ऊब छठ का व्रत और पूजा विधि – Ub Chhath Vrat Pooja Vidhi

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ऊब छठ का व्रत और पूजा विवाहित स्त्रियां पति की लंबी आयु के लिए तथा कुंआरी लड़कियां अच्छे पति कामना में करती है। भाद्र पद महीने की कृष्ण पक्ष की छठ ( षष्टी तिथि ) ऊब छठ होती है।

ऊब छठ को चन्दन षष्टी  Chandan chath  , चन्ना छठ channa chhath और चाँद छठ  chand chath  के नाम से भी जाना जाता है।

डाला छठ व्रत या सूर्य षष्ठी व्रत दीपावली के छः दिन बाद होता है।

डाला छठ का व्रत और पूजन की सम्पूर्ण विधि जानने के लिए  यहाँ क्लीक करें। 

ऊब छठ

ऊब छठ के दिन मंदिर में भगवान की पूजा की जाती है। चाँद निकलने पर चाँद को अर्ध्य दिया जाता है। उसके बाद ही व्रत खोला जाता है। सूर्यास्त के बाद से लेकर चाँद के उदय होने तक खड़े रहते है। इसीलिए इसको ऊब छठ कहते है।

ऊब छठ की पूजन सामग्री – Ub chhath Poojan Samagri

कुमकुम ,  चावल ,  चन्दन  ,  सुपारी  , पान  , कपूर  , फल ,  सिक्का , सफ़ेद फूल , अगरबत्ती , दीपक

ऊब छठ की पूजा विधि – Ub chhath Pooja Vidhi

स्त्रियां इस दिन पूरे दिन उपवास रखती है।

शाम को दुबारा नहाती है और नए कपड़े पहनती है।

मंदिर जाती है। वहाँ भजन करती है।

चन्दन घिसकर टीका लगाती है।

कुछ लोग लक्ष्मी जी और और गणेश जी की पूजा करते है। कुछ अपने इष्ट की ।

भगवान को कुमकुम और चन्दन से तिलक करके अक्षत अर्पित करते है।

सिक्का , फूल , फल , सुपारी चढ़ाते है।

दीपक , अगरबत्ती जलाते है।

फिर हाथ में चन्दन लेते है। कुछ लोग चन्दन मुँह में रखते है।

इसके बाद ऊब छट व्रत की कहानी सुनते है। छठ की कहानी के लिए यहाँ क्लिक करके पढ़ें

और गणेशजी की कहानी सुनते है। गणेश जी की कहानी के लिए यहाँ क्लीक करें 

इसके बाद पानी भी नहीं पीते जब तक चाँद न दिख जाये। इसके अलावा बैठते नहीं है। खड़े रहते है ।

चाँद दिखने पर चाँद को अर्ध्य दिया जाता है। चाँद को जल के छींटे देकर कुमकुम , चन्दन , मोली , अक्षत चढ़ाएं। भोग अर्पित करें।

जल कलश से जल चढ़ायें। एक ही जगह खड़े होकर परिक्रमा करें।

अर्ध्य देने के बाद व्रत खोला जाता है।

लोग व्रत खोलते समय अपने रिवाज के अनुसार नमक वाला या बिना नमक का खाना खाते है।

ऊब छठ के व्रत की उद्यापन विधि – Ub Chath Ka Udyapan

इस व्रत के उद्यापन के लिए पाव पाव भर के आठ लडडू बनाये जाते है। ये लडडू एक प्लेट में रखकर व्रत करने वाली आठ स्त्रियों को दिए जाते है।

साथ में एक नारियल भी दिया जाता है। नारियल पर कुमकुम के छींटे दिए जाते है। एक प्लेट में लडडू और नारियल विनायक को दिया जाता है।

ये प्लेट घर पर जाकर दे सकते है या उनको भोजन के लिए निमंत्रण देकर भोजन कराके भी दे सकते है। प्लेट देते समय पहले लड़की या महिला को तिलक करें। फिर प्लेट दें । नारियल भी दें।

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