उल्टी जी घबराना कारण और घरेलु नुस्खे – Gharelu Nuskhe For Vomit Nausea

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उल्टी Vomit , जी मिचलाना Nausea सभी के साथ होता है। जब पेट में से न चाहते हुए भी धक्के से पेट की सामग्री बाहर निकलती है तो इसे उल्टी होना Vomit कहते है। वमन  Vaman होना या कै होना इसी के नाम है।

उल्टी होने पर पेट की सामग्री मुंह से और नाक से बाहर निकल सकती है। उलटी होने से पहले यह महसूस होना कि उल्टी होने वाली है जी घबराना Ji Ghabrana  , मन घबराना man ghabrana , जी मिचलाना  Ji Michlana  या उल्टी का सा मन होना कहलाता है।

इंग्लिश में इसे नॉज़िया Nausea कहते है। इसे मितली , उबकाई , मचली आदी नामों से भी जाना जाता है। मन घबराने के बाद जरुरी नहीं कि उल्टी हो ही जाये। यह ठीक भी हो सकता है। जी घबराना और उल्टी होना किसी को भी हो सकता है।

बचपन में यह अधिक होता है क्योकि बचपन में स्वाद के कारण खाने पर काबू नहीं होता। कुछ भी कितनी भी मात्रा में खा लेना सामान्य सी बात होती है। कभी कभी बहुत ज्यादा खाने में आ जाता है। पेट फूल सा जाता है और जी घबराने लगता है।

ये महसूस होने लगता है कि अब उल्टी होने वाली है और फिर उल्टी हो जाती है। पेट जरुरत से ज्यादा भरे हुए सामान को बाहर निकाल देता है। इसे रोक नहीं पाते और उल्टी हो जाने पर आराम मिलता है।

 

उल्टी , जी मिचलाने के कारण – Cause of Vomit and Nausea

उल्टी या जी मिचलाना  सिर्फ अधिक मात्रा में खाने से ही नहीं होता। इसके और भी बहुत से कारण हो सकते है। अपने आप में यह कोई बीमारी नहीं है। लेकिन यह किसी शारीरिक समस्या का संकेत अवश्य हो सकता है। सामान्यता कुछ परिस्थिति जिसमे जी मिचलाने या उलटी होना अधिक होता है , इस प्रकार है :

कृपया ध्यान दें : – किसी भी लाल रंग से लिखे शब्द पर क्लिक करके उस शब्द के बारे में विस्तार से जानिए।

सफर – safar me ulti

अक्सर बस , कार आदि में लंबे सफर के समय कई लोगों को जी मिचलाने या उलटी होने की परेशानी होती है। पहाड़ी रास्तों पर यह परेशानी ज्यादा हो सकती है । यह मोशन सिकनेस की वहज से हो सकता है ।

मोशन सिकनेस क्या होता है तथा सफ़र के समय जी मचलने या उल्टी होने की समस्या और उपाय के बारे में विस्तार से जानने के लिए यहाँ क्लिक करें ।

एसिडिटी – Acidity se ulti

पेट में एसिड अधिक मात्रा में बनने या किसी और कारण से एसिडिटी होने पर जी घबराता है। उलटी भी हो सकती है।खाली पेट होने पर परेशानी अधिक होती है। एसिडिटी मिटने पर जी घबराना भी ठीक हो जाता है। एसिडिटी दूर करने के घरेलु नुस्खे जानने के लिए यहाँ क्लीक करें

गर्भावस्था – pregnancy me ulti

गर्भवास्था में शुरू के कुछ महीनो में जी घबराना और उलटी होना सामान्य से बात है। यह हार्मोन परिवर्तन के कारण होता है। बहुत सी महिलाओं को गर्भ धारण करने के महीने-डेढ़ महीने बाद जी मिचलाना और उलटी होना शुरू हो जाता है। यह तीसरे महीने तक अधिक होता है फिर धीरे धीरे  कम हो जाता है।

गर्भावस्था में उल्टी व जी मिचलाने के कारण और इससे बचने के उपाय जानने के लिए यहाँ क्लिक करें

पित्ताशय में पथरी – Pet ki kharabi se ulti

पित्ताशय में पथरी होने के कारण पाचन तंत्र पर असर पड़ता है। इसके कारण जी घबराना या उलटी होने की परेशानी हो सकती है। पित्ताशय की पथरी और बचने के उपाय के बारे में विस्तार से इस वेबसाइट में बताया गया है ।

पाचन तंत्र से सम्बंधित दूसरी परेशानी जैसे लीवर में खराबी , आंतो की खराबी , पेट में अल्सर , अपेन्डिक्स , अग्नाशय आदि भी जी मिचलाने या उलटी होने के कारण बन सकते है।

चिंता , तनाव , डर – chinta fikar se ulti

टेंशन , डर , दुःख , डिप्रेशन आदि के समय शरीर में होने वाले परिवर्तन के कारण जी मिचलाने या उलटी होने की परेशानी हो सकती है। इसमें ज्यादा फ़िक्र करने की बात नहीं होती। तनाव दूर करने के प्रयास करने चाहिए। तनाव कम होने पर यह अपने आप ठीक हो जाता है।

फ़ूड पोइज़निंग – food poisoning se ulti

बेक्टिरिया आदि से दूषित खाना खा लेने से पाचन तंत्र पर बुरा असर होता है। शरीर द्वारा इस प्रकार के संक्रमण को बाहर निकालने की प्रक्रिया में उल्टी दस्त होने लगते है। दवा लेने से कुछ समय बाद यह ठीक हो जाता है।

सिर की समस्या – sir me chot se ulti

सिर से सम्बंधित परेशानियां जैसे माइग्रेन , सिर में लगी चोट , ब्रेन स्ट्रोक , ब्रेन ट्यूमर आदि के कारण उलटी हो सकती है। इस अवस्था में तुरंत चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए।

रक्त में खराबी – khoon me kharabi se ulti

रक्त में कैल्शियम बढ़ने से , ब्लड शुगर कम या ज्यादा होने से , रक्त में पोटेशियम बढ़ने से आदि कारणों से जी घबराने या उलटी होने की समस्या हो सकती है। यह रक्त की जाँच करवाने से पता चलता है।

तेज दर्द – tej dard se ulti

शरीर में किसी भी जगह तेज दर्द उल्टी का कारण बन सकता है। हार्ट अटैक होने पर उलटी हो सकती है।

यूरिन इन्फेक्शन – Urin Infection

पेशाब के नली में संक्रमण ( यूरिन इन्फेक्शन ) होने से जी घबराने और उलटी होने की परेशानी हो सकती है।

अन्य कारण

इसके अतिरिक्त अन्य कारण जैसे  वायरल इन्फेक्शन , तेज बदबू , अधिक शराब पीने , किसी दवा के साइड इफ़ेक्ट की वजह से जी घबराने और उलटी होने की परेशानी हो सकती है।

उल्टी होने के नुकसान – Side Effects of Vomit

—  वैसे उल्टी होने से कुछ खास नुकसान नहीं होता लेकिन कभी कभी इससे किसी गंभीर बीमारी का संकेत मिलता है। इसलिए उलटी का कारण जानकर उसका उपचार अवश्य होना चाहिए ।

—  ज्यादा उल्टी से होने से शरीर में पानी की कमी  (dehydration ) हो सकती है , इसका खतरा बच्चों में अधिक होता है। यदि उल्टी होने के साथ बच्चे में होंठ सूखे हुए , आंखें धंसी हुई , सांसें या धड़कन असामान्य नजर आये तो तुरंत सम्भालना चाहिए।

—  छोटे शिशु में यदि पेशाब नहीं आ रहा हो और सिर के ऊपर नर्म हिस्सा धंसा हुआ हो तो सावधान हो जाना चाहिए।

—  गर्भवस्था में बहुत ज्यादा उल्टी होने से पानी की कमी हो सकती है जो माता और शिशु दोनों के लिए  नुकसान देह हो सकती है।

उल्टी होना कब गंभीर होता है – When Is Vomit  Serious

वैसे तो सामान्य रूप से जी घबराना या उल्टी होना गंभीर नहीं होता और ना ही किसी विशेष उपचार की आवश्यता होती है। लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में इसे गंभीर मानकर योग्य चिकित्सक से उपचार लेना जरूरी होता है। कुछ ऐसी स्थिति इस प्रकार है :

—  यदि जी घबराना समस्या ज्यादा दिनों तक हो।

—  गर्भावस्था की संभावना हो।

—  यदि घर की दवा से फायदा नहीं हो।

—  पानी की कमी ( Dehydration ) हो जाये।

—  सिर में चोट लगने के कारण उल्टी हो रही हो।

—  एक दिन से ज्यादा लगातार उल्टी हो रही हो।

—  छोटे बच्चे को बुखार के साथ उल्टी दस्त हो रही हो।

—  शिशु में 6 घंटे से पेशाब नहीं किया हो और  पानी की कमी के ( Dehydration ) लक्षण भी दिखाई  दें।

—  उल्टी के साथ खून आये।

—  उल्टी के साथ बहुत तेज सिरदर्द हो।

—  उल्टी हो और गर्दन अकड़ जाये।

—  उल्टी के साथ बेहोशी सी आने लगे।

—  तेज पेट दर्द हो।

—  साँस या धड़कन असामान्य हो जाये।

इन स्थितियों में समस्या की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

उल्टी होने या जी घबराने पर क्या करें – What to do

सामान्य स्थितियों में जी मिचलाने या और उल्टी होने पर ये ध्यान रखें

—  जी घबरा रहा हो तो उल्टी होने से रोकने के लिए लेट जाएँ आराम करें , इससे जी घबराना कम होता है।

—  उल्टी हो जाये तो साफ पानी में थोड़ा नमक मिलाकर अच्छे से कुल्ला कर लें। आराम करें।

—  बार बार उल्टी हो तो पानी की शरीर में कमी ना हो इसका इसका ध्यान रखें , लगातार  थोड़ी थोड़ी मात्रा मात्रा में पानी पीते रहें।

—  डिहाइड्रेशन से बचने के लिए ORS का घोल लेते रहें।

—  खाना खाने के बाद जी घबराता है तो एक बार में ज्यादा खाने से बचें। इसके बजाय कम भोजन ज्यादा बार लेना फायदेमंद होता है। शांति के साथ धीरे धीरे खाएं। गरिष्ठ भोजन से बचें सुपाच्य भोजन ही लें।

—  जब तक उलटी होना ठीक नहीं हो जाये तब तक ठोस आहार न लें तो ज्यादा अच्छा।

—  गर्म भोजन की गंध से जी घबराता हो तो खाना थोड़ा ठंडा हो जाये तब ही लें।

—  जी मिचलाए तो खाना खाने के बाद कुछ देर आराम करें।

—  भोजन के साथ पानी ना लें।

—  जी घबराना बंद हो तभी कुछ खाएं।

—  हल्का खाना जैसे दलिया खिचड़ी लें।

—  तले हुए , तेज  मिर्च मसाले वाली चीजें ना खाएं।

—  खाने खाने के तुरंत बाद शारीरिक मेहनत वाला काम ना करें।

उल्टी रोकने के घरेलु नुस्खे – Gharelu Nuskhe For Vomit

—   अदरक पाचक को मुंह में रखकर चूसने से जी मिचलाना बंद होता है। अदरक पाचक घर पर बनाने की विधि जानने के लिए यहाँ क्लीक करें

—  एक चम्मच चावल के धोवन में आधा ग्राम जायफल घिसकर चाटने से उल्टी होना बंद होता है। इसे दो तीन बार लें।

—  दो तीन नींबू के बीज को छीलकर ताजा गुलाब जल या पानी के साथ पीस कर लेने से उल्टी होना तुरंत बंद हो जाता है।

—  नारियल की जटा जलाकर रख कर लें। एक ग्राम यह राख चाट कर आधा कप पानी पी लें। इससे उल्टी बंद होती है। यह दवा हैजा में भी काम करती है।

—  जी मिचलाने पर कटे हुए नींबू में काला नमक और काली मिर्च भरकर चूसें। इससे जी मिचलाना ठीक होता है और उल्टी नहीं होती है।

—  आधा कप पानी में एक चम्मच नींबू का रस और एक चम्मच ग्लूकोज़ मिलाकर एक-एक घंटे से लेने से उल्टी में आराम आता है।

—  पिसी हुई छोटी इलायची कटे हुए नींबू में भरकर चूसने से उल्टी बंद होती है।

—  सफर के समय उलटी हो तो नींबू या अदरक चूसते रहने से उल्टी नहीं होती।

—  लौंग को मुंह में रखकर चूसने से जी घबराना ठीक होता है।

—  चार लौंग कूटकर एक कप पानी में डालकर उबालें। आधा रह जाये तब छानकर मिश्री मिलाकर पी लें और करवट लेकर लेट जाएँ । दिन में तीन-चार बार इस प्रकार लेने से उलटी बंद होती है।

—  दो लौंग भूनकर पीस लें इसे आधा चम्मच शहद में मिलाकर लेने से उलटी होना मिटता है।

—  हरा धनिया पीसकर इसका लगभग पाँच चम्मच रस निकालकर दिन में चार पांच बार इसे पीने से गर्मी के कारण होने वाली उलटी बंद होती है। इससे गर्भवस्था की उल्टी भी मिटती है।

— एक गिलास पानी में तीन चम्मच धनिया पाउडर और एक चम्मच मिश्री डालकर एक घंटे भीगने के  लिए रखें। एक घंटे बाद छानकर इसमें से चार-चार चम्मच एक-एक घंटे से पियें। इससे उलटी होना बंद होता है। बच्चों को एक-एक चम्मच देने से लाभ होता है। गर्मी  के कारण चक्कर आना , जी घबराना , दिल धड़कना आदि भी इससे बंद होते है।

—  एक चम्मच सेंधा नमक और चार चम्मच जीरा एक कटोरी में लेकर इसमे इतना नींबू का रस मिलाएं कि ये डूब जाएँ। इसे रोजाना हिलाते हुए सूखने दे। सूखने पर चौथाई चम्मच यह जीरा दिन में तीन चार बार खाने से गर्भवस्था में होने वाली उलटी ठीक होती है।

आम के दो पत्ते और पुदीना बीस पत्ते एक कप पानी के साथ पीस कर छान ले। इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर पियें। इससे उल्टी होना बंद होता है।

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