घरेलु नुस्खे – Gharelu Nuskhe

Gharelu Nuskhe In Hindi – घरेलू नुस्खे क्यों कब कैसे

 

घरेलु नुस्खे ( Gharelu Nuskhe ) क्यों ?

 

Gharelu Nuskhe  या  Gharelu Upchar  ही वो शब्द है जो किसी भी शारीरिक तकलीफ मे सबसे पहले हमें याद आते है।

दैनिक जीवन में  स्वास्थ्य सम्बन्धी छोटी-छोटी बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हमें पता होता है की इन परेशानियों से हमें

बड़ा शारीरिक नुकसान नहीं होगा इसलिए हम डॉक्टर के पास नहीं जाना चाहते।डॉक्टर द्वारा दी जाने वाली एंटीबायोटिक दवा के साइड

इफ़ेक्ट भी हम  बचना चाहते है।

 

समय की कमी भी एक समस्या रहती  है।  विचारआता है काश हमें घर से ही इस परेशानी का कुछ इलाज( Gharelu Nuskhe ) मिल जाये

तो कितना अच्छा। जैसा की बचपन में माँ , दादी या नानी द्वारा हमें दिया जाता था और हम बिलकुल ठीक हो जाते थे।

 

कृपया ध्यान दें : – किसी भी लाल अक्षर वाले शब्द पर क्लीक करके उस शब्द के बारे में विस्तार से जान सकते है

 

घरेलु नुस्खे ( Gharelu Nuskhe) में क्या होता है ?

 

घरेलु नुस्खे  ( Gharelu Nuskhe ) वो दवा है जो हमें घर की किचन के  मसालों से ही मिल जाती है । जिसमे तुलसी ( Tulsi )

हल्दी ( Haldi ) , अजवायन ( Ajwain ) , लौंग ( Long ) , कालीमिर्च (Kali Mirch ) , दालचीनी ( Dalchini ) , लहसुन (Lahsun )

धनिया , अदरक (Adrak ) आदि होते है । ये सब सामान हमारे घर में होते है लेकिन इनसे दवा ( Gharelu Nuskhe ) कैसे बनायें ।

कितनी मात्रा में वस्तु डालें , कितनी बार लें , क्या परहेज रखें इन सब बातों की मन में शंका रहती है। इसलिए छोटी सी भी परेशानी में

भी डॉक्टर के पास भागते है । जबकि पहले डॉक्टर के पास जाने की बहुत कम जरूरत होती थी।

 

 

एकल परिवार में रहने की मजबूरी या जरुरत के कारण हमें माँ , नानी या दादी के उन छोटे छोटे उपचार ( Gharelu Upchar ) की हम

बहुत कमी महसूस करते है।

 

इसी जरुरत को ध्यान में में रखते हुए दादी माँ के उन घर के फायदेमंद नुस्खे ( Gharelu Nuskhe ) व उपचारों (Gharelu Upchar) का

संग्रहण  आपके लिए प्रस्तुत  किया है। ताकि आप जरुरत के वक्त तुरंत इन नुस्खों  का सेवन करके स्वस्थ रह सके।

 

यहाँ आपको  सर्दी-जुकाम , खांसी , सिर दर्द , गोरा होने , दाग धब्बे झाईयां , मुहाँसेएसिडिटीकब्ज , गैस , पेटदर्द , घमोरिया ,  बाल

गिरना , गंजापन , बवासीरअस्थमादांत में दर्दरूसी , आदि के लिए और भी बहुत सी आवश्यकताओं के लिए आसान घरेलु उपाय

( Gharelu Upay ) मिल जायेंगे जिनकी मदद से आपकी जरुरत पूरी हो सकती है।

 

इसके अलावा फल जैसे आम , केला  , सेब ,  बील , जामुन ,  आंवला ,  अनार , सीताफल , नाशपती आदि के बारे में और सब्जी जैसे लौकी ,

आलू , गाजर , मूली , अदरक, टमाटर , नींबू  , चुकंदर बारे में तथा उनसे होने वाले फायदे और उपचार आदि के बारे में बहुत सी जानकारी

यहाँ मिल जाएगी।

 

यहाँ आपको ड्राई फ्रूट्स जैसे बादाम , काजू , पिस्ता ,अंजीर किशमिश , अखरोट , खारक आदि  कब कैसे और कितनी मात्रा में खाने चाहिए

ये भी जानने को मिलेगा। नारियल , मेहंदी , हल्दी , अक्षत जैसी शुभ वस्तुओं के बारे भी जानकारी मिलेगी। ये सब हमारी संस्कृति के बहुत ही

गुणकारी अंग है। इनकी जानकारी होना सभी के लिए लाभदायक सिद्ध होगा।

 

शरीर में कई प्रकार की कमियां जैसे किसी विटामिन की कमी , कैल्शियम की कमी , खून की कमी , प्रोटीन की कमी आदि होने के कारण

कई प्रकार की परेशानियां  पैदा हो जाती है जिन्हें समझ नहीं पाते इनके बारे में यहाँ जान सकते है । आजकल की आम समस्या जैसे

गुर्दे की पथरी , पित्ताशय की पथरी , सफर के समय उल्टी चक्कर जी मिचलाना , जोड़ों का दर्द गठिया , कोलेस्ट्रॉल आदि के बारे में विस्तार

से सरल भाषा में समझाया गया है।

 

कुछ जानकरी घरों में परेशान करने वाले कीड़े , जीव , जंतु जैसे मक्खी , चींटी , छिपकलीझींगुर या कॉकरोच आदि से मुक्ति पाने के आसान

उपाय यहाँ बताये गए है। इनका लाभ उठाएं।

 

क्या इनसे असर होगा ?

 

इसमें कोई शक नही है कि घरेलु नुस्खे ( Gharelu Nuskhe ) बहुत कारगर होते है ।  ये नुस्खे ( Gharelu Upchar ) एक तरह की

आयुर्वेदिक दवा है , धैर्य के साथ इनका उपयोग अवश्य ही फायदे मंद साबित होता है ।  लेकिन घरेलू नुस्खे  (Gharelu Nuskhe) समस्या

की गंभीरता को देखते हुए ही इस्तेमाल किये जाने चाहिए । हरेक इन्सान पर हरेक दवा का असर अलग अलग होता है । या किसी किसी को

कुछ चीजों से एलर्जी होती है। ऐसे में खुद की शारीरिक अवस्था को देखते हुए ही नुस्खों ( Gharelu Nuskhe ) का सेवन करना चाहिये।

 

कुछ परहेज ?

 

कोई भी दवा तब ज्यादा असरदार होती है जब साथ में उस दवा के नियमों का पालन किया जाए और कुछ परहेज किया जाये। अर्थात किसी

भी समस्या के उपचार के समय खान पान एवं दिनचर्या में बदलाव जरुरी हो तो अवश्य करना चाहिए । उदाहरण के लिए  एसिडिटी से परेशान

है या पेटदर्द , कब्ज आदि है , दवा भी ले रहे है लेकिन रोजाना कचोरी , समोसा या बाहर होटल का तेज मिर्च मसाले वाला खाना खा रहे है

तो दवा लेने से कोई फायदा नहीं होगा । इसी तरह सर्दी जुकाम है तो फ्रिज की ठंडी चीजें नहीं लेनी चाहिए।

 

घरेलु नुस्खे ( Gharelu Nuskhe ) या घरेलु उपचार ( Gharelu Upchar ) या कोई भी दवा लेते समय परहेज जरुर करना चाहिए। इसके

अलावा ऋतू परिवर्तन के अनुसार खान पान दिनचर्या आदि में बदलाव कर लेना चाहिए। इसे  ऋतुचर्या से जरूर जाने । ऐसा करने से रोग

प्रतिरोधक शक्ति बनी रहती है।

 

आस्था और विश्वास

 

शारीरिक स्वास्थ्य के साथ ही मन की शान्ति भी जुडी हुई है। व्रत , उपवास , पूजन , आरती आदि करने से मन को शांति मिलती है। मन शांत

रहता है तो हमारी रोगों से लड़ने की शक्ति भी बढ़ जाती है और आत्म विश्वास भी बना रहता है। इसलिए आपके लिए यहाँ आरती , व्रत , पूजन ,

और प्रसाद आदि भी बताये गए है। 

 

जैसे जन्माष्टमी पर पूजा व पंजीरी और पंचामृत बनाने का तरीका  , तीज के त्यौहार , चातुर्मास आदि क्यों और कैसे मनाये जाते है इनमे किये

जाने वाले व्रत के तरीके और शुभ समय आदि सभी कुछ आसान शब्दों में  बताया गया है । जैसे रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने का शुभ समय

इसके अलावा सावन में शिवजी  की कृपा प्राप्ति का लिए  शिवजी का व्रत और पूजा करने का तरीका ।

 

इसके अतिरिक्त पारंपरिक त्यौहार जैसे दीपावली लक्ष्मी पूजन , गोवर्धन पूजाछठ पूजा , आंवला नवमीकरवा चौथ , तुलसी विवाह

आदि पूजा और व्रत के तरीके बताये गए है। जगह जगह व्रत की कहानियां भी बताई गयी है ताकि आप इनका लाभ उठा सकें।

इसे भी एक प्रकार से  Gharelu Nuskhe  या  Gharelu Upchar  या  Desi Nuskhe  का हिस्सा ही मानना चाहिये।

 

हमारी इच्छा शक्ति भी हमें स्वस्थ होने में बहुत मददगार साबित होती है। किसी भी उपचार पर पूर्णतया विश्वास करके उपचार लेने से

अधिक आराम मिलता है। चाहे वो  Gharelu Nuskhe  का हो या  Gharelu Upchar  का या किसी और प्रकार का। मनमें विश्वास रखना

चाहिए कि हम स्वस्थ जरुर रहेंगे।

 

ये भी जरुरी

 

कुछ ऐसी बातें भी शामिल करने की कोशिश होगी जिनके बारे में माता पिता झिझकवश अपने बच्चों से नहीं कर पाते लेकिन जिसके बारे में

बच्चों को गाइड करना बहुत आवश्यक होता है अन्यथा बच्चे आधी अधूरी गलत जानकारी बाहर से कहीं से पाकर खुद का और पेरेंट्स

का शारीरिक , मानसिक और आर्थिक नुकसान कर बैठते है। जी हाँ , सेक्स तथा प्रजनन सम्बन्धी बातें।

 

लड़कियाँ को माहवारी यानि मासिक धर्म , ओवरी , गर्भाशय , श्वेत प्रदर  प्रेगनेंसी , एस टी डी ( sexually transmitted disease ) आदि 

के बारे में उचित समय पर जानकारी अवश्य होने चाहिए। आजकल छोटी उम्र में ही लड़कियों को पीसीओडी की परेशानी हो जाती है। इसके

बारे में  विस्तार से चर्चा की गई है। योनि साफ सफाई कैसे करनी चाहिए  , गर्भावस्था में उल्टी व जी घबराना कैसे मैनेज करें आदि बताये गए

है। शिशु की देखभाल कैसे करनी चाहिए , शिशु की मालिश , स्तन में दूध बढ़ाने के उपाय , छोटे बच्चों के लिए घरेलु नुस्खे आदि यहाँ जान

सकते है।  यहाँ  मेनोपॉज़ यानि  रजोनिवृति के समय महिलाओं को होने वाली परेशानियों से बचाव के बारे में बताया गया है।  

 

इसी प्रकार लड़कों को भी इरेक्शन , शुक्राणु , स्वप्नदोष और STD आदि के बारे में जान लेना चाहिए। विवाहित लोगों को भी सेक्स सम्बन्धी

पूरी जानकारी होनी चाहिए ताकी  शीघ्रपतन , लिंग की कमजोरी आदि के नाम पर ठगे जाने से और बच्चे ना होने पर तंत्र – मंत्र , बाबा आदि

से खुद को बचा सकें।   

 

नये ज़माने के साथ     

 

दादी माँ की ज्यादा उम्र का मतलब ये नहीं की वो आज के ज़माने के साथ चलना नहीं जानते। इस उम्र में भी वो नई चीजें सीखना और उनका

उपयोग करके आगे बढ़ने में विश्वास रखते है। बड़े लोगों का उद्देश्य नई पीढ़ी को खुशहाल देखना और उनको आगे बढ़ाना होता है। वो नई

अच्छी चीजों को तुरंत अपना लेते है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए आज  के ज़माने की कुछ नई बातें भी यहाँ शामिल की है जैसे नए तरह के

मेकअप में  हेयर स्पा ,  कंसीलर  ,  फाउंडेशन  , मस्कारा  , ब्लश  , और  आई शेडो आदि । इसके अलावा भी बहुत कुछ।

 

 

स्वस्थ रहें। खुश रहें। 

 

ईश्वर चाहता है कि हम स्वस्थ और खुश रहें और वो हमारे साथ है।

 

 

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