गर्मी से बचने के लिए क्या करें – How to protect yourself in summer

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गर्मी का मौसम Summer शुरू होने के साथ धूप तेज होने लगती है। पंखे , कूलर और एसी शुरू हो जाते हैं। मई जून में तापमान अपने चरम पर होता है। धूप में एक क्षण भी रहना असंभव सा प्रतीत होने लगता है।

गर्मी के इस भीषण ताप से खुद को बचाने में सावधानी ना बरतें तो बहुत सी परेशानियाँ पैदा हो सकती हैं। आईये जानें गर्मी के मौसम में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और गर्मी से खुद को कैसे बचायें।

गर्मी से कैसे बचें

गर्मी से परेशानी तो सबको होती है लेकिन नवजात शिशु , बच्चे , बुजुर्ग , बीमार तथा गर्मी में अधिक मेहनत का काम करने वाले तथा जो लोग गर्म वातावरण के आदी नहीं होते उन लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरुरत होती है।

गर्मी के मौसम में सावधानी – Summer Care

कृपया ध्यान दे : किसी भी लाल रंग से लिखे शब्द पर क्लीक करके उसके बारे में विस्तार से जान सकते हैं। 

पानी – Water

गर्मी में सबसे पहली जरुरत पानी की होती है। शरीर में 75 % पानी ही होता है। पानी की कमी होने पर कई शारीरिक प्रक्रियाओं में बाधा उत्पन्न होने लगती है। गर्मी में शरीर को ठंडा रखने के लिए पसीने के माध्यम पानी का निकास से बढ़ जाता है। जिसकी पूर्ती करना आवश्यक होता है।

अतः पानी खूब पीना चाहिए। बुजुर्ग लोगों को प्यास ना लगे तो भी पानी बार बार पीना चाहिए। सामान्य तौर पर पानी कब कैसे और कितना पीना चाहिए जानने के लिए यहाँ क्लिक करें

इसके अलावा तरल पदार्थ जैसे ठंडाई  , छाछ , केरी का पना , गन्ने का रस , नारियल पानी आदि का भरपूर उपयोग करना चाहिये इनसे पौष्टिक तत्व के साथ ठंडक मिलती है।

कुछ लोग फ्रिज में ठंडी की गई हर वस्तु गर्मी दूर करने का साधन समझ लेते है जैसे कोल्ड ड्रिंक , एसेंस वाले शर्बत आदि। लेकिन इनसे फायदे के बजाय नुकसान अधिक होता है। शराब , चाय कॉफी , कोल्ड ड्रिंक आदि नहीं पीने चाहिये। इनके कारण शरीर से पानी का निकास बढ़ जाता है।

खाना – Food

पसीने के कारण शरीर में सिर्फ पानी की कमी नहीं होती बल्कि ग्लूकोज , खनिज , नमक , सोडियम और पोटेशियम आदि की भी कमी हो सकती है। अतः खाना ऐसा खाएं जिससे पानी के अलावा इनकी भी पूर्ती हो सके।

तरबूज , खरबूजा , ककड़ी आदि लेने चाहिये। इसके अलावा पोदीना , प्याज , जौ ,  भुने चने आदि खाने चाहिये।  ये ऐसी चीजें है जो गर्मी के मौसम में बड़ी राहत देते हैं।

गर्मी के मौसम में दूध , दही , सब्जी , दाल , आटा आदि जल्दी ख़राब हो जाते हैं। अतः खाने पीने की चीजों का विशेष ध्यान रखें। इन्हे जल्द से जल्द फ्रिज में ही रख देना चाहिये। फ्रिज की सफाई सही तरीके से करनी चाहिए अन्यथा वहाँ भी बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं।

गर्मी के मौसम में जठराग्नि मंद होती है यानि पाचन क्रिया धीमी पड़ जाती है अतः सुपाच्य भोजन खाना चाहिए। गरिष्ठ भोजन तथा तले हुए और मैदा वाले खाद्य पदार्थ का उपयोग नहीं करना चाहिए। तेज मिर्च मसाले युक्त भोजन से दूर रहना चाहिए। अंडे का उपयोग नहीं करना चाहिए।

ठंडा वातावरण – Cool atmosphere

यदि संभव हो तो ठन्डे वातावरण में रहना चाहिए। इसके लिए कई प्रकार के साधन अपनाये जा सकते हैं। कूलर और एसी तो तापमान को कम करते ही हैं। इनके अलावा दिन में जब तेज धूप होती है तब खिडक़ी के पर्दे लगा कर रखें।

एक मंजिला मकान हो या आप बिल्डिंग की सबसे ऊपर वाली मंजिल पर रहते हो तो गर्मी अत्यधिक हो जाती है ऐसे में छत पर ऊपर सफ़ेद चूने की परत लगायें। इससे धूप परावर्तित हो जाती है और कमरे के अंदर अपेक्षाकृत ठंडक रहती है। छत पर गमले में पेड़ पौधे लगाकर भी धूप से बचा जा सकता है।

बिना ए सी घर को ठंडा रखने के उपाय जानने के लिए यहाँ  क्लिक करें

तेज धूप में खड़ी कार के शीशे बंद होने पर उसके अंदर का तापमान बाहर के तापमान से डेढ़ गुना अधिक हो जाता है।अतः धूप में खड़ी की हुई कार में बच्चे को या पालतू को छोड़कर जाने की भूल कभी भी नहीं करनी चाहिये। अन्यथा उनका दम घुट सकता है।

ऐसी दुर्घटनाओं के समाचार पेपर में आते रहते हैं। इसके प्रति सतर्क रहें। लापरवाही ना करें।

त्वचा – Skin

पसीने और गर्मी के कारण त्वचा पर बेक्टीरिया और फंगल इन्फेक्शन की संभावना बढ़ जाती है। इससे खुजली , फोड़े फुंसी , अलाइयाँ आदि हो सकते हैं। गलत तरह के कपडे इस समस्या को बढ़ा देते हैं।

अतः साफ सफाई का पूरा ध्यान रखना चाहिए । पसीना अधिक आता हो तो दो बार भी नहाया जा सकता है।  खुद को जितना संभव हो सूखा और स्वच्छ बनाये रखना चाहिए।

तेज धूप से त्वचा सनबर्न हो जाती है। अतः त्वचा को तेज धूप से बचा कर रखना चाहिए । स्कार्फ़ , कैप , छाता आदि का उपयोग करना चाहिए। अच्छी गुणवत्ता वाला सनस्क्रीन काम में लें। सनस्क्रीन हर दो तीन घंटे में वापस लगा लेना चाहिए ।

लू से बचें – Heat stroke

तेज धूप में ज्यादा देर रहने पर लू लगने Heat Stroke जैसी परेशानी हो सकती है। शरीर से अधिक पानी और नमक निकलने से यह होता है। तेज गर्मी से शरीर का तापमान बढ़ जाता है।

पेट में ऐंठन , मांसपेशियों में दर्द या ऐंठन, सिरदर्द, जी घबराना , उल्टी होना , दिल की धड़कन बढ़ना जैसे लक्षण प्रकट होने लगते हैं। कभी कभी चक्कर आने लगते हैं या बेहोशी भी हो सकती है। ऐसे में सावधानी बरतनी चाहिए और तुरंत उपचार लेना चाहिए।

गर्मी में कपड़े कैसे पहने – Cloths

गर्मी में सूती Cotton  कपड़े अच्छे रहते हैं। इनमे त्वचा को हवा लगती रहती है और ये पसीने को सोखकर त्वचा को सूखी रखते हैं। टाइट और सिंथेटिक कपड़े नहीं पहनने चाहिये। इसके अलावा हल्के रंग के कपड़े पहनने से गर्मी कम लगती है क्योंकि हल्के रंग धूप को परावर्तित कर देते हैं । इससे ठंडक मिलती है।

बहुत छोटे बच्चे को गाढ़े कपड़े न पहनायें और कम्बल आदि में ना लपेटें। बच्चों को गर्मी सहन नहीं होती क्योंकि उनकी पसीने की ग्रंथियां पूर्ण विकसित नहीं होती हैं।

एक्सरसाइज – Exercise

गर्मी के मौसम में कड़ी एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए। पैदल चलना , जॉगिंग जैसे हल्के फुल्के व्यायाम ही करने चाहिये। सुबह की सैर सूर्योदय से पहले कर लेनी चाहिए।

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