दशा माता साँपदा माता का डोरा और व्रत 2018 – Dasha mata dora and vrat

दशा माता का व्रत Dasha mata ka vrat  दशा ( परिस्थिति ) अनुकूल बनी रहे ऐसी कामना के साथ किया जाता है। दशा माता का डोरा या साँपदा माता का डोरा गले में पहना जाता है। माँ भगवती दशा माता की पूजा (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

खाटू श्याम बाबा फाल्गुन मेला 2018 – Khatu Shyam Falgun Mela

खाटू श्याम बाबा का मेला Khatu shyam baba mela फाल्गुन शुक्ल पक्ष अष्टमी से शुरू होकर द्वादशी तिथि ( बारस ) तक यानि पांच दिन के लिया आयोजित किया जाता है। कुछ लोग होली मनाने तक यहाँ रुकते हैं। फाल्गुन शुक्ल पक्ष (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

मकर संक्राति पर सूती सेज या ससुरजी को जगाना – Suti sej jagana

मकर सक्रांति पर सूती सेज जगाने अर्थात ससुरजी को जगाने का रिवाज है। सकरात पर कुछ जगह विशेष प्रकार के नेग , नियम ( बयें ) आदि महिलाओं द्वारा किये जाते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य परिवार के सम्बन्ध को मजबूत बनाना और (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

मकर संक्रांति पर सासू माँ को सीढ़ी चढ़ाना – Sasu ji ko siddhi

मकर सक्रांति पर सासू माँ को सीढ़ी चढाने का रिवाज है। सकरात पर कुछ जगह विशेष प्रकार के नेग , नियम ( बयें ) आदि महिलाओं द्वारा किये जाते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य परिवार के सम्बन्ध को मजबूत बनाना और रिश्तों (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

मकर संक्रांति मनाने का तरीका , कारण और महत्त्व – Makar Sankranti

मकर संक्रांति makar sankrati एक त्यौहार भी है और एक खगोलीय घटना भी। ज्योतिष विज्ञान के अनुसार इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है जिसे बहुत शुभ माना जाता है।  इस दिन पृथ्वी सूर्य से अधिकतम दूरी पर स्थित होती (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

मकर संक्रांति सकरात के नेग नियम बयें – Makar Sankranti Neg Niyam

मकर सक्रांति पर कुछ जगह विशेष प्रकार के नेग , नियम ( बयें ) आदि महिलाओं द्वारा किये जाते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य परिवार के सम्बन्ध को मजबूत बनाना और रिश्तों की मान मर्यादा बढ़ाना होता है। सकरात एक बड़ा त्यौहार (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

अहोई अष्टमी पूजन और व्रत विधि – Ahoi Ashtami Poojan and Vrat

अहोई अष्टमी पूजन और व्रत माँ अपनी संतान की उन्नति , प्रगति और दीर्घायु के लिए रखती हैं । कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी के दिन अहोई अष्टमी होती है। यह दीपावली से ठीक सात दिन पहले आती है। दिवाली और अहोई अष्टमी का वार एक (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

जल झुलनी वामन एकादशी – Jal Jhulani Vaman Ekadashi

जल झुलनी एकादशी Jal Jhulni Ekadashi एक बड़ी एकादशी मानी जाती है। भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी जलझूलनी एकादशी होती है। इसे वामन एकादशी Waman Ekadashi, डोल ग्यारस Dol gyaras, परिवर्तनि एकादशी Parivartani Ekadashi, तथा पद्मा एकादशी Padma Ekadashi, (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

पीपल के पेड़ की पूजा विधि और महत्त्व – Peepal Tree Pooja

पीपल का पेड़ Peepal tree सदियों से पूजनीय माना जाता है। शास्त्रों में पीपल की जड़ में ब्रह्मा , तने में विष्णु और शाखाओं में शिवजी का वास बताया गया है।  गीता में भगवान श्री कृष्ण ने स्वयं को वृक्षों में पीपल (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

कार्तिक स्नान का महत्त्व लाभ और तरीका – Kartik Snan

कार्तिक स्नान कार्तिक महीने की एक मुख्य धार्मिक परंपरा है। कार्तिक मास धार्मिक कार्य के लिए बहुत शुभ महीना होता है। इस महीने में कई मुख्य त्यौहार आते हैं जैसे करवा चौथ , तुलसी विवाह , दिवाली , कार्तिक पूर्णिमा आदि। इस मास (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

श्राद्ध कनागत पितृपक्ष क्या कब और कैसे – Shradh , Pitrapaksh , Kanagat

श्राद्ध करना श्रद्धा का प्रतीक होता है। यह अपने पूर्वजों को याद करने , सम्मान देने और धन्यवाद करने का जरिया है। सामान्यतया श्राद्ध माता , पिता , दादा , दादी के लिए किया जाता है। कुंवारे पुत्र , कुवांरी पुत्री , (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

राधाअष्टमी और महालक्ष्मी व्रत सोलह दिन का – Radha ashtmi Mahalakshmi Vrat

राधाअष्टमी – Radha ashtami  भादों सुदी अष्टमी के दिन मनाई जाती है। इस दिन शक्ति श्री राधेरानी का एक कन्या के रुप  में कमल के पुष्प पर प्रादुर्भाव हुआ था। इस दिन सुबह वृषभानु जी ने देखा कि तालाब के चारों और (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

मंगला गौरी व्रत और पूजा की सम्पूर्ण विधि – Mangla Gauri Vrat Pooja

मंगला गौरी व्रत  Mangla Gauri Vrat सावन महीने के मंगलवार को किया जाता है। इस व्रत की शुरुआत सावन महीने के शुक्ल पक्ष के पहले मंगलवार से की जाती है। इसके बाद चार या पांच साल तक लगातार सावन महीने के (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

मंगला गौरी व्रत का उद्यापन सम्पूर्ण विधि – Mangla Gauri Vrat Udyapan

मंगला गौरी व्रत का उद्यापन Mangla Gauri Vrat ujman  सावन महीने के शुक्ल पक्ष में किया जाता है। मंगला गौरी का व्रत महिलाएं अपने पति की लम्बी आयु के लिए करती है। इसमें 16 या 20 मंगलवार के व्रत सावन महीने में (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

नाग पंचमी की पूजा और कहानी – Nag Panchmi Pooja and katha

नाग पंचमी Nag Panchami या भैया पंचमी  सावन महीने की पंचमी तिथि के दिन मनाई जाती है। इस दिन महिलायें नाग देवता की पूजा करती है और उन्हें दूध अर्पित किया जाता है। महिलायें यह पूजा अपने भाई तथा परिवार की खुशहाली (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

निर्जला एकादशी व्रत पारण पूजा विधि और इसका महत्त्व -Nirjala Ekadashi

निर्जला एकादशी या निर्जला ग्यारस   Nirjala Ekadashi  का महत्त्व साल भर में आने वाली 24 एकादशी में सबसे अधिक होता है। निर्जला का मतलब है बिना पानी। इस दिन किये जाने वाले व्रत में पानी भी नहीं पिया जाता है। अतः यह (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

अक्षय तृतीया की पूजा और इस दिन का महत्त्व – Akshay Tritiya

अक्षय तृतीया  Akshay Tritiya  वैशाख महीने में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन मनाई जाती है। इस दिन देवी लक्ष्मी और विष्णु भगवान की पूजा की जाती है। इसे आखा तीज Akha teej और अक्ति Akti के नाम से भी जाना जाता (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

शीतला सप्तमी पर शीतला माता की पूजा और बासोड़ा – Sheetla Saptami and Basoda

शीतला सप्तमी या शीतला सातम shitla satam होली के सात दिन बाद मनाई जाती है। इसे बासोड़ा , ठंडा बासी तथा राधा पुआ भी कहते है। चैत्र कृष्ण पक्ष की सप्तमीं के दिन यह त्यौहार मनाया जाता है। बासोड़ा Basoda यानि बासी ( ठंडा ) (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

गणगौर का उद्यापन करने की विधि – Gangaur Ka Udyapan Vidhi

गणगौर का उद्यापन  Gangaur ka Udyapan  विवाहित महिलाओं के लिए जरुरी माना जाता है। गणगौर का उद्यापन जिसे गणगौर का उजमना या उजरना भी कहते है शादी के बाद कभी भी किया जा सकता है । कुछ परिवारों में लड़की की शादी (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

गणगौर का पूजन सोलह दिन का और सिंजारा – Gangaur Pooja Vidhi and Sinjara

गणगौर Gangaur का त्यौहार उत्तर भारत के राज्यों में बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है,  विशेष कर राजस्थान में। उत्तर प्रदेश , मध्य प्रदेश , हरियाणा तथा गुजरात के कुछ भागों में भी गणगौर मनाई जाती है। चैत्र शुक्ल पक्ष (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

महाशिवरात्रि व्रत और पूजन 2018 – Maha Shivratri Vrat Pooja 2018

महाशिवरात्रि  Maha Shivratri  शिव और शक्ति की आराधना का पर्व है। फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी का दिन महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। शिवजी की भक्ति और कृपा प्राप्ति के लिए यह स्वर्णिम अवसर माना जाता है। भोलेनाथ (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

बसंत पंचमी मनाना और पीले मीठे चावल की विधि – Basant Panchami

बसंत पंचमी Vasant Panchmi बसंत ऋतु का एक खास दिन है। माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को यह दिन आता है। बसंत ऋतु को ऋतुराज कहा जाता हैं। कड़क सर्दी की परेशानी समाप्त होकर एक नई उमंग पैदा होती है। खुशनुमा वातावरण (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

होली पूजन करने की विधि – Holika Dahan Pooja Vidhi

होली Holi का त्यौहार हमारे प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस दिन होली का पूजन Holi Poojan तथा होलिका दहन Holika dahan ( होली जलाना ) किया जाता है। हर वर्ष फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि के दिन होलिका पूजन और दहन भक्तिभाव (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

तिल चौथ ( माही चौथ,सकट चौथ ) व्रत विधि – Til chauth ( Mahi , sankat chauth )

तिल चौथ Til Chauth का व्रत माघ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन किया जाता है। इसे माही चौथ  Mahi Chauth  व सकट चौथ sakat Chauth  के नाम से भी जाना जाता है। सकट शब्द संकट का अपभ्रंश हैं। गणेश (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

तुलसी विवाह विधि विस्तारपूर्वक – Tulsi Vivah Vidhi

तुलसी विवाह Tulsi Vivah जीवन में एक बार अवश्य करना चाहिए , ऐसा शास्त्रों में कहा गया है । इस दिन व्रत रखने का भी बहुत महत्व है। इससे पूर्व जन्म के पाप समाप्त  हो जाते है ओर पुण्य की (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

दीपावली लक्ष्मी पूजन आसान सही तरीका – Deepawali Lakshmi Poojan

दिवाली लक्ष्मी पूजन  Diwali Lakshami Pooja  हर घर में भक्तिभाव से किया जाता है। इसी के साथ गणेश जी का तथा माँ सरस्वती का पूजन भी करते है। गणेश जी विद्या और बुद्धि के देवता है। बिना विद्या – बुद्धि के संपत्ति का (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

भाई दूज ,यम द्वितीया का महत्त्व – Bhai Dooj Yam Dwitiya

भाई दूज Bhai Dooj दीपावली के पाँच दिन चलने वाले त्यौहार का अंतिम दिन होता है। कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि का दिन भाई दूज कहलाता है। धन तेरस , रूप चौदस , दीपावली और गोवर्धन पूजा के बाद (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

गोवर्धन पूजा अन्नकूट पूजा कैसे की जाती है – Gordhan Pooja Annkut Pooja

गोवर्धन पूजा Govardhan puja या अन्नकूट पूजा  Annakootpuja कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के दिन की जाती है। दीपावली के पाँच दिन चलने वाले त्यौहार में धन तेरस , रूप चौदस और दीपावली के बाद गोवर्धन पूजा या अन्न (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

छठ पूजा सूर्य षष्ठी व्रत करने का फल – Dala Chhath Pooja Surya Shashthi Vrat

छठ पूजा Dala chhath pooja या सूर्य षष्ठी व्रत surya shashthi vrat कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि यानि छठ को किया जाता है। दीपावली से छः दिन बाद यह छठ आती है । कहा जाता है कि प्रभु श्रीराम और (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

रूप चौदस , नरक चतुर्दशी , काली चौदस क्यों और कैसे मनाते हैं

रूप चौदस Roop Chodas को नरक चतुर्दशी Narak Chaturdashi या  काली चौदस Kali Chodas भी कहते है यह कार्तिक महीने में कृष्ण पक्ष की चतुदर्शी को आती  है। बंगाल में यह दिन माँ काली के जन्म  दिन के रूप में काली चौदस के तौर पर (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )