गणेश वंदना – Ganesh Vandana

गणेश वंदना Ganesh Vandana  किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले की जाती है। गणेश जी को विघ्नहर्ता , और रिद्धि सिद्धि का स्वामी कहा जाता है। गणेश वंदना के माध्यम से गणेश जी का ध्यान , स्मरण , जप (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

सत्यनारायण जी की आरती – Satya narayan ji ki aarti

सत्यनारायण जी की आरती Satya Narayan Ji Ki Aarti   सत्यनारायण जी की आरती   जय  लक्ष्मीरमणा  श्री  जय  लक्ष्मीरमणा  । सत्य नारायण  स्वामी  जन पातक हरणा । । जय लक्ष्मी…   रत्न  जड़ित  सिंहासन  अद्भुत  छवि  राजे । नारद (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

साईं बाबा की आरती – Sai Baba ki aarti

साईं बाबा की आरती Shri Sai Baba Ki Aarti    साईं बाबा की आरती   आरती  उतारे   हम तुम्हारी  सांई  बाबा  । चरणों  के  तेरे  हम  पुजारी  बाबा । विद्या  बल  बुद्धि ,  बंधु  माता  पिता  हो । तन  मन (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

अहोई माता की आरती अष्टमी वाली – Ahoi Astami Mata ki aarti

अहोई माता की आरती Ahoi mata ki arti अहोई अष्टमी के दिन विशेष रूप से पूजन के बाद गाई जाती है। अहोई अष्टमी का पूजन और व्रत का तरीका जानने के लिए यहाँ क्लिक करें। अहोई माता के पूजन के बाद कहानी सुनने (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

गणगौर के गीत पूजन के बाद के – Gangor ke geet poojan ke bad

गणगौर के गीत पूजन के बाद के समय बड़े उत्साह उमंग और भक्तिभाव से गाये जाते है। इनमे ओड़ो कोड़ो गीत , बधावे का गीत , ज्वारे का गीत , सूरज को अरग देने का गीत , गणगौर को पानी पिलाने (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

गुरु जी की आरती गुरु पूर्णिमा पर – Guruji Ki Arti

गुरुजी की आरती GURU JI KI AARTI <<<>>> <<<>>> गुरु जी की आरती आरती  गुरुदेव  की  कीजै , अपनों  जन्म सफल कर लीजै ।   कंचन थाल कपूर की बाती , जगमग जोति जले दिन राती । ।   भाव (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

दुर्गा चालीसा – Durga Chalisa

दुर्गा चालीसा Durga Chalisa भक्तिभाव के साथ गाना माँ की भक्ति का एक उचित माध्यम है।  पढ़ें दुर्गा चालीसा – दुर्गा चालीसा  Durga Chalisa     नमो नमो  दुर्गे सुख  करनी , नमो नमो अम्बे दुःख हरनी । निरंकार  है (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

लक्ष्मी माता की आरती – Lakshmi Maa Ki Aarti

लक्ष्मी माँ की आरती Maa Lakshami ji ki Arti  लक्ष्मी पूजन के बाद भक्ति भाव से गायें और कृपा प्राप्त करें।   लक्ष्मी माँ की आरती Shri Laxmi Mata Ki Aarti <<>> <<>> ओम जय लक्ष्मी माता , मैया जय लक्ष्मी (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

आरती कैसे करनी चाहिए – Aarti karne ka tareeka

आरती  Aarti  का भगवान की पूजा में बहुत महत्त्व होता है। पूजा की समाप्ति पर इन्हे गाने से पूजा में अज्ञानवश या असावधानी से यदि कोई भी त्रुटी रह जाती है तो उसकी पूर्ति जाती है। पुराणों में कहा गया है की (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

हनुमान चालीसा – Hanuman Chalisa

हनुमान चालीसा Hanuman Chalisa भक्ति का एक श्रेष्ठ माध्यम है। भक्ति भाव से इसका पाठ बहुत लाभदायक होता है। हनुमान चालीसा  Hanuman Chalisa ***  <<  दोहा  >>*** श्री गुरु चरन सरोज रज , निज मनु मुकुरु सुधारि । बरनउँ रघुबर बिमल (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

हनुमान जी की आरती मंगलवार की – Hanuman Ji ki Arti

हनुमान जी की आरती भक्ति का एक उचित माध्यम है। आरती इस प्रकार है – हनुमान जी की आरती Hanuman Ji Ki Arti आरती कीजै हनुमान लला की । दुष्ट  दलन  रघुनाथ  कला की  । ।  आरती कीजै…. जाके   बल (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

शनिवार की आरती – Shanivar ki aarti

शनिवार की आरती नरसिंग कुंवर की तथा जय जय रविनंदन दोनों यहां प्रस्तुत है। शनिवार की आरती ( 1 )  Shanivaar ki arti <<<>>> आरती  कीजै  नरसिंह  कुंवर की ।   वेद विमल यश गाऊं मेरे प्रभु जी । ।   (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

संतोषी माता की आरती – Santoshi Mata Ki Aarti

संतोषी माता की आरती Santoshi Mata Ki Aarti     संतोषी माता की आरती Santoshi Mata Ki Aarti जय संतोषी माता  मैया  जय संतोषी माता , अपने  सेवक  जन  की सुख संपत्ति दाता । । जय संतोषी माता …. सुन्दर  चीर (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

शीतला माता की आरती – Sheetla Mata Ki Arti

 शीतला माता की आरती     शीतला माता की आरती Shitla Mata Ki Aarti   जय शीतला माता , मैया जय शीतला माता ।  आदि ज्योति महारानी , सब फल की दाता ।। जय शीतला माता …. रतन  सिंहासन  शोभित  , (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

जय अम्बे गौरी आरती – Jay Ambe Gauri arti

जय  अम्बे  गौरी आरती Jay Ambe Gauri Arti     जय   अम्बे  गौरी ,   मैया  जय  श्यामा गौरी । तुमको निशदिन ध्यावत , हरि ब्रह्मा  शिवरी । । जय अम्बे गौरी … मांग  सिन्दूर विराजत , टीको  मृग मद (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

जय शिव ओमकारा आरती – Jay Shiv Omkara Arti

जय शिव ओमकारा आरती  शिव जी की आरती  Shiv Ji Ki Arti   जय  शिव ओमकारा , ओम  जय शिव ओमकारा    ।   ब्रह्मा  ,   विष्णु  ,  सदाशिव   ,  अर्धांगी    धारा  । । ओम जय … एकानन   चतुरानन (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

गणेश जी की आरती – Ganesh Ji Ki Aarti

 गणेश जी की आरती Ganesh Ji Ki Aarti     Ganesh Ji Ki Aarti  गणेश जी की आरती    जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा  ।   माता  जाकी  पार्वती   पिता  महादेवा  ।  । जय गणेश जय गणेश …. (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

शिव चालीसा महाशिवरात्रि के लिए – Shiv Chalisa

शिव चालीसा   शिव चालीसा – Shiv Chalisa    ॥दोहा॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान । कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान ।।   ॥चौपाई॥ जय गिरिजा पति दीन दयाला । सदा करत सन्तन प्रतिपाला ।। भाल  चन्द्रमा (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

गणगौर के गीत पूजा के समय – Gangaur Ke Geet for Pooja

गणगौर के गीत गणगौर की पूजा में अहम् स्थान रखते है। ये गीत इस त्यौहार का आनंद बढ़ाते हैं। यहाँ पढ़ें और गायें गणगौर के गीत। गणगौर के गीत – Gangaur ke geet    पूजा शुरू करते समय   किवाड़ी खुलवाने (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

तुलसी माता के गीत भजन आरती – Tulsi Ke Geet Bhajan Aarti

तुलसी माता के गीत , भजन , तुलसी माता की आरती आदि तुलसी विवाह के समय गाये जाते है। तुलसी विवाह की विधि विस्तार पूर्वक जानने के लिए यहाँ क्लीक करें। तुलसी माता की कहानी जानने के लिए यहाँ क्लिक करें . तुलसी (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )