गणगौर के गीत पूजा के समय – Gangaur Ke Geet for Pooja

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गणगौर के गीत Gangaur ke geet  गणगौर की पूजा में अहम् स्थान रखते है। यहाँ गणगौर गीत के बोल Gangaur song lyrics लिखे गये हैं। इन्हे देखें पढ़ें और भक्तिभाव से इन्हे गाकर त्यौहार और भक्ति का आनंद लें।

गणगौर की पूजा के समय गाये जाने वाले गीतों के बोल Gangaur geet lyrics  – किवाड़ी खुलवाने के , गौर गौर गोमती , ऊँचो चवरो चोकुंठो , हिंडा के गीत , चुनड़ी के गीत , टीकी के गीत , चोपड़ा के गीत आदि यहाँ मिल जायेंगे।

Gangaur ke geet

~ गणगौर के गीत ~

 पूजा शुरू करते समय

किवाड़ी खुलवाने का गीत

 Gangaur ka Geet Kiwadi khulvane ka

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गौर ए गणगौर माता खोल ए किवाड़ी

बाहर ऊबी थारी पूजण वाली।

पूजो ए पूजो बाईयां , काई काई मांगों

म्हे मांगा अन्न धन , लाछर लक्ष्मी।

जलहर जामी बाबुल मांगा, राता देई मायड़

कान कंवर सो बीरो  मांगा , राई सी भौजाई।

ऊँट चढयो बहनोई मांगा , चूंदड़ वाली बहना

पूस उड़ावन फूफो मांगा , चूड़ला वाली भुवा।

काले घोड़े काको मांगा , बिणजारी सी काकी

कजल्यो सो बहनोई मांगा , गौरा बाई बहना।

भल मांगू पीहर सासरो ये भल मांगू सौ परिवार ये

गौर ए गणगौर माता खोल ए किवाड़ी।

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गणगौर के गीत पूजा करते समय

 Gangaur ke Geet Pooja vale

गीत  ( 1 )

गौर गौर गोमती ईसर पूजे पार्वती

पार्वती का आला-गीला , गौर का सोना का टीका

टीका दे , टमका दे , बाला रानी बरत करयो

करता करता आस आयो वास आयो

खेरे खांडे लाडू आयो , लाडू  ले बीरा ने दियो

बीरो ले मने पाल दी , पाल को मै बरत करयो

सन मन सोला , सात कचौला , ईशर गौरा दोन्यू जोड़ा

जोड़ ज्वारा , गेंहू ग्यारा , राण्या पूजे राज ने ,

म्हे पूजा सुहाग ने

राण्या को राज बढ़तो जाए , म्हाको सुहाग बढ़तो जाय ,

कीड़ी- कीड़ी , कीड़ी ले , कीड़ी थारी जात है ,

जात है गुजरात है ,

गुजरात्यां को पाणी , दे दे थाम्बा ताणी

ताणी में सिंघोड़ा , बाड़ी में भिजोड़ा

म्हारो भाई एम्ल्यो खेमल्यो , सेमल्यो सिंघाड़ा ल्यो

लाडू ल्यो , पेड़ा ल्यो सेव ल्यो सिघाड़ा ल्यो

झर झरती जलेबी ल्यो , हरी -हरी दूब ल्यो ,

गणगौर पूज ल्यो

इस तरह सोलह बार बोल कर आखिरी में

बोले एक-लो , दो-लो , तीन लो ….. सोलह-लो ।

गीत ( 2 )

ऊँचो , चवरो , चोकुंटो , जल जमना रो नीर मंगाय।

जठ ईशर जी सांपज ,बाई गवरा गवर पूजाय।

गवर पूजावंता यूं केब ,सायब आ  जोड़ी अबछाल राख

अबछल पीवर सासरो , ए बाई ,अब छल सो परिवार ,

ऊँचो चवरो चोकुंटो जल जमना रो नीर मंगाय।

( अपने घर वालो के नाम लेते जाएँ  )

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गणगौर के गीत हिंडा के

 Gangaur ke Geet Hinda ke

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चम्पा री डाली , हिन्डो माण्डयो , रेशम री गज डोर।

जी ओ म्हे हिन्डो माण्डयो।

म्हारे  हिंडोल इशरदास जी पधारया , ले बाई गवरा ने साथ।

जी ओ म्हे हिन्डो माण्डयो।

होले से झोटो दिया ओ पातलीया डरप लो नाजूक जीव।

जी ओ म्हे हिंडो मण्डियों।

चम्पल री डाली हिंडो मांडियो ,रेशम री  गज डोर।

जी ओ म्हे हिंडो मंड्यो।

( बेटी जवाई के नाम लेते जाएँ  )

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गणगौर के गीत चूनड़ी के

 Gangaur ke Geet Chundi ke

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गीत ( 1 )

ईशरदास जी बीरो चूनड़ी रंगाई

बाई रोवां के दाय नहीं आई रे

नीलगर ओज्यूँ रंग दे म्हारी चुनड़ी

अल्ला रंग दे पल्ला रंग दे।

म्हारे  माथे पे मोरिया छपाई दे नीलगर।

( भाई बहन का नाम लेना हैं।

ईशरदास जी की जगह भाई का नाम

और रोवा की जगह बहन का नाम  )

गीत ( 2 )

चमकण घाघरो चमकण चीर ,

बोलबाई रोवां कुण थारा बीर

बड़ो बड़ो म्हारो ईशरदास बीर

बांसयुं छोटो कानीराम बीर

चुनरी ओढावे म्हारो ईशरदास बीर

माय स्यु मिलावे म्हारो छोटो कानीराम बीर।

चमकण लागे घाघरा चमकण चीर …

( भाई का बहन का नाम लेते हैं )

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गणगौर के गीत

गणगौर का गीत टीकी का

 Gangaur ka Geet Tiki ka

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अम्बो तो जाम्बा टीकी , पाना तो पल्ला टीकी

हरो नगीनों टीकी सोना की

या टीकी गौरा बाई ने सोवे

ईशरदास जी बैठ घडावे टीकी

अम्बो तो जाम्बा

( इसी प्रकार सबके नाम लेने हैं )

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गणगौर का गीत चोपड़ा का

 Gangaur ka Geet Chopada ka

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गौर थारो चोपडो माणक मोती छायो ऐ

माणक मोती छायो ऐ यो तो सच्चा मोती धायो ऐ

ब्रह्मदास जी रा ईसरदास  जी रोली रंग लाया ऐ

ईसरदास जी रा कानीराम जी परण पधराया ऐ

परण पधारया वाकी माया टीका काड़या ऐ

रोली  का वे टीका काड़या ऊपर चावल चेपया ऐ

गौर थारो चोपडो माणक मोतिया छायो ऐ

माणक मोतिया छायो ऐ वो तो सच्चा मोती छायो ऐ।

(ब्रह्मदास जी की जगह दादा ससुर जी का ,

ईसरदास की जगह पति का और

कानीराम जी की जगह पुत्र का नाम लेना चाहिए )

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