बादाम पिस्ते वाला स्पेशल दूध – Milk With Badam Pista Special

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बादाम पिस्ते वाला स्पेशल दूध पीने से शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार से लाभ होता है। दूध वैसे भी सम्पूर्ण आहार होता है। इसे बादाम और पिस्ता के साथ बनाकर पीने से इसके फायदे बढ़ जाते है।

दूध से प्रोटीन , कैल्शियम के अलावा बहुत से खनिज और विटामिन मिलते है। शाकाहारी लोगों को विटामिन बी 12 दूध से ही मिल पाता है। व्रत में यह दूध फलाहार के रूप में पिया जा सकता है। दूध के बारे में संपूर्ण जानकारी के लिए यहाँ क्लीक करेंbadam-milk

कृपया  ध्यान दें : किसी भी लाल अक्षर वाले शब्द पर क्लीक करके उस शब्द के बारे में विस्तार से जान सकते है। 

बादाम और पिस्ता में बारे में भी इसी वेबसाइट पर सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते है।

बादाम पिस्ते वाला स्पेशल दूध बनाने की विधि

Badam piste milk recipe

बादाम पिस्ते वाला दूध बनाने की सामग्री

बादाम                     10 -12  पीस

पिस्ते                         5 -6   पीस

खसखस                       1   चम्मच

इलायची पाउडर             1 /2 चम्मच

लौंग                               1  पीस

हल्दी                       1 /2   चम्मच

चीनी                            2   चम्मच

घी                              2    चम्मच

दूध                             1    गिलास

केसर                          7 -8   पत्ती

बादाम पिस्ते वाला दूध बनाने की विधि

—  बादाम , पिस्ता को में रात को भिगो दे।

—  खसखस को भी रात को बीन कर अलग कटोरी में भिगो दे।

—  सुबह बादाम व पिस्ता छील ले।

—  3 -4 छिले बादाम अलग रख ले।

—  खसखस को पानी से 2 -3 बार धोकर चलनी से  छान ले।

—  बादाम , पिस्ता व खसखस को ग्राइंडर में बारीक़ पीस ले।

—  कढ़ाई में घी गरम करे व लौंग , हल्दी व बादाम वाला पेस्ट डालकर मध्यम आँच हल्का- हल्का  पर सेकें।

—  अब एक गिलास दूध डालकर उबाले।

—  उबाल आने के बाद चीनी डालकर 1 -2 उबाल आने तक पकाए।

—  इलायची व केसर डाल दे।

—  3 -4 बादाम जो अलग रखे थे वह भी बारीक़ कतरन करके ऊपर से डाल ले।

—  स्पेशल बादाम पिस्ते वाला दूध तैयार है। इसे पियें और लाभ उठायें।

इसके सेवन से ताकत बनी रहती है व इससे सिरदर्द नहीं होता हैं। दिमागी काम करने वाले तथा पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट को यह दूध पीने से बहुत लाभ होता है। इससे स्मरण शक्ति बढ़ती है , और मानसिक थकान नहीं होती।

नवजात शिशु की माता के लिए भी यह दूध शारीरिक और मानसिक हर प्रकार की कमजोरी मिटा कर लाभ पहुंचाता है। नवजात शिशु की माता को दस पन्द्रह दिन तक गुड़ वाला हरीरा लेने के पश्चात सवा महीने तक यह दूध जरूर पीना चाहिए।

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