मशरूम खाने के फायदे और नुकसान – Mushroom Benefits and caution

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मशरूम Mushroom सब्जी की तरह खाने में काम लिया जाता है। इसे कुम्भी Kumbhi भी कहा जाता है। बारिश के मौसम में ये अपने आप उग आते है। यह एक प्रकार की फंगी Fungi यानि कवक है।

इसे कुकुरमुत्ता भी कहा जाता है। मशरूम से कई प्रकार के पोषक तत्व मिलते हैं जो अन्य फल या सब्जियों में नहीं पाए जाते, जैसे विटामिन डी , जर्मेनियम , सेलेनियम आदि।

मशरूम कई प्रकार के रंग , आकार और गुण वाले पाए जाते हैं । सभी Mushroom खाने के योग्य नहीं होते है। कुछ प्रजाति जहरीली होती है अतः जानकारी और पहचान के बिना किसी भी मशरूम या कुकुरमुत्ते का उपयोग नहीं करना चाहिए , यह घातक हो सकता है।

बटन मशरूम :

खाये जा सकने वाले तथा सामान्यतया सब्जी बाजार में मिलने वाले मशरूम सफ़ेद बटन मशरूम होते हैं। ये दुनिया भर में सबसे अधिक उगाये जाने और खाये जाने वाले Mushroom हैं। भारत में भी इनकी खेती की जाती है। ये पहले सिर्फ सर्दी में उगाये जाते थे लेकिन अब तकनीकी तरीके से पूरे साल इनकी खेती की जाती है।

मशरूम

पोर्सिनि मशरूम – Porcini mashroom

ये खाये जाने वाले Mushroom में अधिक स्वादिष्ट और महंगे होते हैं। इन्हे इटालियन फ़ूड जैसे पास्ता आदि में डाला जाता है। इनकी खेती मुश्किल होती है , इसलिए इनकी कीमत ज्यादा होती है।

मशरूम में पोषक तत्व – Mashroom Nutrients

कृपया ध्यान दे : किसी भी लाल रंग से लिखे शब्द पर क्लीक करके उसके बारे में विस्तार से जान सकते हैं। 

मशरूम में प्रोटीन , विटामिन , खनिज , एमिनो एसिड , तथा एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते  हैं। इसमें , आयरन , पोटेशियम , कॉपर, फास्फोरस तथा कैल्शियम तथा आदि खनिज होते हैं। इसमें विटामिन ‘बी’ समूह के कई विटामिन पाए जाते हैं। यह राइबोफ्लेविन , थायमिन , पैण्टोथेनिक एसिड तथा नियासिन का स्रोत होता है। विटामिन ‘बी’ भोजन से ऊर्जा प्राप्त करने में तथा लाल रक्त कण के निर्माण में सहायक होते हैं।

मशरूम उन चुनिंदा चीजों में से एक है जिनसे विटामिन ‘डी’ प्राप्त होता है। यह शरीर के लिये आवश्यक विटामिन है। विटामिन ”डी’ के बारे में अन्य जानकारी प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें

मशरूम में कॉलिन नामक तत्व होता है जो अच्छी नींद , मांसपेशियों की गतिविधि , सीखने की प्रक्रिया तथा यादाश्त के लिए मददगार होता है। यह तत्व तंत्रिका तंत्र तथा वसा के अवशोषण में भी सहायक होता है।

सेलेनियम नामक एंटीऑक्सीडेंट तत्व का पाया जाना mashroom की एक अन्य विशेषता है। फल और सब्जी में इस तत्व की मात्रा कम ही पाई जाती है। यह तत्व लिवर के लिए मददगार होता है तथा शरीर से कई प्रकार के विषैले कैंसर कारक तत्वों को मिटाने में सहायक होता है।

मशरूम के फायदे – Mashroom Benefits

हृदय

मशरूम दिल की सेहत का लिए अच्छा होता है। क्योकि इसमें फाइबर , पोटेशियम तथा विटामिन ‘C’  ऐसे तत्व हैं जो हृदय के लिए फायदेमंद होते हैं। ये ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं। इसके अलावा इसमें पाया जाने वाला बीटा ग्लुकेन नामक तत्व भी कोलेस्ट्रॉल कम करने में सहायक होता है।

प्रतिरोधक क्षमता

Mushroom से मिलने वाले सेलेनियम तथा एर्गोथियोनिन नामक तत्व प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होते है।एर्गोथियोनिन में सल्फर होता है जिसकी कमी कई लोगों में पाई जाती है। यह तत्व प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करता है। इसके अलावा मशरूम में विटामिन ‘ A ‘  , ‘ B ‘ और ‘ C ‘  का अच्छा समिश्रण होता है जो प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।

खून की कमी

Mushroom में आयरन और कॉपर दोनों खनिज पाए जाते हैं। कॉपर आयरन के अवशोषण में सहायक होता है।  अतः मशरूम खाने से शरीर में आयरन की कमी दूर हो सकती है। यह खून की कमी के कारण होने वाली बीमारी एनीमिया को दूर करने में सहायक हो सकता है।

कैंसर

मशरूम में गाजर , टमाटर , शिमला मिर्च , काशीफल , फलियां आदि की तरह एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में होते हैं। ये ऑक्सीडेंट हानिकारक फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं। फ्री रेडिकल्स कैंसर का कारण बन सकते हैं।

डायबिटीज

इसमें घुलनशील और अघुलनशील दोनों प्रकार के फाइबर होते है। फाइबर युक्त भोजन लेने से रक्त में शक्कर की मात्रा नियंत्रित करने में मदद मिलती है। फाइबर पाचन में मदद करके स्वस्थ रहने में तथा डायबिटीज को दूर रखने में सहायक हो सकता है।

हड्डी और दांत

Mushroom में कैल्शियम , फास्फोरस तथा विटामिन ‘ डी ‘ होते हैं। ये तीनो तत्व हड्डी और दांत की मजबूती के लिए जरूरी होते हैं। शरीर द्वारा कैल्शियम के अवशोषण के लिए विटामिन ‘ डी ‘ आवश्यक होता है। कैल्शियम की कमी दूर करने के उपाय जानने के लिए यहां क्लिक करें

मशरूम कैसे खरीदने चाहिए

mashroom kaise le

बाजार से मशरूम खरीदते समय ध्यान रखना चाहिए ये ताजा Fresh  होने चाहिये।  पिलपिले , चिपचिपे , मुरझाये हुए या कटे-फटे नहीं होने चाहिए। इन्हे फ्रिज में रखना चाहिए। इन्हे काम में लेते समय ही धोना और काटना चाहिए। तीन चार दिन से अधिक फ्रिज में भी नहीं रखना चाहिए।

मशरूम के नुकसान

Side effects of mashroom

मशरूम की कई प्रजातियां जहरीली होती हैं जो खाने योग्य नहीं होती हैं। यदि अच्छी पहचान नहीं हो तो कहीं भी उगी हुई Mushroom देखकर खाने के लिए नहीं लेनी चाहिए।

कई जंगली मशरूम में भारी धातु हो सकती है जो बहुत खतरनाक साबित हो सकती है। ऐसी  Mushroom न सिर्फ शरीर के लिए बल्कि हवा और पानी को भी संक्रमित कर सकती हैं। प्रदूषित वातावरण में पैदा होने वाली खाने योग्य प्रजाति भी हानिकारक हो सकती है।

मशरूम से कुछ लोगों को एलर्जी हो सकती है। ऐसे में इसका उपयोग नहीं करना चाहिए। यदि मशरूम खाना शुरू कर रहे हों तो पहले कम मात्रा में खाना चाहिए , एलर्जी नहीं हो तो अधिक खा सकते हैं।

पुराने , बासी या सही तापमान पर नहीं रखे गए मशरूम का उपयोग फ़ूड पोइज़निंग का कारण बन सकता है अतः ताजा Mushroom ही काम में लेने चाहिए। बाजार से भी विश्वसनीय जगह से ही इन्हे खरीदना चाहिए।

सिर्फ एक जहरीली मशरूम के भोजन में आ जाने से कई लोग बीमार हो सकते हैं। इसकी वजह से जी घबराना , उल्टी  आना , बेहोशी आना , मतिभ्रम होना , ऐंठन होना आदि लक्षण प्रकट हो सकते हैं।

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