सोने के गहने या जेवर में कैरेट का मतलब और हॉलमार्किंग – Gold Jwellary

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सोने के गहने पहनने से सभी को ख़ुशी मिलती है। यह सजने संवरने के अतिरिक्त निवेश का भी साधन होता है। सोने को आप जरूरत के समय आसानी से नकद में बदल सकते हैं। सोने के दाम बढ़ने पर पहले खरीदे हुए जेवर के दाम भी बढ़ जाते हैं। इस तरह सोने के गहने खरीदना एक समझदारी भरा निर्णय हो सकता है।

सोने में किया गया निवेश यानि गहने खरीदने का लाभ तभी होता है जब आप जेवर खरीदते समय थोड़ी समझदारी से काम लें और जो जेवर आप खरीद रहे हैं उसमे सोने की मात्रा उतनी ही हो जितने का आपने पैसा दिया है। यदि ऐसा नहीं है तो लाभ की जगह हानि हो सकती है और आपका इन्वेस्टमेंट घाटे का सौदा साबित हो सकता है।

वैसे सोने में निवेश करने के अब अन्य साधन भी उपलब्ध हैं जैसे गोल्ड ईटीएफ Gold ETF या गोल्ड कॉइन आदि। लेकिन ये महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान और जीवन में आनंद नहीं ला सकते। गहनों का काम गहने ही करते हैं।

सोने के गहने खरीदने से पहले कुछ बातों की जानकारी होने से गहने का आनंद तो मिलता ही है साथ ही निवेश का लाभ भी लिया जा सकता है। आइये जानें गहने या जेवर खरीदते समय क्या सावधानी रखें।

कितने कैरेट सोने का क्या मतलब – Gold Carat meaning

गोल्ड जूलरी में अच्छी डिज़ाइन शुद्ध सोने Pure Gold से नहीं बन पाती। गहने सुंदर , टिकाऊ और मजबूत बनाने के लिए उनमे चांदी , कॉपर , जिंक या निकिल आदि धातु मिलाई जाती है। गहनों में सोने की मात्रा कैरेट में बताई जाती है।

जब आप सोने के जेवर खरीदने जाते हैं तो पूछने पर आपको बताया जाता है कि जेवर कितने कैरेट में बना हुआ हुआ है। इसकी जानकारी दुकानदार से ले सकते हैं।  गहने 22 कैरेट , 18 कैरेट या 14 कैरेट में बने हुए हो सकते हैं। असली हीरे Real Diamond  जड़े हुए गहने मजबूती के लिए कम कैरेट में बनाये जाते हैं।

24 कैरेट सोना लगभग पूरा शुद्ध होता है। परन्तु यह इतना नर्म होता है की इससे जेवर नहीं बन पाते । इसलिए इसमें अन्य धातु मिलाई जाती है। मिलाई हुई मात्रा के अनुसार जेवर 14 , 18 या 22 कैरेट का कहलाता है जिसमे सोने का वजन इस प्रकार होता है –

गहनों में सोने की मात्रा कितनी

शुद्धता ( Purity ) सोने की मात्रा ( wt % )
24 कैरेट99 +
22 कैरेट91 .6
18 कैरेट75
14 कैरेट58 .5

आमजन के पास यह पता करने का कोई तरीका नहीं होता कि ख़रीदे जाने वाले जेवर में शुद्ध सोना कितना है। ग्राहक के पास दुकानदार की बात का विश्वास करने के अलावा दूसरा रास्ता नहीं होता।  इसका फायदा कुछ दुकानदार गहने में सोने की मात्रा गलत बताकर ग्राहक के साथ धोखाधड़ी कर सकते हैं।

सोने का जेवर खरीदते समय सोने की पूरी कीमत देनी पड़ती है। लेकिन गहना बेचते समय सिर्फ शुद्ध सोने की कीमत मिलती है। गहने बेचने जाते हैं तब पता चलता है गहने में असली शुद्ध सोना कितना था। अतः सोना खरीदने से पहले उसकी शुद्धता सम्बन्धी पूरी जानकारी प्राप्त कर लेना ही उचित होता है।  इसके लिए क्या करें आइये जानें –

BIS की मोहर

भारतीय मानक ब्यूरो BIS ( Bureau of indian standards ) द्वारा सोने से बने जेवर की शुद्धता की जाँच की जाती है।  इसे हालमार्किंग Hallmarking कहा जाता है , BIS द्वारा इस हालमार्किंग का उद्देश्य लोगों को उचित गहने उपलब्ध करवाना है।

पूरे देश में इस संस्था ने सोने के गहने की जाँच Hallmarking करने के लिए कुछ लोगों को अधिकृत किया हुआ है। जाँच होने के बाद उस जेवर पर BIS की मोहर लगती है।  जिसे देखकर सुरक्षित तरीके से सोने का गहना ख़रीदा जा सकता है।

हॉलमार्किंग में चार प्रकार की चीजें लिखी होती हैं –

BIS की मोहर , कितना कैरेट सोना है , हालमार्किंग सेंटर का पहचान चिन्ह या नंबर तथा दुकानदार का पहचान चिन्ह या नम्बर।

वर्तमान में BIS द्वारा सिर्फ 22, 18 तथा 14 कैरेट गोल्ड जूलरी के लिए ही हालमार्किंग की जाती है।

22 कैरेट सोने के जेवर पर 22K916 लिखा होता है।  इसी तरह 18 कैरेट के लिए 18K750  और 14 कैरेट के लिए 14K585 लिखा होता है।  इससे आसानी से सोने की शुद्धता का पता चल सकता है।

BIS के सेंटर तथा वहां रजिस्टर दुकानदारों की लिस्ट BIS की इस वेबसाइट पर देखी जा सकती है –  www.bis.org.in/cert/bis_list_of_hc.htm

इस वेबसाइट की लिस्ट के आधार पर आप हालमार्किंग वाली दुकानें पता करके वहाँ से गहने खरीद सकते हैं तथा गहनों में किसी प्रकार की समस्या हो तो तो उसकी शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं। इसके गुणवत्ता सम्बन्धी अन्य जानकारी भी यहाँ प्राप्त कर सकते हैं।

यह जरुरी नहीं कि सभी दुकानदार हालमार्किंग करवाते हों।  कुछ दुकानदार खुद की मोहर लगे गहने बेचते हैं जो BIS द्वारा प्रमाणित नहीं होते हैं।  यदि आप उन पर भरोसा करके गहने खरीदते हैं तो यह आपकी मर्जी होती है।

सोने के गहने खरीदते समय सावधानी

Gold jewellery buying Tips

यदि आप बिना हालमार्किंग वाली जूलरी खरीद रहे हों तो इन बातों का ध्यान जरुर रखना चाहिए :

— दुकानदार से पक्का बिल बनवा लेना चाहिए , ताकि बाद में कोई समस्या हो तो उसका समाधान हो सके।

— यदि गहने में मोती या स्टोन आदि लगे हो तो उनका वजन अलग से किया गया हो इसका ध्यान रखना चाहिए।

—  सोने से बने हुए जेवर में जॉइंट कम हो तो ठीक रहता है। क्योंकि गहने बनाने के लिए कई जगह जोड़ लगाने पड़ते हैं और इसके लिए अन्य धातु काम ली जाती है। अतः जेवर में जॉइंट जितने अधिक होंगे सोना उसी हिसाब से कम हो जाता है।

—  सोने के जेवर खरीदते समय मेकिंग चार्ज यानि जेवर बनाने की मजदूरी कितनी है यह पता कर लें। यह हर दुकान पर अलग हो सकती है। मेकिंग चार्ज में मोलभाव ( बारगेनिंग ) किया जा सकता है। कुछ दुकानदार इसमें छूट दे सकते हैं। मेकिंग चार्ज वजन के अनुसार जैसे 400/- प्रति ग्राम या पीस के अनुसार हो सकता है।

— सोने का भाव Gold Price रोजाना बदलता रहता है अतः उस दिन का भाव जरूर पता कर लें। कुछ दुकानों पर सोने के प्राइस में अंतर हो सकता है जिसका कारण विश्व , देश या शहर के हिसाब से प्राइस निर्धारित करना हो सकता है।

— ख़रीदे हुआ गहने वापस करने हों तो उस समय आपको किस हिसाब से पैसे मिलेंगे यह जरूर पता कर लें।

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