मंगला गौरी व्रत और पूजा की सम्पूर्ण विधि – Mangla Gauri Vrat Pooja

मंगला गौरी व्रत – Mangla Gauri Vrat   मंगला गौरी व्रत सावन महीने के मंगलवार को किया जाता है। इस व्रत की शुरुआत सावन महीने के शुक्ल पक्ष के पहले मंगलवार से की जाती है। इसके बाद चार या पांच साल तक (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



मंगला गौरी व्रत का उद्यापन सम्पूर्ण विधि – Mangla Gauri Vrat Udyapan

मंगला गौरी व्रत – Mangla Gauri Vrat   मंगला गौरी का व्रत महिलाएं अपने पति की लम्बी आयु के लिए करती है। इसमें 16 या 20 मंगलवार के व्रत सावन महीने में किये जाते है। 16 मंगलवार के बाद 17 वें  मंगलवार (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



नाग पंचमी की पूजा और कहानी – Nag Panchmi Pooja and katha

नाग पंचमी / भैया पंचमी – Nag Panchami   नाग पंचमी सावन महीने की पंचमी तिथि के दिन मनाई जाती है। इस दिन महिलायें नाग देवता की पूजा करती है और उन्हें दूध अर्पित किया जाता है। महिलायें यह पूजा अपने भाई (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



गणगौर के गीत पूजन के बाद के – Gangor ke geet poojan ke bad

गणगौर के गीत पूजन के बाद के Gangaur ke Geet Poojan ke bad ke     गणगौर का गीत ओड़ो कोड़ो -:  Gangaur ka Geet odo kodo :-   ओड़ो कोड़ो छ रावलो ये राई चन्दन को रोख ये कुण गौरा (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



गुरु जी की आरती गुरु पूर्णिमा पर – Guruji Ki Arti

गुरुजी की आरती GURU JI KI AARTI <<<>>> <<<>>> आरती  गुरुदेव  की  कीजै , अपनों  जन्म सफल कर लीजै ।   कंचन थाल कपूर की बाती , जगमग जोति जले दिन राती । ।   भाव सहित गुरु भक्ति कीजै (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



दुर्गा चालीसा – Durga Chalisa

दुर्गा चालीसा  Durga Chalisa     नमो नमो  दुर्गे सुख  करनी , नमो नमो अम्बे दुःख हरनी । निरंकार  है  ज्योति  तुम्हारी ,  तिहु लोक फैली उजियारी । शशि ललाट मुख महा विशाला , नेत्र लाल भ्रिकुटी विकराला । रूप (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



लक्ष्मी माता की आरती – Lakshmi Maa Ki Aarti

 श्री लक्ष्मी माता की आरती Shri Laxmi Mata Ki Aarti <<>> <<>> ओम जय लक्ष्मी माता , मैया जय लक्ष्मी माता  । तुमको  निशदिन  सेवत ,  हरि  विष्णु  विधाता  । ।  ओम जय … उमा ,  रमा ,  ब्रह्माणी  ,   (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



आरती कैसे करनी चाहिए – Aarti karne ka tareeka

आरती – Aarti   भगवान की पूजा में आरती  God Aarti  का बहुत महत्त्व होता है। पूजा की समाप्ति पर आरती गाने  (Aarti  Song ) से पूजा में अज्ञानवश या असावधानी से यदि कोई भी त्रुटी रह जाती है तो उसकी पूर्ती (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



हनुमान चालीसा – Hanuman Chalisa

हनुमान चालीसा  Hanuman Chalisa ***  <<  दोहा  >>*** श्री गुरु चरन सरोज रज , निज मनु मुकुरु सुधारि । बरनउँ रघुबर बिमल जसु , जो दायकु फल चारि ।। बुद्धिहीन  तनु   जानिके   ,   सुमिरों   पवन  कुमार । (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



हनुमान जी की आरती मंगलवार की – Hanuman Ji ki Arti

हनुमान जी की आरती Hanuman Ji Ki Arti आरती कीजै हनुमान लला की । दुष्ट  दलन  रघुनाथ  कला की  । ।  आरती कीजै…. जाके   बल  से   गिरिवर   कांपे । रोग  दोष जाके निकट न झांके। । आरती कीजै…. (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



शनिवार की आरती – Shanivar ki aarti

शनिवार की आरती – Sanivaar ki arti <<<>>> आरती  कीजै  नरसिंह  कुंवर की ।   वेद विमल यश गाऊं मेरे प्रभु जी । ।   पहली   आरती   प्रह्लाद   उबारे ।  हिरणाकुश  नख   उदार  विदारे । ।    (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



संतोषी माता की आरती – Santoshi Mata Ki Aarti

संतोषी माता की आरती Santoshi Mata Ki Aarti     जय संतोषी माता  मैया  जय संतोषी माता , अपने  सेवक  जन  की सुख संपत्ति दाता । । जय संतोषी माता …. सुन्दर  चीर  सुनहरी   माँ  धारण  कीन्हो  , हीरा  पन्ना (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



निर्जला एकादशी व्रत पारण पूजा विधि और इसका महत्त्व -Nirjala Ekadashi

  निर्जला एकादशी ,  निर्जला ग्यारस  –  Nirjala Ekadashi   निर्जला एकादशी का महत्त्व साल भर में आने वाली 24 एकादशी में सबसे अधिक होता है। निर्जला का मतलब है बिना पानी। इस दिन किये जाने वाले व्रत में पानी भी नहीं (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



अक्षय तृतीया की पूजा और इस दिन का महत्त्व – Akshay Tritiya

  अक्षय तृतीया – Akshay Tritiya   वैशाख महीने में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि अक्षय तृतीया के रूप में मनाई जाती है। इस दिन देवी लक्ष्मी और विष्णु भगवान की पूजा की जाती है।  यह दिन आखा तीज Akha teej और अक्ति (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



शीतला माता की आरती – Sheetla Mata Ki Arti

~ शीतला माता जी की आरती ~   जय शीतला माता , मैया जय शीतला माता ।  आदि ज्योति महारानी , सब फल की दाता ।। जय शीतला माता …. रतन  सिंहासन  शोभित  ,  श्वेत  छत्र  भाता । रिद्धि सिद्धि चंवर (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



शीतला सप्तमी पर शीतला माता की पूजा और बासोड़ा – Sheetla Saptami and Basoda

  शीतला सप्तमी , बासोड़ा , ठंडा बासी – Sheetla Saptami   शीतला सप्तमी या शीतला सातम shitla satam होली के सात दिन बाद मनाई जाती है। चैत्र कृष्ण पक्ष की सप्तमीं के दिन यह त्यौहार मनाया जाता है। इस पर्व को बासोड़ा (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



गणगौर का उद्यापन करने की विधि – Gangaur Ka Udyapan Vidhi

  गणगौर का उद्यापन – Gangaur ka Udyapan   गणगौर का त्यौहार बड़े उत्साह से मनाया जाता है। महिलाएँ गणगौर का पूजन भक्ती भाव के साथ करके माँ गौरी का आशीर्वाद प्राप्त करती है। गणगौर पूजन की विधि जानने के (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



गणगौर का पूजन सोलह दिन का और सिंजारा – Gangaur Pooja Vidhi and Sinjara

गणगौर – Gangaur   गणगौर का त्यौहार उत्तर भारत के राज्यों में बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है,  विशेष कर राजस्थान में। उत्तर प्रदेश , मध्य प्रदेश , हरियाणा तथा गुजरात के कुछ भागों में भी गणगौर मनाई जाती है। (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



जय अम्बे गौरी आरती – Jay Ambe Gauri arti

जय  अम्बे  गौरी आरती Jay Ambe Gauri Arti     जय   अम्बे  गौरी ,   मैया  जय  श्यामा गौरी । तुमको निशदिन ध्यावत , हरि ब्रह्मा  शिवरी । । जय अम्बे गौरी … मांग  सिन्दूर विराजत , टीको  मृग मद (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



जय शिव ओमकारा आरती – Jay Shiv Omkara Arti

जय शिव ओमकारा आरती Jay Shiv Omkara Arti जय  शिव ओमकारा , ओम  जय शिव ओमकारा    ।   ब्रह्मा  ,   विष्णु  ,  सदाशिव   ,  अर्धांगी    धारा  । । ओम जय … एकानन   चतुरानन     पंचानन (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



गणेश जी की आरती – Ganesh Ji Ki Aarti

Ganesh Ji Ki Aarti  गणेश जी की आरती        जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा  ।   माता  जाकी  पार्वती   पिता  महादेवा  ।  । जय गणेश जय गणेश …. एक  दन्त  दयावंत  चार  भुजाधारी   ।  माथे (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



शिव चालीसा महा शिवरात्रि के लिए – Shiv Chalisa

शिव चालीसा – Shiv Chalisa  ॥दोहा॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान । कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान ।। ॥चौपाई॥ जय गिरिजा पति दीन दयाला । सदा करत सन्तन प्रतिपाला ।। भाल  चन्द्रमा  सोहत  नीके  । कानन  कुण्डल (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



महाशिवरात्रि व्रत और पूजन 2017 – Maha Shivratri Vrat Pooja 2017

  महाशिवरात्रि  2017 – Maha Shivratri 2017   महाशिवरात्रि  Maha Shivratri  शिव और शक्ति की आराधना का पर्व है। फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी का दिन महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। शिवजी की भक्ति और कृपा प्राप्ति  के (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



गणगौर के गीत पूजा के समय – Gangaur Ke Geet for Pooja

गणगौर के गीत – Gangaur ke geet    पूजा शुरू करते समय   किवाड़ी खुलवाने का गीत – : Gangaur ka Geet Kiwadi khulvane ka : –   गौर ए गणगौर माता खोलए  किवाड़ी बाहर ऊबी थारी पूजण वाली। पूजो ए पूजो बाईयां (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



होली पूजन करने की विधि 2017 – Holika Dahan Pooja Vidhi 2017

होली – Holi   होली का त्यौहार हमारे प्रमुख त्योहारों में से एक है। होलिका दहन ( होली जलाना )  फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि के दिन किया जाता है। होलिका नामक राक्षसी ने भक्त प्रह्लाद को गोद में लेकर जलाने की कोशिश (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



तिल चौथ ( माही चौथ,सकट चौथ ) व्रत विधि – Til chauth ( Mahi , sankat chauth )

तिल चौथ – Til Chauth   तिल चौथ का व्रत माघ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन किया जाता है। तिल चौथ को माही चौथ ( Mahi Chauth ) व सकट चौथ ( sakat Chauth ) के नाम से भी जाना जाता (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



तुलसी विवाह विधि विस्तारपूर्वक – Tulsi Vivah Vidhi

तुलसी विवाह – Tulsi Vivah   तुलसी विवाह जीवन में एक बार अवश्य करना चाहिए ऐसा शास्त्रों में कहा गया है । इस दिन व्रत रखने का भी बहुत महत्व है। इससे पूर्व जन्म के पाप समाप्त  हो जाते है (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



दिवाली पर लक्ष्मी पूजन करने का आसान सही तरीका – Diwali Lakshmi Poojan

दिवाली – Diwali   दिवाली के दिन माँ लक्ष्मी का पूजन किया जाता है। साथ ही गणेश जी का भी पूजन करते है। गणेश जी विद्या और बुद्धि के देवता है। बिना विद्या – बुद्धि के संपत्ति का अर्जन और संग्रह नहीं किया जा (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



भाई दूज ,यम द्वितीया का महत्त्व – Bhai Dooj Yam Dwitiya

भाई दूज – Bhai Dooj   भाई दूज दीपावली के पाँच दिन चलने वाले त्यौहार का अंतिम दिन होता है। कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि का दिन भाई दूज कहलाता है। धन तेरस , रूप चौदस , दीपावली और (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )