तुलसी माता के गीत भजन आरती – Tulsi Ke Geet Bhajan Aarti

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तुलसी माता के गीत , भजन , तुलसी माता की आरती आदि तुलसी विवाह के समय गाये जाते है।


तुलसी विवाह की विधि विस्तार पूर्वक जानने के लिए यहाँ क्लीक करें। तुलसी माता की कहानी जानने के लिए यहाँ क्लिक करें। तुलसी माता के गीत भजन और आरती इस प्रकार है :-

तुलसी माता के गीत

तुलसी माता का भजन

Tulsi mata ka bhajan

नमो  नमो तुलसा  महारानी   ,

नमो  नमो हर  जी  पटरानी  ।

कौन से महीने बीज को बोया ,

तो कोनसे महीने में हुई हरियाली ।

नमो नमो….

सावन में  मैया बीज को बोया ,

तो  भादो   मास  हुई   हरियाली ।

नमो नमो….

कौन से  महीने में हुई  तेरी पूजा तो ,

कौन से महीने में हुई पटरानी ।

नमो नमो….

कार्तिक में  हुई  तेरी  पूजा ,

तो  मंगसर मास हुई  पटरानी ।

नमो नमो….

बाई तुलसी  थे  जपतप  कीन्हा ,

सालगराम  हुई  पटरानी ।

नमो  नमो….

बारह बरस जीजी कार्तिक नहाई ,

सालगराम हुई पटरानी ।

नमो नमो….

छप्पन भोग धरे हरि आगे ,

तो बिन तुलसा हरि  एक न मानी ।

नमो-नमो….

सांवरी सखी मईया तेरो जस गावे ,

तो चरणा में वासो छीजो महारानी।

नमो नमो तुलसा महारानी

नमो-नमो हर जी  पटरानी।

तुलसी विवाह के गीत

Tulsi vivah ke Geet

मेरी प्यारी तुलसा जी बनेगी दुल्हनियां

सजके आयेगे दूल्हे राजा —

देखो देवता बजायेंगे बाजा —2

सोलह सिंगार मेरी तुलसा करेंगी

हल्दी चढ़ेगी माँग भरेगी।

देखो होठों पे झूलेगी नथनियाँ ।।

देखो देवता —

देवियां भी आई  और देवता भी आये ,

साधु भी आये और सन्त भी आये ,

और आई है संग में बरातिया ।।

देखो देवता —

गोरे -गोरे हाथों में मेहन्दी लगेगी

चूड़ी खनकेगी ,वरमाला सजेगी ,

प्रभु के गले में डालेंगी वरमाला ।।

देखो देवता —

लाल -लाल चुनरी में तुलसी सजेगी ,

आगे-आगे प्रभु जी पीछे तुलसा चलेगी  ,

देखो पैरो में बजेगी पायलियाँ ।।

देखो देवता —

सज धज के मेरी तुलसा खड़ी है

डोली मंगवा दो बड़ी शुभ घड़ी है ,

देखो आँखों से बहेगी जलधारा ।।

देखो देवता —

तुलसी माता की आरती

Tulsi mata ki aarti

जय जय तुलसी माता , सब जग की सुख दाता

 ।। जय ।।

सब योगों के ऊपर , सब लोगो के ऊपर ।

रुज  से  रक्षा  करके  भव  त्राता

।। जय।।

बटु  पुत्री  हे  श्यामा  सुर  बल्ली  हे ग्राम्या ।

विष्णु प्रिये जो तुमको सेवे सो नर तर जाता

।। जय ।।

हरि के शीश विराजत त्रिभुवन से हो वंदित ।

पतित जनों  की  तारिणी  तुम  हो विख्याता

 ।। जय ।।

लेकर जन्म विजन में आई  दिव्य  भवन में ।

मानवलोक  तुम्हीं  से   सुख   सम्पत्ति   पाता

।। जय ।।

हरि को तुम अति प्यारी श्याम वरुण कुमारी ।

प्रेम  अजब  है  उनका  तुमसे   कैसा  नाता

।। जय ।।

बोलो तुलसी माता की जय …. !!!

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