अहोई माता की आरती अष्टमी वाली – Ahoi Astami Mata ki aarti

567

अहोई माता की आरती Ahoi mata ki arti अहोई अष्टमी के दिन विशेष रूप से पूजन के बाद गाई जाती है। अहोई अष्टमी का पूजन और व्रत का तरीका जानने के लिए यहाँ क्लिक करें

अहोई माता के पूजन के बाद कहानी सुनने और अंत में भक्ति भाव से आरती गाने से व्रत का सम्पूर्ण फल प्राप्त होता है। अहोई अष्टमी की कहानी जानने के लिए यहाँ क्लिक करें

अहोई माता की आरती

Ahoi ashtami aarti , Ahoi Mata Ki Aartiअहोई माता की आरती

जय   अहोई  माता   जय  अहोई   माता  ।

तुमको निशदिन सेवत हरि विष्णु विधाता ।।

जय अहोई माता ….

ब्रह्माणी  रुद्राणी  कमला  तू ही जग दाता ।

सूर्य  चन्द्रमा  ध्यावत  नारद  ऋषि  गाता ।।

जय अहोई माता ….

माता  रूप  निरंजन  सुख  सम्पत्ति दाता ।

जो कोई तुमको ध्यावत नित मंगल पाता ।।

जय अहोई माता ….

तू   ही  पाताल  बसंती  तू   ही  सुखदाता ।

कर्म प्रभाव प्रकाशक जगनिधि की त्राता  ।।

जय अहोई माता ….

जिस  घर थारो  बासो बहि में गुण आता ।

कर सके सोई कर ले मन नहीं घबराता ।।

जय अहोई माता ….

तुम   बिन   सुख  न  होवे   पुत्र न कोई  पाता ।

खान पान का वैभव तुम बिन कोई नहीं पाता  ।।

जय अहोई माता ….

शुभ  गुण  सुंदर युक्ता  क्षीर  निधि  जाता ।

रतन  चतुर्दिश  तुम  बिन कोई नहीं पाता  ।।

जय अहोई माता ….

श्री अहोई  माँ  की  आरती जो कोई गाता ।

उर  उमंग अति  उपजे  पाप  उतर जाता ।।

जय अहोई माता ….

बोलो श्री अहोई माता की ……जय !!!

इन्हे भी जाने और लाभ उठायें :

आरती करने का सही तरीका / दुर्गा चालीसा / हनुमान चालीसा / शिव चालीसा / लक्ष्मी माता की आरती / कार्तिक स्नान के लाभ / दिवाली लक्ष्मी पूजन / तिल चौथ व्रत / भाई दूज यम द्वितीया / धन तेरस