गुरु जी की आरती गुरु पूर्णिमा पर – Guruji Ki Arti

गुरुजी की आरती GURU JI KI AARTI <<<>>> <<<>>> आरती  गुरुदेव  की  कीजै , अपनों  जन्म सफल कर लीजै ।   कंचन थाल कपूर की बाती , जगमग जोति जले दिन राती । ।   भाव सहित गुरु भक्ति कीजै (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



दुर्गा चालीसा – Durga Chalisa

दुर्गा चालीसा  Durga Chalisa     नमो नमो  दुर्गे सुख  करनी , नमो नमो अम्बे दुःख हरनी । निरंकार  है  ज्योति  तुम्हारी ,  तिहु लोक फैली उजियारी । शशि ललाट मुख महा विशाला , नेत्र लाल भ्रिकुटी विकराला । रूप (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



लक्ष्मी माता की आरती – Lakshmi Maa Ki Aarti

 श्री लक्ष्मी माता की आरती Shri Laxmi Mata Ki Aarti <<>> <<>> ओम जय लक्ष्मी माता , मैया जय लक्ष्मी माता  । तुमको  निशदिन  सेवत ,  हरि  विष्णु  विधाता  । ।  ओम जय … उमा ,  रमा ,  ब्रह्माणी  ,   (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



आरती कैसे करनी चाहिए – Aarti karne ka tareeka

आरती – Aarti   भगवान की पूजा में आरती  God Aarti  का बहुत महत्त्व होता है। पूजा की समाप्ति पर आरती गाने  (Aarti  Song ) से पूजा में अज्ञानवश या असावधानी से यदि कोई भी त्रुटी रह जाती है तो उसकी पूर्ती (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



हनुमान चालीसा – Hanuman Chalisa

हनुमान चालीसा  Hanuman Chalisa ***  <<  दोहा  >>*** श्री गुरु चरन सरोज रज , निज मनु मुकुरु सुधारि । बरनउँ रघुबर बिमल जसु , जो दायकु फल चारि ।। बुद्धिहीन  तनु   जानिके   ,   सुमिरों   पवन  कुमार । (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



हनुमान जी की आरती मंगलवार की – Hanuman Ji ki Arti

हनुमान जी की आरती Hanuman Ji Ki Arti आरती कीजै हनुमान लला की । दुष्ट  दलन  रघुनाथ  कला की  । ।  आरती कीजै…. जाके   बल  से   गिरिवर   कांपे । रोग  दोष जाके निकट न झांके। । आरती कीजै…. (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



शनिवार की आरती – Shanivar ki aarti

शनिवार की आरती – Sanivaar ki arti <<<>>> आरती  कीजै  नरसिंह  कुंवर की ।   वेद विमल यश गाऊं मेरे प्रभु जी । ।   पहली   आरती   प्रह्लाद   उबारे ।  हिरणाकुश  नख   उदार  विदारे । ।    (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



संतोषी माता की आरती – Santoshi Mata Ki Aarti

संतोषी माता की आरती Santoshi Mata Ki Aarti     जय संतोषी माता  मैया  जय संतोषी माता , अपने  सेवक  जन  की सुख संपत्ति दाता । । जय संतोषी माता …. सुन्दर  चीर  सुनहरी   माँ  धारण  कीन्हो  , हीरा  पन्ना (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



शीतला माता की आरती – Sheetla Mata Ki Arti

~ शीतला माता जी की आरती ~   जय शीतला माता , मैया जय शीतला माता ।  आदि ज्योति महारानी , सब फल की दाता ।। जय शीतला माता …. रतन  सिंहासन  शोभित  ,  श्वेत  छत्र  भाता । रिद्धि सिद्धि चंवर (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



जय अम्बे गौरी आरती – Jay Ambe Gauri arti

जय  अम्बे  गौरी आरती Jay Ambe Gauri Arti     जय   अम्बे  गौरी ,   मैया  जय  श्यामा गौरी । तुमको निशदिन ध्यावत , हरि ब्रह्मा  शिवरी । । जय अम्बे गौरी … मांग  सिन्दूर विराजत , टीको  मृग मद (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



जय शिव ओमकारा आरती – Jay Shiv Omkara Arti

जय शिव ओमकारा आरती Jay Shiv Omkara Arti जय  शिव ओमकारा , ओम  जय शिव ओमकारा    ।   ब्रह्मा  ,   विष्णु  ,  सदाशिव   ,  अर्धांगी    धारा  । । ओम जय … एकानन   चतुरानन     पंचानन (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



गणेश जी की आरती – Ganesh Ji Ki Aarti

Ganesh Ji Ki Aarti  गणेश जी की आरती        जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा  ।   माता  जाकी  पार्वती   पिता  महादेवा  ।  । जय गणेश जय गणेश …. एक  दन्त  दयावंत  चार  भुजाधारी   ।  माथे (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )



शिव चालीसा महा शिवरात्रि के लिए – Shiv Chalisa

शिव चालीसा – Shiv Chalisa  ॥दोहा॥ जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान । कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान ।। ॥चौपाई॥ जय गिरिजा पति दीन दयाला । सदा करत सन्तन प्रतिपाला ।। भाल  चन्द्रमा  सोहत  नीके  । कानन  कुण्डल (……यहाँ क्लीक करके पूरा पढें )