बादाम के फायदे और गुणकारी तत्व – Almond nutrients and benefits

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बादाम Badam या Almond से सभी परिचित हैं। विश्व में बादाम का सबसे अधिक उत्पादन अमेरिका के कैलिफोर्निया में होता है। दुनिया भर में लगभग 80% बादाम की आपूर्ति यही से होती है।


बाजार में कई प्रकार की बादाम मिलती है जिसमे मामरा , केलिफोर्निया या अमरीकन बादाम तथा छोटी गिरी मुख्य हैं। मीठी Badam ही खाने में काम आती है। कड़वी बादाम का तेल निकाला जाता है। कड़वी बादाम में सायनीक एसिड नामक विषैला तत्व होता है जो बहुत नुकसान देह होता है अतः इसे खाने में काम नहीं लिया जाता है।

मामरा बादाम Mamra Badam को औषधीय उपयोग के लिए उचित समझा जाता है। यह अधिक महँगी होती है।

Badam बहुत ही पौष्टिक मेवा है। दिमाग के लिए फायदेमंद माने जाने वाला ये मेवा न सिर्फ दिमाग के लिए बल्कि शरीर के प्रत्येक अंग के लिए बहुत लाभदायक होता है। ये दिल को मजबूत बनाता है, कोलेस्ट्रॉल कम करता है.

badam कैंसर से बचाता है , हड्डियां मजबूत करता है , ब्लड प्रेशर और डायबिटीज कंट्रोल में रखता है और दॉँतों की रक्षा भी करता है। इसके गुणों की जितनी चर्चा की जाए कम है। इसीलिए दुनिया भर में इसका उपयोग बढ़ता ही जा रहा है।

मामरा बादाम और केलिफोर्निया बादाम में क्या फर्क होता है

Difference Between Mamra badam , Keliforniya badam and kashmiri chhoti giri Gurbandi

—  मामरा बादाम का मूल्य Price केलिफोर्निया बादाम की अपेक्षा तीन से चार गुना अधिक होता है।

—  Mamra Badam अफगानिस्तान में पैदा होता है और इसका उत्पादन अपेक्षाकृत कम होता है। अमरीकन बादाम केलिफोर्निया में पैदा होता है और इसका उत्पादन अत्यधिक मात्रा में होता है। इसका कारण वैज्ञानिक तरीके से खेती करना है। उत्पादन की मात्रा में अंतर होना इन दोनों Badaam के बाजार भाव में अंतर की एक बड़ी वजह है।

—  मामरा Badaam का उत्पादन ऑर्गनिक तरीके से किया जाता है। इसमें किसी प्रकार के केमिकल आदि का उपयोग नहीं  किया जाता। यह बादाम का शुद्ध प्राकृतिक रूप है। केलिफोर्निया Badaam को प्रोसेस करके बाजार में बेचा जाता है।

—  मामरा बादाम में मिठास अधिक होती है और यह शुद्ध प्राकृतिक रूप से होती है। California Badam में प्रोसेसिंग के कारण मिठास आती है। प्रोसेस किये जाने के कारण इसमें तेल और कई गुणकारी तत्व कम हो जाते हैं।

—  मामरा Badaam में तेल की मात्रा और कैलोरी ज्यादा होती है जबकि केलिफोर्निया Badaam में प्रोटीन , विटामिन A , B व E की मात्रा अपेक्षाकृत ज्यादा होती है।

—  केलिफोर्निया बादाम में लाभदायक ओमेगा 3 होता है लेकिन Mamara Badam  में यह नहीं पाया जाता।

—  एक अन्य किस्म की baadam जिसे कश्मीरी बादाम या छोटी गिरी कहते है भी उपलब्ध है। इसका स्वाद थोड़ा कड़वा होता है। यह बादाम भी पोषक तत्वों से भरपूर होती है। यह अफगानिस्तान में तथा थोड़ी मात्रा में कश्मीर में पैदा होती है। यह अपेक्षाकृत सस्ती होती है।

Reference : CFTRI Lab Report

बादाम को काम लेने के तरीके – How to use almond

Badam स्नैक्स के रूप में खाये जा सकते है। इन्हे पानी में भिगोकर सुबह छिलका निकाल कर खाना सर्वश्रेष्ठ तरीका माना जाता है। भीगी हुई बादाम से ठंडाई बनाई जाती है जो गर्मी के मौसम का शानदार पेय है।

ठंडाई बनाने का तरीका जानने के लिए यहाँ क्लिक करें

लोग Badam को कई प्रकार के व्यंजन में डालकर व्यंजन की शोभा बढ़ाते है । अधिकतर पारम्परिक मिठाईयों में बादाम की कतरन Almond Flaks  डाली जाती है ।

कुछ लोगBadamका हलवा बना कर सुबह नाश्ते में खाते है।बादाम का हलवा दिमागी शक्ति के लिए लाभदायक होता हैं।

बादाम का हलवा बनाने की विधि जानने के लिए यहाँ क्लीक करें

Badam का दूध बना कर भी उपयोग किया जा सकता है। इसे बनाना भी बहुत आसान होता है। प्रसिद्ध माइकल जैक्सन बादाम का दूध नाश्ते में लेते थे। यह उन्हें भरपूर ताकत देता था।

कुछ लोग बादाम की खीर बनाते है। Badam का शर्बत भी स्वादिष्ट और फायदेमंद होने के कारण  लोकप्रिय है।

बादाम का आटा  Almond Flour और बादाम का बटर  Almond Butter  का उपयोग करके भी Badam का फायदा उठाया जा सकता है। किसी भी प्रकार इसे उपयोग में लें , यह फायदेमंद ही है।    

बादाम का पूरा फायदा मिले इसके लिए 20 -25 बादाम रोजाना खाई जा सकती है

कृपया ध्यान दें :  किसी भी लाल अक्षर वाले शब्द पर क्लीक करके उसके बारे में विस्तार से जान सकते है। 

बादाम के पोषक तत्व – Almond Nutrients

badam  में उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन , कार्बोहाइड्रेट , विटामिन , खनिज लवण और फाइबर पर्याप्त मात्रा में होते है। इसमें बायोटिन, विटामिन E , मैगनीज , कॉपर , विटामिन B2 , कैल्शियम , फास्फोरस , आयरन और मैग्नेशियम प्रचुर मात्रा में होता है इसके अलावा इसमें स्वास्थ्य के लिए लाभकारी और कैंसर से बचाने वाले एंटीऑक्सीडेंट होते है।

दिल के लिए लाभदायक  मोनोअनसेचूरेटेड और पोलीअनसेचूरेटेड फैटी एसिड बदाम में होते है। Badam से जिंक और विटामिन B6 भी मिलता है।

शरीर की विभिन्न जरूरत के लिए Badam ke fayde इस प्रकार है :

बादाम के फायदे – Almond Benefits

दिल के लिए  – heart

मैग्नीशियम की भरपूर मात्रा के कारण बादाम खाने से नसों और धमनियों में रक्त का बहाव बिना रुकावट आसानी से होता रहता है। जिसके कारण शरीर के हर अंग को रक्त , पोषक तत्व और ऑक्सीजन सम्पूर्ण मात्रा में प्राप्त होते है।

मैग्नीशियम की कमी दिल को बहुत नुकसान पहुंचा सकती है, जिसकी सम्भावना Badam  नियमित खाने से खत्म हो जाती है।

Badam  में पाए जाने वाला पोटेशियम दिल समेत हर प्रकार की मांसपेशियों के सुचारु रूप से कार्य करने में बहुत मदद करता है।

ये ब्लड प्रेशर कट्रोल में रखने में मददगार होता है और कोलस्ट्रोल को नसों में जमने से रोकता है।

शरीर के लिए फैट जरूरी होता है लेकिन फायदेमंद वाला फैट। Badam में जैतून के तेल में पाए जाने वाले MUFA और PUFA होते है।

इनसे रक्त में हानिकारक एलडीएल ( LDL ) कोलेस्ट्रॉल की मात्रा घटती है और लाभ दायक एच डी एल (HDL ) की मात्रा बढ़ती है। इसके अलावा बादाम में मौजूद विटामिन E दिल की बीमारी होने की सम्भावना को कम करता है। इस प्रकार बादाम दिल के लिए बहुत अच्छे होते है।

कोलेस्ट्रॉल के बारे में विस्तार से जानने के लिए यहाँ क्लिक करें

बादाम से ताकत – Energy

हमारे शरीर की कोशिका ( Cell ) में  मौजूद Mitochondria में एनर्जी प्रोडक्शन का महत्वपूर्ण काम होता है । ये एनर्जी प्रोडक्शन का काम फ्री रेडिकल्स के कारण प्रभावित हो सकता है। Badam से मिलने वाले मेगनीज और कॉपर तत्व इन फ्री रेडिकल्स से रक्षा करते है।

इसके अलावा बदाम से मिलने वाला विटामिन B2 एनर्जी के उत्पादन में सहायक होता है इसलिए Badam खाने से शरीर में  एनर्जी उत्पादन बढ़ता है और ये काम सुचारु रूप से जारी रहता है। जिसके कारण शरीर में शक्ति बनी रहती है और थकान महसूस नहीं होती।

तेज दिमाग – Brain

ये तो सभी जानते है कि बादाम खाने से दिमाग की शक्ति बढ़ती  है। दिमाग को ताकत देने के लिए Badam में ऐसे अनोखे तत्व होते है जो सिर्फ बदाम में ही होते है। बादाम में राइबो फ्लाविन और एलकार्नीटाइन नामक पोषक तत्व उम्र के साथ होने वाली स्नायु की कमजोरी , याददाश्त की कमजोरी आदि से बचाते है।

बादाम खाने से बुढ़ापे में होने वाले डिमेन्शिया व अल्जाइमर रोगों से भी बचाव होता है। हालाँकि यह कहावत भी प्रचलित है की अक्ल बादाम खाने से नहीं , ठोकर खाने से आती है।

मुलायम त्वचा – Skin

बादाम से मिलने वाले विटामिन E तथा एंटी ऑक्सीडेंट्स त्वचा को पोषण प्रदान करते है और उम्र के साथ त्वचा में होने वाली परेशानियों से बचाते है। इसके साथ ही Badam में ऐसे कम्पाउंड होते है जो त्वचा को कैंसर से बचाने में सक्षम होते है।

सूर्य की अल्ट्रावॉयलेट किरणों से एवं प्रदूषण के कारण स्किन को हुए नुकसान को ठीक करने में सहायक होते है। बादाम खाने से स्किन सौम्य और मुलायन बनी रहती है।

चेहरे पर ग्लो  आता है। दाग व झाइयाँ आदि नहीं होते ।

कम वजन – Weight Loose

फायदेमंद फैट और फायबर से भरपूर होने के कारण Badam वजन कम करने में सहायक होता है। बदाम खाने के बाद जल्दी भूख नहीं लगत जिससे आप नुकसान करने वाले फ़ास्ट फ़ूड या स्नैक्स आदि खाने से बच सकते है।

यह वजन कम करने में सहायकहोता है । इसके अलावा एनर्जी बनी रहने के कारण आपकी खाने की इच्छा भी कंट्रोल होगी। इस प्रकार मोटापा भी नहीं चढ़ता।

मजबूत हड्डी और दांत – Teeth and Bones

Badam में मौजूद मैग्नीशियम और फास्फोरस दोनों ऐसे तत्व है जो हड्डियों और दांतों के बनने और इनको मजबूती देने के लिए आवश्यक होते है।

बादाम खाने से दाँतों के टूटने या दाँतो में कीड़ा लगने की सम्भावना कम हो जाती है। Badam खाने से हड्डी की  ओस्टेरोपोरोसिस नामक बीमारी ( जिसमे हड्डी कमजोर हो जाती है ) से बचा जा सकता है। हड्डी मजबूत होने के कारण जल्दी से फ्रैक्चर भी नहीं होता।

मधुमेह – Diabetes

खाना खाने के बाद रक्त में ग्लूकोज़ का लेवल बढ़ जाता है। बदाम इस ग्लुकोज़ के बढ़ने को कम करता है। जिन्हे डायबिटीज होती है उनका अचानक ग्लूकोज बढ़ना हानिकारक हो सकता है।

Badam रक्त में ग्लुकोज़ बढ़ने की क्रिया को कंट्रोल करता है और इससे हानि पहुंचने की सम्भावना को कम करता है। अतः डायबिटीज वाले लोगों के लिए बादाम का उपयोग लाभदायक सिद्ध हो सकता है।

इसके अतिरिक्त मैग्नीशियम की कमी से टाइप 2 डायबिटीज हो सकती है। बदाम में भरपूर मैग्नीशियम होता है। अतः Badam के उपयोग से इसकी सम्भावना को कम किया जा सकता है।

आंतें  – Intestine

Badam आँतों के लिए बहुत फायदेमंद  होता है। इसमें फायबर की प्रचुर मात्रा होने के कारण ये प्री बायोटिक के रूप में फायदा करते है।

प्री बायोटिक Prebiotic खाने का वो हिस्सा होते है जो पचता नहीं है और आंतो में रहने वाले अच्छे बैक्टीरिया का भोजन होता है। अच्छे बैक्टीरिया के स्वस्थ रहने से हमारी आंतें और पाचन तंत्र भी स्वस्थ रहते है। गैस पेटदर्द , कब्ज , बवासीर आदि से बचाव होता है।

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