पनीर खाने के शानदार फायदे – Health Benefit Of Paneer

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पनीर Paneer  या Cottage cheese से सभी परिचित है। इसका उपयोग तो करते ही हैं लेकिन क्या आपको पनीर के फायदे मालूम हैं ?

आइये जानें –

पनीर , दही , दूध आदि प्रोटीन तथा कैल्शियम के बहुत अच्छे स्रोत है। ये सभी लाभदायक और सात्विक आहार है। रोजाना के भोजन में इन्हें

जरूर शामिल करना चाहिए। पनीर सभी को बहुत पसंद आता है। विशेषकर बच्चों की यह पहली पसंद होती है। यह एक ऐसी चीज़ है जिसे

खिलाने के लिए बच्चों को इसके फायदे गिनाने की जरुरत नहीं होती। सामने आते ही बच्चे इस पर टूट पड़ते है। उन्हें इसे खाने से रोकना भी

नहीं चाहिए । इससे उन्हें एक ऐसा पौष्टिक आहार मिलता है जो कैल्शियम जैसे  मिनरल तथा कई विटामिन और खनिज से भरपूर होता है।

पनीर

 

कृपया ध्यान दें : किसी भी लाल रंग से लिखे शब्द पर क्लिक करके उसके बारे में विस्तार से जाने। 

पनीर में कौनसे पोषक तत्व होते है – Paneer Nutrients

 

पनीर में प्रोटीन और कैल्शियम के अलावा  फास्फोरस , जिंक , मैग्नीशियम , विटामिन ए , विटामिन डी , विटामिन  बी 12 , राइबोफ्लेविन तथा

सेलेनियम प्रचुरता में होते है। इसलिए यह हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है। आँखों के लिए , दिमाग के लिए , तथा लीवर के लिए भी यह

बहुत लाभदायक होता है। यह पाचन तंत्र , त्वचा  तथा रक्त कोशिकाओं को ताकत देकर उनकी कार्य क्षमता बढ़ाता है।

पनीर और चीज़ में लेक्टोस की मात्रा कम होती है अतः जो लोग लेक्टोस के कारण दूध नहीं पी सकते वे इनका उपयोग निसंकोच कर सकते

‘है। इससे दूध वाले पोषक तत्व मिल जाते है।

 

पनीर का उपयोग कैसे करें – How to use Paneer

 

पनीर को ऐसे ही खाया जा सकता है। इससे कई प्रकार स्वादिष्ट व्यंजन बनाये जा सकते है। Paneer की सब्जी बनती है जो स्वादिष्ट होने के

साथ ही एक रॉयल टच देती है। जैसे कढ़ाई पनीर , मटर पनीर , shahi Paneer  ,पालक पनीर आदि। अपने हिसाब से और भी नई प्रकार की

डिश बनाकर शेफ अपनी रचनात्मक क्षमता का परिचय देते रहते है। इसके अलावा पनीर के पकोड़े  , पनीर के पराठे आदि बनाये जाते है।

पनीर के सैंडविच और पनीर टिक्का इसके स्वादिष्ट विकल्प में शामिल हैं।

 

पनीर कैसे बनाते है – How to make Paneer

 

पनीर दूध को फाड़कर बनाया जाता है। दूध से पनीर Paneer बनाने के कई तरीके होते है। दूध में नींबू , सिरका , दही , साइट्रिक एसिड आदि

मिलाकर गर्म करने से दूध फट जाता है इसमें पानी और पनीर अलग हो जाते है। जिसे छानकर Paneer अलग कर लिया जाता है। बाजार में

पनीर आसानी से मिल जाता है। इसे आसानी से घर पर भी बनाया जा सकता है। जो अधिक शुद्ध और नर्म भी हो सकता है। घर पर शुद्ध ,

सॉफ्ट और स्पंजी Paneer बनाने की विधि जानने के लिए यहाँ क्लिक करें

 

पनीर में फैट और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा – How much fat in Paneer

 

कुछ लोग पनीर में ज्यादा फैट होना मानकर इसका उपयोग नहीं करते। Paneer में फैट की कितनी मात्रा होती है यह किस प्रकार के दूध से

पनीर बनाया गया है उस पर निर्भर होती है। यदि दूध अधिक फैट युक्त हो तो इससे बनाये गए Paneer में भी फैट अधिक होगा लेकिन यदि

फैट निकले हुए दूध से Paneer बनाया गया हो तो उसमे फैट की मात्रा कम होगी। बाजार में कम फैट वाले पनीर की मांग होने के कारण इस

प्रकार का पनीर भी मिलने लगा है। घर पर भी टोन्ड मिल्क से कम फैट वाला Paneer बनाया जा सकता है।

 

पनीर के फायदे – Paneer Benefits

 

हड्डीयाँ और दांत – Bones and Teeth

 

जैसा कि सभी जानते है हड्डीयाँ और दांत की मजबूती के लिए कैल्शियम जरुरी होता है। पनीर में कैल्शियम तथा फास्फोरस भरपूर मात्रा में

होते है। ये दोनों ही तत्व हड्डी की मजबूती के लिए सबसे ज्यादा जरूरी होते है। इनकी जरुरत शरीर को हमेशा होती है। बच्चों को उनकी

बढ़ती हुई हड्डियों के लिए यह आवश्यक है तो बड़ों को हड्डियों की मजबूती बने रहने के लिए। कैल्शियम की कमी के कारण ही उम्र बढ़ने

पर ऑस्टीओ पोरोसिस जैसी हड्डी की कमजोरी वाली परेशानी पैदा हो सकती है।

पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम लेने से दांत भी मजबूत बने रहते है। दांत में कीड़ा लगना या दांत टूटने जैसी परेशानी से बचाव होता है।

 

कैल्शियम सिर्फ हड्डी या दांत को मजबूत नहीं बनाता बल्कि इसके और भी बहुत से महत्वपूर्ण फायदे है। कैल्शियम की कमी के कारण

PMS यानि महिलाओं को माहवारी से पहले होने वाली परेशानी , नाख़ून की कमजोरी  , बालों का रूखापन  , शुक्राणु की कमी  , स्मरण शक्ति

में कमी जैसे प्रभाव भी हो सकते है। कैल्शियम की कमी से सम्बंधित पूरी जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें

 

मांसपेशियाँ – Muscles

 

हमारे शरीर की सभी गतिविधि मांसपेशियों से संचालित होती है। इन गतिविधियों में मांसपेशियों को नुकसान भी पहुँच सकता है। प्रोटीन के

उपयोग से शरीर मांसपेशियों का नुकसान की पूर्ति करता रहता है। जिसके कारण मांसपेशियाँ लगातार काम करती रहती है। ज्यादा हेवी

एक्सरसाइज करने वाले जैसे वेट लिफ्टिंग करने वाले या बॉडी बिल्डर आदि लोगों की मांसपेशियाँ को ज्यादा चोट पहुंचती है। इनमे टूट फूट

ज्यादा होती है।

 

ऐसे व्यक्तियों को अधिक प्रोटीन की जरुरत होती है। विशेष कर ग्लुटामिन नामक एमिनो एसिड की जो ऐसे प्रोटीन से प्राप्त होता है। पनीर में

मौजूद ग्लुटामिन के कारण पनीर खाने से ऐसे लोगों की थकान जल्दी दूर होकर ताकत लौट सकती है। इसके अलावा प्रोटीन मोटापा कम

करके मांसपेशियाँ बनाने में भी मददगार होता है। इसीलिए कई बॉडी बिल्डर रात को सोते समय Paneer खाते है ताकि मसल्स ताकतवर बनी

रहें।

 

वजन कम करने में सहायक – Loose Weight

 

वजन कम करना हो तो ज्यादा प्रोटीन तथा कम केलोरी वाला भोजन लेना होता है। इसके लिए Paneer बहुत उपयुक्त होता है। क्योंकि

इसमें प्रोटीन अधिक और केलोरी कम होती है। प्रोटीन को पचने में कार्बोहाईड्रेट से अधिक वक्त लगता है। इसलिए प्रोटीन युक्त आहार लेने

से जल्दी भूख नहीं लगती। पेट ज्यादा देर तक भरा हुआ महसूस होता है। ऐसे में ज्यादा खाना खाने से बच जाते है। यह वजन को कंट्रोल में

रखने में सहायक बनता है। प्रोटीन के कारण ज्यादा भूख नहीं लगती इससे भी वजन कम होता है।

 

गर्भावस्था  – Pregnancy

 

गर्भावस्था में बहुत संशय रहता है क्या खाएं क्या नहीं। पनीर उन चीजों में शामिल है जो गर्भावस्था यानि Pregnant होने पर  खाई जा सकती

है। पनीर में प्रोटीन , कैल्शियम , फास्फोरस तथा विटामिन B 12 , आदि पोषक तत्व होते है जो गर्भावस्था में जरुरी होते है। सामान्य अवस्था

की अपेक्षा गर्भावस्था में महिलाओं को प्रोटीन की आवश्यकता अधिक होती है। जिसकी पूर्ति अधिक प्रोटीन युक्त वस्तु जैसे Paneer आदि

खाने से हो सकती है।

 

सेलेनियम खनिज के लाभ – Selenium Benefits

 

पनीर में पाया जाने वाला सेलेनियम नामक खनिज शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। फ्री रेडिकल के नुकसान

से बचाने मे मदद करता है , तथा मेटाबोलिज्म की क्रिया को सुचारू बनाये रखता है। इसके अलावा यह पुरुष और महिला दोनों के लिए

प्रजनन के अंगों के लिए जरूरी होता है। कैंसर से तथा थायरॉइड की बीमारी से बचाता है। कम सेलेनियम के कारण ह्रदय रोग होने की

संभावना होती है। उम्र  बढ़ने के साथ होने वाली अनेक बीमारियों से बचाने में मदद करके आयु बढ़ाता है।

 

विटामिन बी 2 , बी 12  के फायदे – Vitamin B2 , B 12  Benefits

 

विटामिन बी 2 यानि राइबोफ्लेविन फ्री रेडिकल से बचाव करता है , ह्रदय रोग से बचाता है , लाल रक्त कण के निर्माण के लिए जरूरी होता

है.यह माइग्रेन को कम करता है , दिमागी शक्ति और आयरन के अवशोषण के लिए जरुरी होता है। शाकाहारी लोगों में अक्सर विटामिन

बी 12 की कमी हो जाती है जिसके कारण कई प्रकार की परेशानी पैदा होने लगती है। सिर्फ दूध , पनीर आदि से ही विटामिन बी 12 प्राप्त

होता है अतः इनका उपयोग जरूर करना चाहिए।

 

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