तिल गुड़ के लडडू बनाने की विधि – Til gud ke laddu ki vidhi

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तिल गुड़ के लडडू सर्दी के मौसम में खाये जाने वाली परंपरागत मिठाई है। मकर संक्रांति के त्यौहार के लिये इन्हे  विशेष रूप बनाया जाता है । ये स्वादिष्ट और पौष्टिक होने के साथ ही शरीर को तेज सर्दी से बचाते हैं। तिल सर्दी में बहुत फायदेमंद होते है। तिल के फायदे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें

तिल गुड़ के लडडू

तिल से स्वादिष्ट तिल पपड़ी भी बनाई जाती है जो बहुत लोकप्रिय है। तिल के उपयोग करने के उद्देश्य से तिल चौथ का व्रत भी किया जाता है। तिल चौथ के व्रत के बारे में और इसका तरीका जानने के लिए यहाँ क्लिक करें

तिल के लड्डू बनाने के लिए अपनी पसंद अनुसार काले , सफेद या दोनों को मिक्स करके लड्डू बना सकते हैं। इसके लिए छिलके वाले तिल लेने चाहिए। छिलके में बहुत से पौष्टिक तत्व होते हैं। तिल के लडडू बनाने की विधि इस प्रकार है –

तिल गुड़ के लड्डू बनाने की सामग्री

Til ke laddu ki samagri

तिल                      250 ग्राम

गुड़                       250 ग्राम

घी                          2 चम्मच

तिल गुड़ के लडडू बनाने का तरीका

Til ke laddu ki vidhi

—  तिल के लडडू बनाने के लिए तिल को बीनकर साफ कर लें।

—  गुड़ को कददूकस कर लें या बारीक़ काट लें।

—  कढ़ाई में तिल डालकर मीडियम आँच पर लगातार हिलाते हुए सेक लें और इन्हे एक अलग प्लेट में निकाल लें।

—  अब कढ़ाई में घी डालें व बारीक़ किया हुआ गुड़ भी डाल दे।

—  गुड़ पिघलकर ऊपर आने लगता है तब तिल डालकर गैस बंद कर दे और जल्दी से हिलाकर मिक्स कर ले।

—  हाथ पर पानी लगाकर गोल गोल लडडू बना लें।

—  लडडू को तीन चार घंटे थाली में रखकर ठंडा होकर सूखने के लिए रखें।

—  तिल के स्वादिष्ट लडडू तैयार है।

—  इन्हे एयर टाइट डिब्बे में डालकर रखें। इन्हे दो- तीन महीने तक काम लिया जा सकता है।

तिल के लडडू से सम्बंधित अन्य जानकारियां

Til gud laddu ke tips

—  गुड़ को ज्यादा देर नहीं पकाये अन्यथा लडडू बहुत ज्यादा कड़क हो जायेंगे।

—  यदि चाहें तो तिल के लडडू में अपनी पसंद के अनुसार मेवे मिलाये जा सकते हैं।

—  तिल को अच्छी तरह बीन लें ताकि लडडू में किरकिरी नहीं आए और गुड़ भी अच्छी क़्वालिटी का ही लें।

—  तिल सिक जाने के बाद दूसरी प्लेट में निकाल लें अन्यथा कढ़ाई के गर्म होने की वजह से तिल जल सकते हैं।

—  तिल सिकने पर हल्के से फूल जाते है व कढ़ाई में उछलने लगते हैं। तिल ज्यादा सिकने या जलने पर लड्डू का स्वाद कड़वा हो सकता हैं। अतः तिल की सिकाई ध्यान पूर्वक करें।

—  लडडू बनाते समय हाथ पर पानी ही लगाए , घी ना लगायें। घी लगाने से हाथ जल सकते हैं क्योंकि यह मिश्रण गर्म होता हैं।

—  तिल गुड़ के लडडू एक साथ बहुत ज्यादा मात्रा में नहीं बनाये जा सकते हैं क्योंकि लड्डू का मिश्रण ठंडा होने पर जम जाता है। अतःएक बार में जितनी मात्रा के लडडू बांध सके उतना ही मिश्रण बनाये।

 

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