अहोई अष्टमी की कहानी – Ahoee ashtami ki Kahani

अहोई अष्टमी की कहानी Ahoi ashtami ki kahani व्रत के समय कही और सुनी जाती है। इससे व्रत का सम्पूर्ण फल प्राप्त होता है। अहोई अष्टमी के पूजन और व्रत की विधि जानने के लिए यहाँ क्लिक करें। अहोई षटमी (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

ऋषि पंचमी की कहानी – Rishi Panchami ki kahani

ऋषि पंचमी की कहानी व्रत के समय कही और सुनी जाती है। ऋषि पंचमी के दिन सप्तऋषि की पूजा की जाती और व्रत किया जाता है। महेश्वरी समाज में राखी मनाई जाती है। पूजा और व्रत किये जाते है तथा ऋषि पंचमी की (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

हरतालिका तीज का व्रत पूजन और कहानी – Hartalika Teej

हरतालिका तीज का व्रत भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन किया जाता है। इस दिन ही पार्वतीजी ने महान तप करके शिवजी को प्राप्त किया था। माना जाता है की इस व्रत को करने से कुँवारी लड़कियों को मनचाहा (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

इल्ली घुणिया की कथा – illy ghuniya ki kahani

इल्ली घुणिया की कथा कार्तिक महीने में कही और सुनी जाती है। व्रत में कहानी कहने और सुनने से व्रत का सम्पूर्ण फल प्राप्त होता है।   इल्ली घुणिया की कथा   एक इल्ली थी और एक घुणिया था। इल्ली बोली (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

कार्तिक की कथा – Kartik ki katha

कार्तिक की कथा कार्तिक मास में व्रत के समय कही और सुनी जाती है। यह महीना धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। कार्तिक मास में बहुत से बड़े व्रत और त्यौहार जैसे करवा चौथ , दिवाली , तुलसी विवाह आदि आते है। इन (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

चौथ माता की कथा कहानी बारह महीने की – Chauth mata ki katha kahani

चौथ माता की कथा कहानी हर महीने की चौथ के व्रत के समय कही व सुनी जाती है। इसके बाद गणेश जी की कहानी सुनी जाती है।   चौथ की माता की कहानी इस प्रकार है –   एक नगर में एक बूढी (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

मंगला गौरी व्रत की कथा – Mangla Gauri Vrat ki kahani

मंगला गौरी व्रत कथा – Mangla Gauri Vrat Katha   मंगला गौरी व्रत कथा इस व्रत को करते समय कही और सुनी जाती है। इससे व्रत का सम्पूर्ण फल प्राप्त होता है। मंगला गौरी का व्रत और पूजा करने की विधि (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

नाग पंचमी की पूजा और कहानी – Nag Panchmi Pooja and katha

नाग पंचमी / भैया पंचमी – Nag Panchami   नाग पंचमी सावन महीने की पंचमी तिथि के दिन मनाई जाती है। इस दिन महिलायें नाग देवता की पूजा करती है और उन्हें दूध अर्पित किया जाता है। महिलायें यह पूजा अपने भाई (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

गणगौर के गीत पूजन के बाद के – Gangor ke geet poojan ke bad

गणगौर के गीत पूजन के बाद के Gangaur ke Geet Poojan ke bad ke     गणगौर का गीत ओड़ो कोड़ो -:  Gangaur ka Geet odo kodo :-   ओड़ो कोड़ो छ रावलो ये राई चन्दन को रोख ये कुण गौरा (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

सोलह सोमवार व्रत की कथा – Solah somvar vrat ki kahani

सोलह सोमवार व्रत की कथा – Solah Somvaar Vrat Ki Katha   एक बार शिवजी और पार्वती जी मृत्युलोक में भ्रमण करने पधारे। दोनों विदर्भ देश में अमरावती नामक सुन्दर नगर में पहुंचे। यह नगरी सभी प्रकार के सुखों से (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

सोमवार का व्रत विधि और कहानी – Monday Fast and Story

सोमवार का व्रत – Monday Fast   सोमवार का व्रत साधारणतया दिन के तीसरे पहर तक होता है।  व्रत में फलाहार या पारायण का कोई खास नियम नहीं होता है परन्तु भोजन एक ही समय लिया जाता है। सोमवार के व्रत (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

प्रदोष का व्रत – Pradosh Vrat

प्रदोष का व्रत – Pradosh vrat   प्रदोष का व्रत शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि यानि तेरस के दिन किया जाता है। प्रदोष का अर्थ होता है – रात्रि का शुभारम्भ। इस व्रत का पूजन इसी समय किया (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

शनिवार का व्रत विधि और कहानी – Saturday Fast and Story

शनिवार का व्रत – Saturday Fast   शनिवार का व्रत शनि की दशा दूर करने के लिए किया जाता है। इस दिन शनिदेव की पूजा की जाती है जिसमें काला तिल , काले कपड़े , काले उड़द , काले तिल का तेल (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

शुक्रवार का व्रत विधि और कहानी – Friday Fast and Story

शुक्रवार का व्रत – Friday Fast   शुक्रवार का व्रत संतोषी माता का व्रत होता है। इस दिन संतोषी माता की पूजा की जाती है , व्रत किया जाता है , माता को गुड़ चने का भोग लगाया जाता है , विशेष ध्यान रखने वाली बात (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

गुरुवार का व्रत विधि और कहानी – Thursday Fast and Story

गुरुवार का व्रत – Thursday Fast   गुरुवार का व्रत करने से धन तथा विद्या का लाभ होता है। इस दिन गुरु बृहस्पति की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार केले के पेड़ में देवगुरु बृहस्पति का वास होता (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

बुधवार के व्रत की विधि और कहानी – Wednesday Fast and Story

बुधवार का व्रत – Wednesday Fast   बुधवार का व्रत बुध गृह की शांति के लिए तथा सर्व-सुखों की इच्छा रखने वाले स्त्री पुरुषों द्वारा किया जाने वाला श्रेष्ठ व्रत है। इस दिन सफ़ेद पुष्प , सफ़ेद वस्त्र तथा सफ़ेद चन्दन के (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

मंगलवार का व्रत विधि पूजन और कहानी – Tuesday Fast and Story

मंगलवार का व्रत – Tuesday Fast   मंगलवार का व्रत सर्व सुख , राजसम्मान और स्वस्थ संतान की प्राप्ति के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। इस दिन हनुमान जी का पूजन किया जाता है। इस दिन लाल वस्त्र धारण करना (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

वट सावित्री व्रत विधि और कथा – Vat Savitri Vrat and Story

वट सावित्री व्रत – Vat Savitri Vrat   वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा के दिन किया जाता है। यही व्रत ज्येष्ठ मास की अमावस्या के दिन भी किया जाता है। दोनों व्रत को करने की तथा पूजन करने की (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

रविवार का व्रत विधि और कहानी -Sunday Fast And Story

रविवार का व्रत – Sunday Fast   रविवार का व्रत सभी मनोकामना पूरी करने वाला श्रेष्ठ व्रत माना जाता है। इस दिन सुबह जल्दी स्नान करके शुद्ध और साफ़ कपड़े पहनकर शांत चित्त से सूर्य भगवान का ध्यान करना चाहिए। लाल (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

पाल पथवारी और विनायक जी की कहानी – Pal Pathvari Vinayak Kahani

पाल पथवारी और विनायक जी की कहानी Pal Pathvari Vinayakji ki kahani   पाल पथवारी और विनायक जी की कहानी शीतला माता के पूजन के बाद पथवारी माता का पूजन करते समय सुनी जाती है। इससे पूजा का सम्पूर्ण फल प्राप्त होता (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

पथवारी की कहानी शीतला माता के पूजन के समय – Pathwari Ki Kahani

 पथवारी की कहानी  – Pathwari ki kahani   पथवारी की कहानी शीतला सप्तमी के दिन शीतला माता की पूजन के बाद पथवारी का पूजन करते समय सुनी जाती है। इससे पूजा का सम्पूर्ण  फल प्राप्त होता है।   पथवारी की (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

शीतला माता की कहानी -Sheetla Mata Ki Kahani

शीतला माता की कहानी – Shitla mata ki Kahani   शीतला माता की कहानी शीतला सप्तमी की पूजा करने के बाद सुनी जाती है। इससे पूजा का सम्पूर्ण फल प्राप्त होता है। शीतला सप्तमी की पूजा करने की विधि जानने के (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

महाशिवरात्री व्रत कथा – Maha Shiv Ratri Vrat Katha

महाशिवरात्री व्रत कथा / कहानी  – Maha Shivratri Vrat Katha   महाशिवरात्रि फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को आती है। यह भोलेनाथ प्रभु शिव शंकर की आराधना का सबसे उचित समय होता है। भोलेनाथ वैसे भी तुरंत प्रसन्न (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

गणगौर के गीत पूजा के समय – Gangaur Ke Geet for Pooja

गणगौर के गीत – Gangaur ke geet    पूजा शुरू करते समय   किवाड़ी खुलवाने का गीत – : Gangaur ka Geet Kiwadi khulvane ka : –   गौर ए गणगौर माता खोलए  किवाड़ी बाहर ऊबी थारी पूजण वाली। पूजो ए पूजो बाईयां (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

गणगौर की कहानी पूजा के समय – Gangaur Ki Kahani

गणगौर की कहानी – Gangaur ki Kahani   गणगौर की पूजा करने के बाद हाथ में आखे ( गेंहू के दाने ) लेकर कहानी सुनी जाती है। अपने सुविधा अनुसार पांच या सात कहानी सुन सकते है। गणगौर के पूजन की (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

तिल चौथ की कहानी -Til chauth ki kahani

तिल चौथ की कहानी – Til Chauth Ki Kahani   तिल चौथ की कहानी तिल चौथ के व्रत के समय कही और सुनी जाती है। तिल चौथ का व्रत माघ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को किया जाता है। तिल चौथ (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

गोवर्धन अन्नकूट की कहानी – Govardhan Annkut ki kahani

 गोवर्धन पर्वत की कहानी – Govardhan Parvat ki kahani   एक दिन भगवान कृष्ण ने देखा कि पूरे बृज में तरह तरह के मिष्ठान और पकवान बनाये जा रहे है। पूछने पर पता चला यह सब मेघ देवता इंद्र की (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

लक्ष्मी जी की कहानी दीपावली पर -Laxmi Ji Ki Kahani

लक्ष्मी जी की कहानी – Laxmi ji ki kahani   एक साहूकार की एक बेटी थी। वह रोजाना पीपल के पेड़ में पानी डालने जाती थी। पीपल के पेड़ पर लक्ष्मी जी का वास था। एक दिन लक्ष्मी जी ने (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

तुलसी माता के गीत भजन आरती – Tulsi Ke Geet Bhajan Aarti

  तुलसी माता के भजन , तुलसी माता की आरती और तुलसी माता के गीत तुलसी विवाह के समय गाये जाते है। तुलसी माता की कहानी सुनी जाती है। तुलसी विवाह की विधि विस्तार पूर्वक जानने के लिए यहाँ क्लीक (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

नरक चतुर्दशी की कहानी – Narak Chaudas Ki Kahani

नरक चौदस की कहानी – Narak Chaudas  Ki Kahani   प्राचीन समय की बात है। रन्तिदेव नाम का एक राजा था। वह पहले जन्म में बहुत धर्मात्मा एवं दानी था। दूर दूर तक उसकी बहुत ही ख्याति थी। अपने पूर्व जन्म (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )