हॉट वैक्सिंग कोल्ड वैक्सिंग में फर्क तथा इनके फायदे नुकसान – Hot and cold waxing

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वैक्सिंग Waxing शरीर के अनचाहे बालों को जड़ से निकालकर सुंदरता बढ़ाने का तरीका है। हॉट Hot waxing  वैक्सिंग और कोल्ड वैक्सिंग cold waxing इन दोनों तरीकों से वैक्सिंग हो सकती है।

शरीर से बालों को निकालने के लिए waxing to remove hair from body विशेष प्रकार का वैक्स होता है जो पैराफिन , रेसिन , एसेंशियल ऑइल , सेंट आदि के मिश्रण से तैयार किया जाता है। इसके लिए घर पर भी वेक्स बनाया जा सकता है जो शहद , शक्कर और नींबू के रस से बनाया जाता है।

वैक्सिंग करने पर दर्द हो सकता है। नाजुक अंगों पर अधिक दर्द महसूस हो सकता है। कुछ लोगों को ललास, दाने , जलन या उभार आदि महसूस हो सकते हैं जो कुछ घंटों में या अगले दिन तक ठीक हो जाते हैं।

हेयर रिमूव करने के लिए हॉट वैक्सिंग और कोल्ड वैक्सिंग दोनों विधि उपयोग में ली जाती है । आइये जानते हैं इनमे क्या फर्क है तथा इनके क्या फायदे और नुकसान हो सकते हैं।

हॉट और कोल्ड वैक्सिंग

हॉट वैक्सिंग – Hot Waxing

यह विधि अधिकतर पार्लर में काम ली जाती है। इसमें वैक्स को गर्म करके त्वचा पर लगाया जाता है। उसके ऊपर एक कपड़े का टुकड़ा या वैक्सिंग के लिए विशेष प्रकार की स्ट्रिप्स को लगाया जाता है।

ठंडा होने पर वेक्स बालों को जकड़ लेता है। इसे झटके के साथ खींचने पर वैक्स के साथ त्वचा के बाल जड़ से निकल जाते हैं। हॉट वैक्सिंग के लिए दो प्रकार की वेक्स होती है – सॉफ्ट वेक्स और हार्ड वेक्स।

सॉफ्ट वैक्स – soft wax

सॉफ्ट वेक्स की बहुत पतली परत त्वचा पर लगाई जाती है और कपड़े की पट्टी Cloth strip लगाकर बाल निकाले जाते हैं। सॉफ्ट वेक्स त्वचा की गहराई तक पहुंच कर अधिक स्किन निकाल सकता है जिसके कारण त्वचा को नुकसान पहुँच सकता है।

सॉफ्ट वेक्स के तापमान का बहुत ध्यान रखना पड़ता है। ज्यादा गर्म सॉफ्ट वेक्स त्वचा को जला सकता है।सॉफ्ट वेक्स को निकालते समय बाल के साथ त्वचा ज्यादा खिंचती है।

हार्ड वैक्स – Hard wax

हार्ड वेक्स की मोटी परत लगाई जाती है। ठंडा होने पर यह कड़क हो जाता है और इसे निकालने के लिए कपड़े की पट्टी या स्ट्रिप की जरुरत नहीं पड़ती। हार्ड या सॉफ्ट दोनों ही वेक्स त्वचा की ऊपरी परत से डेड स्किन निकालते हैं।

हार्ड वेक्स को सामान्य  तापमान से थोड़ा ही अधिक गर्म रखने की जरुरत होती है। हार्ड वेक्स त्वचा को ज्यादा नहीं खींचता इसलिए दर्द कम होता है।

कोल्ड वैक्सिंग – Cold Waxing

कोल्ड वैक्सिंग घर पर आसानी से की जा सकती है। वैक्स लगी हुई तैयार स्ट्रिप्स बाजार में उपलब्ध हो जाती हैं। जिन्हे त्वचा पर दबा कर लगा दिया जाता है। त्वचा की गर्मी से वैक्स नरम होकर बालों को जकड़ लेता है। तेजी से खींचने पर बाल निकल जाते हैं। इसमें वेक्स को गर्म करने की झंझट से मुक्ति मिल जाती है।

हॉट वैक्सिंग और कोल्ड वैक्सिंग में अंतर

Difference between hot waxing and cold waxing

कोल्ड वैक्सिंग या हॉट वैक्सिंग , बालों को जड़ से निकालने के दोनों तरीके ठीक हैं, पर इनमे कुछ फर्क है जो इस प्रकार हैं।

—  पहला अंतर तापमान का है जो त्वचा पर लगाते समय वैक्स का होता है। जैसा कि नाम से ही पता चलता है हॉट वैक्सिंग में गर्म वेक्स त्वचा पर लगाया जाता है। जबकि कोल्ड वैक्सिंग में वेक्स त्वचा पर लगाते समय ठंडा होता है।

— हॉट वैक्सिंग में वेक्स को गर्म करना पड़ता है। इसे त्वचा पर लगाकर ऊपर से क्लॉथ स्ट्रिप लगाते हैं। जबकि कोल्ड वैक्स पहले से स्ट्रिप्स पर लगा हुआ होता है।

—  कोल्ड वैक्सिंग हॉट वैक्सिंग की अपेक्षा अधिक साफ सुथरी प्रक्रिया होती है।

—  हॉट वैक्सिंग कोल्ड वैक्सिंग की अपेक्षा अधिक प्रभावकारी होता है। इससे छोटे बाल भी निकल सकते हैं । एक ही बार में अच्छी सफाई हो जाती है।  कोल्ड वैक्सिंग में कुछ बाल निकलने से रह सकते हैं। एक ही जगह कई बार स्ट्रिप लगाकर खींचनी पड़ सकती है।

—  हॉट वैक्सिंग के लिए थोड़ी प्रेक्टिस और कुशलता की जरूरत होती है तब अच्छे परिणाम बिना किसी परेशानी के मिलते हैं। कोल्ड वैक्सिंग के लिए ज्यादा कुशलता की आवश्यकता नहीं होती है।

हॉट वैक्सिंग के फायदे

Hot waxing benefits

—  इसमें गर्मी के कारण बालों के पोर या फॉलिकल चौड़े और ढ़ीले हो जाते हैं जिसके कारण बाल आसानी से निकल जाते हैं।

—  एक्सपर्ट सेंसिटिव स्किन पर हॉट वैक्सिंग की सलाह देते है। इससे इरिटेशन कम होती है।

—  हॉट वेक्स कोल्ड वेक्स की अपेक्षा बालों को अधिक मजबूती से जकड़ते हैं।

—  हॉट वेक्स से छोटे बाल भी निकाले जा सकते हैं।

—  बाल निकालने की जगह की साइज़ के अनुसार वहाँ वेक्स लगाकर बाल निकाले जा सकते हैं।

कोल्ड वैक्सिंग के फायदे

Cold waxing benefits

—  गर्म करने के लिए किसी भी साधन की जरुरत नहीं पड़ती अतः किसी भी परिस्थिति में इसका उपयोग किया जा सकता है।

—  इसमें समय बहुत कम लगता है।

—  कोल्ड वेक्स में सामग्री बेकार नहीं जाती।

—  गर्मी के मौसम में विशेषकर आरामदायक होते हैं। क्योंकि गर्म नहीं करना पड़ता।

हॉट वैक्सिंग के नुकसान

Hot waxing side effects

—  हॉट वैक्सिंग में कोल्ड वैक्सिंग की अपेक्षा समय अधिक लगता है।

—  पूरी जानकारी , कुशलता और प्रेक्टिस के बिना सही परिणाम मिलना थोड़ा मुश्किल होता है। हानि पहुँचने की भी संभावना हो सकती है। हालाँकि कुछ बार के अनुभव के बाद शानदार परिणाम मिलते हैं।

—  हॉट वैक्सिंग में एक बार में कम जगह से ही बाल निकाले जा सकते हैं।

—  सही तापमान पर वैक्स गर्म करके त्वचा पर लगाने के लिए फुर्ती दिखानी पड़ती है अन्यथा मोम अधिक गर्म या ठंडा होने से दिक्कत हो सकती है।

कोल्ड वैक्सिंग के नुकसान

Cold waxing side effects

—  यदि स्ट्रिप्स सही तरीके से नहीं लग पाती है तो त्वचा पर लाल दाने हो सकते हैं या अंदर बाल मुड़ने की संभावना हो सकती है।

—  किसी बड़े आकार की जगह के लिए बहुत सारी स्ट्रिप्स की जरुरत पड़ सकती है।

बाजार में कई प्रकार के वेक्स उपलब्ध हैं जिनका उपयोग करके घर पर आसानी से वैक्सिंग की जा सकती है। साथ ही वेक्स को गर्म करने की मशीन भी साथ आती है जिसमे साथ दिया गया वैक्स गर्म कर सकते हैं।

उपरोक्त जानकारी के अनुसार आप समझ सकते हैं की घर पर वैक्सिंग करने के लिए कोल्ड वेक्स अधिक सुविधाजनक होता है क्योंकि इसमें गन्दगी नहीं होती , अत्यधिक कुशलता की जरुरत नहीं होती , वैक्सिंग स्ट्रिप्स मेडिकल स्टोर पर आसानी से मिल जाती हैं।

शरीर के जिस अंग से बाल निकालने हों उसके अनुसार अलग साइज की स्ट्रिप्स मिल जाती हैं। इससे यह काम और भी सुविधाजनक हो जाता है।

छोटे बाल वाली जगह के लिए हॉट वेक्स करना ठीक होता है जैसे अपर लिप्स या चिन पर। क्योंकि इससे एक बार में ही सफाई हो जाती है तथा इससे त्वचा पर दाने आदि होने की संभावना भी काम होती है। सेंसिटिव स्किन वाले लोगों के लिए हॉट वैक्स अधिक अनुकूल होता है।

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