बाजरे की राबड़ी बनाने की विधि – Bajre Ki Rabdi

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बाजरे की राबड़ी Bajre Ki Rabdi एक लोकप्रिय और पोष्टिक आहार है। बाजरा  Pearl Millet पोषक तत्वों से भरपूर होता हैं इसमें  प्रोटीन , आयरन, फास्फोरस , मैग्नेशियम , पोटेशियम और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।

यह गेहूं से अधिक आसानी से पच जाता है। इसका उपयोग कई तरीको से किया जाता हैं।  जैसे बाजरे की रोटी, रोटला , ढेबरे , मुठिये , खिचड़ी व राबड़ी आदि बनाये जाते है।

बाजरे की राबड़ी सुपाच्य होती है। इसका सेवन बच्चे बूढ़े बीमार सभी आसानी से कर सकते है यह शरीर का तापमान सही रखने में सहायक होती हैं। इसे सर्दी में गर्म और गर्मी में ठंडा करके खाया जाता है।

कृपया ध्यान दे : किसी भी लाल रंग से लिखे शब्द पर क्लीक करके उसके बारे में विस्तार से जान सकते हैं। 

बाजरे की राबड़ी बनाने की विधि

बाजरे की राबड़ी बनाने की सामग्री – Bajre ki Rabdi samagri

छाछ                                 2  कप

बाजरे का आटा              1  बड़े चम्मच

जीरा साबुत                   1 /2  चम्मच

नमक                             स्वादनुसार

पानी                       आवश्यकतानुसार

बाजरे की राबड़ी बनाने की विधि – Bajre Ki Rabdi Vidhi

—  बाजरे का आटा छान ले।

—  एक बड़े बर्तन में छाछ लेकर उसमें थोड़ा थोड़ा करके बाजरे का आटा डाले।

—  छाछ और बाजरे के आटे को अच्छी तरह मिला ले ताकि आटे की कोई गुठली न रह जाये।

—  अब इसमें कच्चा साबुत जीरा थोड़ा हाथ से मसल कर डाल दे।

 नमक स्वादनुसार डाले।

—  यदि घोल गाढ़ा लगे तो जरुरत मुताबिक थोड़ा पानी डाल दे।

— अब इस बाजरे की राबड़ी वाले बर्तन को गैस पर चढ़ाये और धीमी आंच पर लगातार हिलाते हुए एक उबाल आने तक पकाये।

—  एक बार उबाल आने के बाद लगातार हिलाने की जरूरत नहीं थोड़ी थोड़ी देर में हिलाये। 10 -15 मिनट पका लें।

—  ज्यादा गाढ़ी लगे तो थोड़ा पानी मिलाकर पतला कर सकते है। यह सूप की तरह होनी चाहिए ।

—  स्वादिष्ट व पौष्टिक बाजरे की राबड़ी तैयार हैं।

—  इसे बाउल में सर्व करें। गर्मागर्म सूप की त्तरह पियें और पिलायें।

बाजरे की राबड़ी बनाते समय ध्यान रखें :

Bajre ki rabdi Tips

—  बाजरे का आटा का ताजा होना चाहिए  पुराने आटे का टेस्ट अच्छा नहीं होता है। उसमे कड़वापन हो सकता है।

—  जब तक बाजरे की राबड़ी में एक उबाल नहीं आये तब तक लगातार हिलाना जरुरी होता है वर्ना अच्छी नहीं बनती हैं।

—  सर्दियों में इसके उपयोग से जुकाम नहीं होती और शरीर में गरमाहट बनी रहती हैं।

—  इसके सेवन से आयरन बढ़ता है।

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