अहोई माता की आरती अष्टमी वाली – Ahoi Astami Mata ki aarti

अहोई माता की आरती Ahoi mata ki arti अहोई अष्टमी के दिन विशेष रूप से पूजन के बाद गाई जाती है। अहोई अष्टमी का पूजन और व्रत का तरीका जानने के लिए यहाँ क्लिक करें। अहोई माता के पूजन के बाद कहानी सुनने (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

गुरु जी की आरती गुरु पूर्णिमा पर – Guruji Ki Arti

गुरुजी की आरती GURU JI KI AARTI <<<>>> <<<>>> आरती  गुरुदेव  की  कीजै , अपनों  जन्म सफल कर लीजै ।   कंचन थाल कपूर की बाती , जगमग जोति जले दिन राती । ।   भाव सहित गुरु भक्ति कीजै (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

दुर्गा चालीसा – Durga Chalisa

दुर्गा चालीसा  Durga Chalisa     नमो नमो  दुर्गे सुख  करनी , नमो नमो अम्बे दुःख हरनी । निरंकार  है  ज्योति  तुम्हारी ,  तिहु लोक फैली उजियारी । शशि ललाट मुख महा विशाला , नेत्र लाल भ्रिकुटी विकराला । रूप (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

लक्ष्मी माता की आरती – Lakshmi Maa Ki Aarti

 श्री लक्ष्मी माता की आरती Shri Laxmi Mata Ki Aarti <<>> <<>> ओम जय लक्ष्मी माता , मैया जय लक्ष्मी माता  । तुमको  निशदिन  सेवत ,  हरि  विष्णु  विधाता  । ।  ओम जय … उमा ,  रमा ,  ब्रह्माणी  ,   (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

आरती कैसे करनी चाहिए – Aarti karne ka tareeka

आरती – Aarti   भगवान की पूजा में आरती  God Aarti  का बहुत महत्त्व होता है। पूजा की समाप्ति पर आरती गाने  (Aarti  Song ) से पूजा में अज्ञानवश या असावधानी से यदि कोई भी त्रुटी रह जाती है तो उसकी पूर्ति (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

हनुमान चालीसा – Hanuman Chalisa

हनुमान चालीसा  Hanuman Chalisa ***  <<  दोहा  >>*** श्री गुरु चरन सरोज रज , निज मनु मुकुरु सुधारि । बरनउँ रघुबर बिमल जसु , जो दायकु फल चारि ।। बुद्धिहीन  तनु   जानिके   ,   सुमिरों   पवन  कुमार । (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

हनुमान जी की आरती मंगलवार की – Hanuman Ji ki Arti

हनुमान जी की आरती Hanuman Ji Ki Arti आरती कीजै हनुमान लला की । दुष्ट  दलन  रघुनाथ  कला की  । ।  आरती कीजै…. जाके   बल  से   गिरिवर   कांपे । रोग  दोष जाके निकट न झांके। । आरती कीजै…. (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

शनिवार की आरती – Shanivar ki aarti

शनिवार की आरती – Sanivaar ki arti <<<>>> आरती  कीजै  नरसिंह  कुंवर की ।   वेद विमल यश गाऊं मेरे प्रभु जी । ।   पहली   आरती   प्रह्लाद   उबारे ।  हिरणाकुश  नख   उदार  विदारे । ।    (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

संतोषी माता की आरती – Santoshi Mata Ki Aarti

संतोषी माता की आरती Santoshi Mata Ki Aarti     जय संतोषी माता  मैया  जय संतोषी माता , अपने  सेवक  जन  की सुख संपत्ति दाता । । जय संतोषी माता …. सुन्दर  चीर  सुनहरी   माँ  धारण  कीन्हो  , हीरा  पन्ना (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

शीतला माता की आरती – Sheetla Mata Ki Arti

 ~ शीतला माता जी की आरती ~   जय शीतला माता , मैया जय शीतला माता ।  आदि ज्योति महारानी , सब फल की दाता ।। जय शीतला माता …. रतन  सिंहासन  शोभित  ,  श्वेत  छत्र  भाता । रिद्धि सिद्धि चंवर (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

जय अम्बे गौरी आरती – Jay Ambe Gauri arti

जय  अम्बे  गौरी आरती Jay Ambe Gauri Arti     जय   अम्बे  गौरी ,   मैया  जय  श्यामा गौरी । तुमको निशदिन ध्यावत , हरि ब्रह्मा  शिवरी । । जय अम्बे गौरी … मांग  सिन्दूर विराजत , टीको  मृग मद (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

जय शिव ओमकारा आरती – Jay Shiv Omkara Arti

 जय शिव ओमकारा आरती Jay Shiv Omkara Arti जय  शिव ओमकारा , ओम  जय शिव ओमकारा    ।   ब्रह्मा  ,   विष्णु  ,  सदाशिव   ,  अर्धांगी    धारा  । । ओम जय … एकानन   चतुरानन     पंचानन (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

गणेश जी की आरती – Ganesh Ji Ki Aarti

 Ganesh Ji Ki Aarti  गणेश जी की आरती        जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा  ।   माता  जाकी  पार्वती   पिता  महादेवा  ।  । जय गणेश जय गणेश …. एक  दन्त  दयावंत  चार  भुजाधारी   ।  माथे (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )

शिव चालीसा महा शिवरात्रि के लिए – Shiv Chalisa

शिव चालीसा – Shiv Chalisa  ॥दोहा॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान । कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान ।। ॥चौपाई॥ जय गिरिजा पति दीन दयाला । सदा करत सन्तन प्रतिपाला ।। भाल  चन्द्रमा  सोहत  नीके  । कानन  कुण्डल (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )