। इससे भावनात्मक जुड़ाव होता है। सेन्स ऑफ़

ह्यूमर सभी को पसंद आता है। लड़कियों से जब पूछा जाता है की उनको पुरुष में क्या पसंद है तो अधिकतर सेन्स ऑफ़ ह्यूमर यानि हँसने

हँसाने की कला , सुनने को मिलता है। साथ हँसने हँसाने से रिश्ते मजबूत होते हैं। जब दो लोग साथ में हँसते हैं तो उनके लगाव बढ़ता है।

 

मशहूर फिल्म टॉयलेट एक प्रेम कथा का यह गाना भी इसी की तरफ इशारा करता है -” हँस मत पगली , प्यार हो जायेगा …… ”

हंसी में लोगों को साथ लाने की क्षमता होती है। साथ आने से कई प्रकार की परेशानियों का हल निकालने में मदद मिलती है।

 

सबसे अच्छी हंसी वो होती है जो आँख में आसूं ले आये। सप्ताह में तीन बार आधा घंटे और रोजाना लगभग 15 मिनट हंसने से पूरा लाभ होता

है। कुछ लोग सुबह गार्डन में लाफ्टर करते दिखाई पड़ते हैं। क्या इस तरह की हँसी या लाफ्टर के फायदे हैं , आइये जाने –

 

लाफ्टर थेरेपी – Laghter Therepy

 

असल में हमारा शरीर असली और नकली हँसी में अंतर नहीं कर पाता। इसलिए यदि आप झूठी हँसी हँसते हैं तो भी शरीर को फायदा मिलता

है। हँसने की कई प्रकार की एक्सरसाइज करके शारीरिक लाभ प्राप्त करना ही लाफ्टर थेरेपी कहलाता है। हँसना शुरू करने से हँसी बढ़ती

चली जाती है। यह प्रक्रिया शरीर को फायदा पहुंचाती है।

 

हंसने के लिए मन से बहुत प्रसन्न होना या अच्छा सेन्स ऑफ़ ह्यूमर होना , जरुरी नहीं होता है। इसलिए लाफ्टर एक्सरसाइज करके कोई भी

लाभ प्राप्त कर सकता है। खुलकर हँसने का प्रयास करें। अपने आप हँसी आने लगेगी और खुशियाँ बिखरने लगेगी।

 

लाफ्टर एक्सरसाइज का तरीका – Laughter Exercise

 

यह एक प्रकार की कसरत है और किसी भी कसरत के लिए वार्म अप होना जरुरी होता है।

लाफ्टर एक्सरसाइज के लिए भी पहले वार्मअप करने से अधिक लाभ मिलता है । इसके कुछ तरीके इस प्रकार हैं –

—  थोड़ी स्ट्रेचिंग कर सकते हैं।

—  हल्का फुल्का डांस कर सकते है।

—  सीधे खड़े होकर दोनों हाथ आशीर्वाद की मुद्रा में लाएं। अब हो हो , हा हा का उच्चारण करते हुए हाथों को थपथपाने जैसे जमीन की तरफ

हिलायें। एक दो मिनट करें।

वार्मअप के बाद नीचे दी गई एक्सरसाइज करें।

 

आगे बताई गई लाफ्टर एक्सरसाइज में से जो भी आपको पसंद हो वह एक या अधिक एक्सरसाइज कर सकते हैं। रोजाना 10 – 15 मिनट

करनी चाहिए। अथवा ये सभी लाफ्टर एक्सरसाइज 20 -30 सेकंड करते हुए दोहरा सकते हैं।

 

—  पहले मुस्करायें।  फिर दबी हंसी हँसे।  फिर खुल कर हँसे और अंत में ठहाका लगाते हुए हँसे।

 

—  अपनी पिछली याद ताजा करें जब आप जोर से हँसे थे। विशेष कर जब अपनों के बीच खुल कर हँसे। उस क्षण को याद करके हँसे , डेढ़ दो

मिनट में उसी पल जितनी ख़ुशी मिलेगी और वही हँसी हँस पाएंगे।

 

—  मुंह बंद करके हम हम करते हुए दबी हंसी हँसे। आवाज ऊँची नीची , कम ज्यादा करके हँसे और उससे आपका शरीर कैसे हिलता है यह

देखें। हंसी को महसूस करते हुए हंसी से प्रभावित होने वाले अंग जैसे छाती , , गला , नाक , सिर पर ध्यान दें।

 

—  गहरी साँस लें। हँसते हुए साँस बाहर निकालें। 5 -7 बार करें।

 

—  स्वर का उच्चारण हंसने में करें। हा हा हा , हे हे हे , ही ही ही , हो हो हो , हु हु हु की आवाज निकालते हुए हँसे।

 

—  छींक आने से पहले का उच्चारण करके हँसे – आ , आ….ह , आ ………… ह ,  हा , हा , हा।

 

डॉ मिलर के अनुसार   – सप्ताह में तीन बार आधा घंटा  या रोजाना 15 मिनट का लाफ्टर हार्ट के लिए बहुत लाभदायक होता है।

 

लाफ्टर एक्सरसाइज और हँसने के नुकसान

 

—  किसी अन्य व्यक्ति के ऊपर हँसने से आपको कुछ कड़वी बातें सुनने को मिल सकती हैं।

—  व्यक्ति विशेष का मजाक बना कर हँसना संबंधों को ख़राब कर सकता है।

—  पति द्वारा पत्नी का मजाक उड़ाते हुए हँसना लंच या डिनर कैंसिल करवा सकता है।

 

कुछ विशेष परिस्थिति में लाफ्टर थेरेपी से पहले चिकित्सक से सलाह ले लेनी चाहिए जो इस प्रकार हैं –

 

— यदि निकट समय में सर्जरी करवाई हो ,

—  ग्लूकोमा ( काला पानी ) की परेशानी से ग्रस्त हो

—  हर्निया

—  बवासीर

—  गर्भावस्था

 

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