दशामाता की आरती पूजा के समय की – Dasha mata ki aarti

दशा माता की आरती Dasha Mata ki aarti  दशा माता के पूजन के समय गाई जाती है। माना जाता है कि भक्तिभाव से आरती गाने से पूजा में रही भूल चूक की पूर्ती हो जाती है। दशा माता के व्रत की विधि (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

कभी फुर्सत हो तो दुर्गा माँ का भजन – Durga ma ka bhajan

दुर्गा माँ भगवती को दुनिया की पराशक्ति माना जाता है जो माँ पार्वती का ही स्वरुप है। कई तरह से पूजा भक्ति करके लोग माँ का आशीष प्राप्त करते है। माँ दुर्गा के भजन , दुर्गा चालीसा , आरती आदि (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

ले के गौरा जी को साथ शिव भजन – Le ke gaura ji ko sath

ले के गौरा जी को साथ… शिवजी का एक लोकप्रिय भजन है। शिवजी को भोले भंडारी कहा जाता है क्योंकि महादेव तुरंत प्रसन्न होने वाले देव कहे गये हैं। महाशिवरात्रि , सावन महीने तथा अन्य पावन अवसर पर शिव भक्ति के लिए भजन के (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

अरे ओरे छोरा नन्द जी का भजन – Are ore chora nandji ka

अरे ओरे छोरा नन्द जी का….. फाग का एक लोकप्रिय भजन है। फाग के भजन गीत Fag ke bhajan यानि होली के मस्ती भरे गीत जिनमें मधुरता के साथ शरारत भी होती है। एक समय था जब फाल्गुन महीना लगते ही होली की मस्ती (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

मेरे आँगन में खेलो फ़ाग गजानन भजन – Mere angan me khelo fag

मेरे आँगन में खेलो फाग गजानन….फाग का लोकप्रिय भजन है। यह सभी देवी देवताओं के लिए एक साथ गाये जाने वाला फाग का भजन है। फाग के भजन गीत Fag ke bhajan यानि होली के मस्ती भरे गीत जिनमें मधुरता के (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

श्याम होली खेलने आया फाग का भजन – Shyam holi khelne aaya

श्याम होली खेलने आया , रसिया का वेष बनाया फाग का लोकप्रिय भजन है। फाग के भजन गीत Fag ke bhajan यानि होली के मस्ती भरे गीत जिनमें मधुरता के साथ शरारत भी होती है। एक समय था जब फाल्गुन महीना लगते (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

कर सोलह श्रृंगार भोलेनाथ का भजन – Shivji ka bhajan kar solah

कर सोलह श्रृंगार भोलेबाबा का लोकप्रिय भजन है। शिवजी को भोले भंडारी कहा जाता है क्योंकि महादेव तुरंत प्रसन्न होने वाले देव बताये जाते हैं। महाशिवरात्रि , सावन महीने तथा अन्य पावन अवसर पर शिव भक्ति के लिए भजन के बोल यहाँ लिखे (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

आज बिरज में होरी रे रसिया फाग का भजन गीत – Aaj biraj me hori re

आज बिरज में होरी रे रसिया होली का एक लोकप्रिय भजन है। फाग के भजन गीत Fag ke bhajan यानि होली के मस्ती भरे गीत जिनमें मधुरता के साथ शरारत भी होती है। एक समय था जब फाल्गुन महीना लगते ही होली की मस्ती (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

नैना नीचे कर ले श्याम फाग का भजन गीत – Naina niche kar le

फ़ाग के भजन गीत Fag ke bhajan यानि होली के मस्ती भरे गीत जिनमें मधुरता के साथ शरारत भी होती है। एक समय था जब फाल्गुन महीना लगते ही होली की मस्ती शुरू हो जाती थी। एक महीने पहले होली का डंडा (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

रंग मत डारे रे सांवरिया फाग का भजन गीत – Rang mat dare re

रंग मत डारे रे सांवरिया होली का एक लोकप्रिय भजन है। फाग के भजन गीत  Fag ke bhajan  यानि होली के मस्ती भरे गीत जिनमें मधुरता के साथ शरारत भी होती है। एक समय था जब फाल्गुन महीना लगते ही होली की मस्ती (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

सरस्वती माँ के भजन वंदना प्रार्थना – Sarasvati Ma Vandana Bhajan

सरस्वती माँ का भजन बसंत पंचमी के दिन विशेष तौर पर गाया जाता है। स्कूल आदि में सरस्वती माता के गीत , सरस्वती माता के भजन या सरस्वती माता की वंदना करके माँ सरस्वती के आशीर्वाद की कामना की जाती है। यहाँ (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

गणेश वंदना – Ganesh Vandana

गणेश वंदना Ganesh Vandana  किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले की जाती है। गणेश जी को विघ्नहर्ता , और रिद्धि सिद्धि का स्वामी कहा जाता है। गणेश वंदना के माध्यम से गणेश जी का ध्यान , स्मरण , जप (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

सत्यनारायण जी की आरती – Satya narayan ji ki aarti

सत्यनारायण जी की आरती Satya Narayan Ji Ki Aarti   सत्यनारायण जी की आरती   जय  लक्ष्मीरमणा  श्री  जय  लक्ष्मीरमणा  । सत्य नारायण  स्वामी  जन पातक हरणा । । जय लक्ष्मी…   रत्न  जड़ित  सिंहासन  अद्भुत  छवि  राजे । नारद (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

साईं बाबा की आरती – Sai Baba ki aarti

साईं बाबा की आरती Shri Sai Baba Ki Aarti    साईं बाबा की आरती   आरती  उतारे   हम तुम्हारी  सांई  बाबा  । चरणों  के  तेरे  हम  पुजारी  बाबा । विद्या  बल  बुद्धि ,  बंधु  माता  पिता  हो । तन  मन (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

अहोई माता की आरती अष्टमी वाली – Ahoi Astami Mata ki aarti

अहोई माता की आरती Ahoi mata ki arti अहोई अष्टमी के दिन विशेष रूप से पूजन के बाद गाई जाती है। अहोई अष्टमी का पूजन और व्रत का तरीका जानने के लिए यहाँ क्लिक करें। अहोई माता के पूजन के बाद कहानी सुनने (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

गणगौर के गीत पूजन के बाद के – Gangor ke geet poojan ke bad

गणगौर के गीत पूजन के बाद के समय बड़े उत्साह उमंग और भक्तिभाव से गाये जाते है। इनमे ओड़ो कोड़ो गीत , बधावे का गीत , ज्वारे का गीत , सूरज को अरग देने का गीत , गणगौर को पानी पिलाने (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

गुरु जी की आरती गुरु पूर्णिमा पर – Guruji Ki Arti

गुरुजी की आरती GURU JI KI AARTI <<<>>> <<<>>> गुरु जी की आरती आरती  गुरुदेव  की  कीजै , अपनों  जन्म सफल कर लीजै ।   कंचन थाल कपूर की बाती , जगमग जोति जले दिन राती । ।   भाव (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

दुर्गा चालीसा – Durga Chalisa

दुर्गा चालीसा Durga Chalisa भक्तिभाव के साथ गाना माँ की भक्ति का एक उचित माध्यम है।  पढ़ें दुर्गा चालीसा – दुर्गा चालीसा  Durga Chalisa     नमो नमो  दुर्गे सुख  करनी , नमो नमो अम्बे दुःख हरनी । निरंकार  है (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

लक्ष्मी माता की आरती – Lakshmi Maa Ki Aarti

लक्ष्मी माँ की आरती Maa Lakshami ji ki Arti  लक्ष्मी पूजन के बाद भक्ति भाव से गायें और कृपा प्राप्त करें।   लक्ष्मी माँ की आरती Shri Laxmi Mata Ki Aarti <<>> <<>> ओम जय लक्ष्मी माता , मैया जय लक्ष्मी (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

आरती कैसे करनी चाहिए – Aarti karne ka tareeka

आरती  Aarti  का भगवान की पूजा में बहुत महत्त्व होता है। पूजा की समाप्ति पर इन्हे गाने से पूजा में अज्ञानवश या असावधानी से यदि कोई भी त्रुटी रह जाती है तो उसकी पूर्ति जाती है। पुराणों में कहा गया है की (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

हनुमान चालीसा – Hanuman Chalisa

हनुमान चालीसा Hanuman Chalisa भक्ति का एक श्रेष्ठ माध्यम है। भक्ति भाव से इसका पाठ बहुत लाभदायक होता है। हनुमान चालीसा  Hanuman Chalisa ***  <<  दोहा  >>*** श्री गुरु चरन सरोज रज , निज मनु मुकुरु सुधारि । बरनउँ रघुबर बिमल (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

हनुमान जी की आरती मंगलवार की – Hanuman Ji ki Arti

हनुमान जी की आरती भक्ति का एक उचित माध्यम है। आरती इस प्रकार है – हनुमान जी की आरती Hanuman Ji Ki Arti आरती कीजै हनुमान लला की । दुष्ट  दलन  रघुनाथ  कला की  । ।  आरती कीजै…. जाके   बल (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

शनिवार की आरती – Shanivar ki aarti

शनिवार की आरती नरसिंग कुंवर की तथा जय जय रविनंदन दोनों यहां प्रस्तुत है। शनिवार की आरती ( 1 )  Shanivaar ki arti <<<>>> आरती  कीजै  नरसिंह  कुंवर की ।   वेद विमल यश गाऊं मेरे प्रभु जी । ।   (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

संतोषी माता की आरती – Santoshi Mata Ki Aarti

संतोषी माता की आरती Santoshi Mata Ki Aarti     संतोषी माता की आरती Santoshi Mata Ki Aarti जय संतोषी माता  मैया  जय संतोषी माता , अपने  सेवक  जन  की सुख संपत्ति दाता । । जय संतोषी माता …. सुन्दर  चीर (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

शीतला माता की आरती – Sheetla Mata Ki Arti

 शीतला माता की आरती     शीतला माता की आरती Shitla Mata Ki Aarti   जय शीतला माता , मैया जय शीतला माता ।  आदि ज्योति महारानी , सब फल की दाता ।। जय शीतला माता …. रतन  सिंहासन  शोभित  , (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

जय अम्बे गौरी आरती – Jay Ambe Gauri arti

जय  अम्बे  गौरी आरती Jay Ambe Gauri Arti     जय   अम्बे  गौरी ,   मैया  जय  श्यामा गौरी । तुमको निशदिन ध्यावत , हरि ब्रह्मा  शिवरी । । जय अम्बे गौरी … मांग  सिन्दूर विराजत , टीको  मृग मद (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

जय शिव ओमकारा आरती – Jay Shiv Omkara Arti

जय शिव ओमकारा आरती  शिव जी की आरती  Shiv Ji Ki Arti   जय  शिव ओमकारा , ओम  जय शिव ओमकारा    ।   ब्रह्मा  ,   विष्णु  ,  सदाशिव   ,  अर्धांगी    धारा  । । ओम जय … एकानन   चतुरानन (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

गणेश जी की आरती – Ganesh Ji Ki Aarti

 गणेश जी की आरती Ganesh Ji Ki Aarti     Ganesh Ji Ki Aarti  गणेश जी की आरती    जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा  ।   माता  जाकी  पार्वती   पिता  महादेवा  ।  । जय गणेश जय गणेश …. (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )