गुरु जी की आरती गुरु पूर्णिमा पर – Guruji Ki Arti

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गुरुजी की आरती

GURU JI KI AARTI

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गुरु जी की आरती

आरती  गुरुदेव  की  कीजै ,

अपनों  जन्म सफल कर लीजै ।

कंचन थाल कपूर की बाती ,

जगमग जोति जले दिन राती । ।

भाव सहित गुरु भक्ति कीजै ,

आरती गुरुदेव की कीजै ।

काम क्रोध मन लोभ बिसारो ,

गुरु मूर्ति ह्रदय में धारो । ।

तन  मन  धन  गुरु अर्पण कीजै ,

आरती  गुरुदेव की कीजै ।

भाव के फूल भक्ति की माला ,

श्रद्धा दीपक ज्योति उजाला । ।

श्रीगुरु चरन कमल चित दीजै ,

आरती गुरुदेव की कीजै ।

भक्ति ज्ञान सदा उर आवे ,

जो जन गुरु सरणी में जावे । ।

गुरु कृपा भव रोग हरी जे ,

आरती गुरुदेव की कीजै ।

चार पदारथ सभी बतावें ,

गुरु सेवा कर तिनको पावे । ।

अति अनुराग वारणै लीजै ,

आरती गुरुदेव की कीजै ।

जो कोई गुरु आरती गावे ,

बिन श्रम सकल मुक्ति जन पावे ।

“इन्द्र मुनि “गुरु चरण गहीजै ,

आरती गुरुदेव की कीजै । ।

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