छिपकली क्या वाकई जहरीली होती है , उसे घर से कैसे निकालें – House Lizard

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छिपकली House Lizard को देखने पर हमें अच्छा नहीं लगता। उसे तुरंत भगाने की इच्छा होने लगती है। थोड़ी डरावनी सी शक्ल और त्वचा की सूखी और अजीब बनावट खौफ पैदा करती है लेकिन यह जितना डर पैदा करती है उतनी नुकसान देह नहीं होती है।

घर में घूमने यह वाली छिपकलि जहरीली नहीं होती है। यह काटती भी नहीं है। यदि छिपकली थोड़ी बड़ी हो और गुस्से में आकर या परेशान होकर काटने की कोशिश करे , तो भी सफल नहीं हो पाती। यह हमारी स्किन को छेद नहीं पाती क्योंकि इस बेचारी के मुंह में नुकीले दांत ही नहीं होते। 

छिपकली

भारत में Chhipkali को अलग अलग भाषा में अलग अलग नामों से जाना जाता है। मराठी में पाल Pal , तमिल में पल्ली Palli , मलयालम में गवली Gavli , गुजराती में गरोड़ी Garodi , बंगाली में टिकटिकी Tiktiki , कन्नड़ में हल्ली तथा उरिया भाषा में झिटी पिटी कहते है।

अंग्रेजी में इसे कॉमन हाउस गेको या हाउस लिज़ार्ड कहा जाता है। यह 3 से 6 इंच तक लंबी हो सकती है। इसकी उम्र लगभग 5 साल होती है।

यह कीड़े , मकोड़े , मकड़ी आदि की तलाश में घूमती रहती है इन्ही को खाकर जिन्दा रहती है। इसे दीवारों पर घूमने के लिए विशेष प्रकार के पंजे प्राप्त है। कुछ लोग छिपकली को भगाते नहीं है क्योकि यह घर में कीड़े मकोड़े ख़त्म कर देती है। दिन में यह अँधेरी जगह छुपी रहती है।

रात को खाने की तलाश में घूमती है। खतरे का अहसास होने पर यह अपनी पूंछ को अलग कर देती है जिससे हमलावर का ध्यान भटक जाता है और यह बच निकलती है । यह पूँछ 20 -25 दिन में वापस उग जाती है। यह  टिक-टिक-टिक इस प्रकार की आवाज निकालती है।

छिपकली के जहरीला होने का वहम –

Kya chhipkali me Jahar hota he

लोगों के मन में छिपकलि को लेकर एक वहम और संशय हमेशा बना रहता है। वो यह है :–

यदि छिपकलि खाने के सामान में गिर जाये तो क्या वह सामान छिपकली के कारण जहरीला हो जाता है ?

—  आपको डरने की बिल्कुल जरुरत नहीं है। घरेलु छिपकलि जहरीली नहीं होती  है। इसकी त्वचा में भी किसी प्रकार का कोई जहर नहीं होता है। दरअसल इसके शरीर पर कई प्रकार के पेथोजेन्स यानि बीमारी फैलाने वाले बेक्टिरिया , जीवाणु, वायरस आदि होते है। क्योकि यह ऐसी जगह घूमती रहती है जहाँ धूल , मिट्टी , गन्दगी बहुत होती है। वहां से कीटाणु इसके शरीर पर चिपक जाते है।

यदि छिपकलि खाने में गिरती है तो इन कीटाणु के कारण खाना संक्रमित हो जाता है। जिसे खाने पर बीमार हो जाते है। जिस प्रकार मक्खी हमें बीमार कर सकती है उसी प्रकार छिपकली भी कर सकती है। लेकिन यह किसी प्रकार के जहर का परिणाम नहीं है। 

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छिपकली को घर से बाहर निकालने के तरीके

Chipkali ko bhagane ke tarike

छिपकली वैसे कुछ नुकसान नहीं करती लेकिन इसकी मौजूदगी परेशान करती है। कुछ आसान से उपाय करने पर इसे घर में आने से रोक सकते है। जानिए छिपकली को घर में आने से कैसे रोकें। 

मोर पंख

मोर छिपकली को खा जाता है। मोर के पंख देखने पर छिपकली वहां आने की हिम्मत नहीं कर सकती। जहाँ से छिपकलि आपके कमरे में घुसती है वहां थोड़े से मोर पंख लटका दें। वहां से छिपकली नहीं आएगी।

लहसुन

लहसुन की गंध छिपकलि को बिल्कुल पसंद नहीं। जिस तरफ से छिपकलि के आने की सम्भावना हो उस जगह छिली हुई कुछ लहसुन की कली रखने से छिपकलि दूर ही रहेंगी।

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प्याज

लहसुन की तरह ही प्याज की गंध से भी छिपकलि दूर भगाती है। इसका फायदा उठाना चाहिए। इसलिए जहाँ छिपकलि ज्यादा नजर आती हो वहाँ प्याज के टुकड़े डाल दें। प्याज की गंध से छिपकलि वहां से चली जाएगी ।

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अंडे के छिलके

अंडे के छिलके की गंध छिपकली को उस पर हमला होने की आशंका से डरा देती है। छिपकलि के आने वाले रास्ते पर या ऐसी जगह जहाँ छिपकलि ज्यादा नजर आती हो दे उसके आस पास अंडे के छिलके रख देने से छिपकली का आना बंद हो जाता है।

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बर्फ का ठंडा पानी

अचानक हुए तापमान परिवर्तन से छिपकलि हकबका जाती है। यदि छिपकलि पर बर्फ के ठंडा पानी गिर जाये तो कुछ समय के लिए वह सुस्त हो जाती है। इससे उसे पकड़कर बाहर फेंकना आसान हो जाता है। अगली बार छिपकलि दिखाई दे और पकड़ में नहीं आ रही हो तो इसे आजमाएं। उसे ठन्डे पानी से नहला दें। फिर आसानी से पकड़ कर बाहर निकाल दें। 

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ठंडा कमरा

छिपकलि को गर्मी तथा नमी वाला वातावरण पसंद आता है। ठन्डे कमरे में इसे रहना पसंद नहीं। यदि अपने कमरे का तापमान यानि AC का टेम्प्रेचर कम रखेंगे तो यह कमरा छोड़कर चली जाएगी।

मिर्च का पानी

पानी में काली मिर्च का पाउडर और लाल मिर्च पाउडर मिलाकर स्प्रे तैयार कर लें। छिपकलि दिखने वाली जगह इसे स्प्रे कर दें। इस स्प्रे की गंध छिपकली को परेशान कर देती है। दरवाजे और खिड़की के आस पास तथा इसके आने वाले रास्ते में इसे छिड़कने से यह वहां नजर नहीं आएगी।

फिनायल की गोली

कपड़ों में और बाथरूम में रखी जाने वाली फिनायल की गोली से छिपकलि दूर ही रहती है। छिपकलि के होने की सम्भावना वाली जगह फिनायल की गोली रख दें। यहाँ छिपकलि नहीं आएगी।

कीड़े मकोड़े

छिपकली को खाना नहीं मिलेगा वहाँ यह नजर नहीं आएगी। यदि आपके घर में साफ सफाई होती रहती है और मकड़ी , मच्छर , झींगुर या कीट पतंगे आदि खाना छिपकली को नहीं मिलेगा तो यह नहीं आएगी अतः साफ सफाई का ध्यान रखें और छिपकली का खाना हटा दें तो यह भी अपने आप हट जाएगी।

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कॉफी तम्बाकू का पाउडर

यह प्रयोग तभी करना चाहिए जब और कोई रास्ता न हो। कॉफी पाउडर और तम्बाकू मिलाकर गोलियां बना लें। इन्हें छिपकली के पाए जाने वाली जगह रख दें। छिपकली इन्हें खाने से मर जाती है। ये आप पर निर्भर करता है आप इन्हें मारना चाहते है या नही।

गत्ते के डिब्बा

गत्ते के डिब्बे में पकड़ कर छिपकली को बाहर फेंकने से भी इस समस्या का समाधान हो सकता है। इसके लिए लगभग एक डेढ़ फुट आकार के गत्ते के कार्टून को ऊपर से खुला रखकर किसी कोने में रख दें। अब छिपकली को डंडे या झाड़ू की मदद से डिब्बे की और ले जाएँ। जब छिपकली डिब्बे में चली जाये तो डिब्बा सावधानी से बंद कर दें। छिपकली को बाहर ले जाकर छोड़ दें।

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