रेशम ( Silk ) के कपड़े की खासियत और गुण – Silk fiber and cloths

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रेशम ( silk) या सिल्क दुनिया का सबसे ज्यादा चमकीला और सुन्दर प्राकृतिक रेशा है . यह एक कीड़े द्वारा बनाया जाता है जिसे सिल्क वर्म Silkworm , रेशम का कीड़ा या रेशम कीट कहा जाता है . आइये जानें रेशम कैसे बनता है और रेशमी कपड़ों की क्या विशेषता होती है .

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सिल्क उत्पादक देश Silk Producing country है . कर्नाटक , आन्ध्र प्रदेश , आसाम और पश्चिम बंगाल राज्य में सिल्क अधिक बनता है .  यहाँ सिल्क की कई वेरायटी जैसे मलबरी सिल्क Malbari silk , मूगा सिल्क Muga silk , टसर सिल्क Tussar silk और एरी सिल्क Eri Silk आदि का उत्पादन होता है . इनमे से मलबरी सिल्क का उत्पादन सबसे अधिक होता है .

रेशम कैसे बनता है

How silk is produced hindi me

रेशम का उत्पादन एक प्राकृतिक प्रक्रिया है . इस प्रक्रिया का उपयोग व्यावसायिक रूप से किया जाता है . इसके लिए रेशम के कीड़ों को इस प्रकार पाला पोसा जाता है कि वे अधिकतम Silk उत्पन्न कर सकें .

रेशम के कीड़े क्या खाते हैं – What do silkworm eat

रेशम के कीड़े सिर्फ शहतूत के पत्ते Mulberry leaves खाते हैं . इन कीड़ो के भोजन की व्यवस्था करने के लिए शहतूत के बाग लगाये जाते हैं . शहतूत के पत्ते तोड़कर कीड़ों को खिलाए जाते हैं . इस खुराक से वे जल्दी बड़े हो जाते हैं .

रेशम के कीड़े रेशम का धागा कब कैसे और क्यों बनाता है – Why and how silkworm make silk thread

रेशम का कीड़ा वयस्क होने से तुरंत पहले यानि प्यूपा वाली अवस्था में रेशम का धागा silk thread अपने मुँह से बनाता है . रेशम कीट अपनी सुरक्षा के लिए रेशम का धागा मुँह से निकाल कर अपने चारों और लपेट लेते हैं . लगातार इस प्रक्रिया से कीट अपने चारों और रेशम के धागे का गुच्छा बना लेते हैं .

ककून क्या होता है – what is cocoon

रेशम का कीड़ा लगातार रेशम का धागा निकालकर अपने चारों और लपेटता जाता है .  इससे कीट के चारों और धागे का एक गुच्छा बन जाता है . रेशम का कीड़ा धागे के इस गुच्छे में बंद हो जाता है . कीड़े द्वारा धागे से बनाया गया यह गुच्छा ककून Cocoon कहलाता है .

ककून से निकले रेशम की लंबाई कितनी होती है – Lenth of silk thread in a cocoon

एक ककून से निकले सिल्क के धागे की लम्बाई लगभग 1000 मीटर से 1300 मीटर तक हो सकती है .

ककून से रेशम कैसे प्राप्त करते हैं – How to get silk thread from cocoon

ककून को गर्म पानी में डाला जाता है जिससे वह धागा या रेशा खुलने योग्य हो जाता है . इसे मशीनों से खोलकर सही तरीके से लपेट लिया जाता है . यह रेशा या धागा ही रेशम Silk होता है. इस प्रकार प्राप्त रेशम के धागे से कपड़े बनाये जाते हैं . इन रेशमी कपड़ों Silk Cloths में प्राकृतिक रूप से शानदार चमक होती है .

रेशम के कपड़ों की विशेषता

Silk cloth speciality hindi me

प्राकृतिक रूप से नर्म और चमकदार – Naturally soft and bright

Silk thread स्वाभाविक रूप से मुलायम और चमकदार होता है . इसलिए सिल्क से बने कपड़े भी बहुत मुलायम , चमकदार और शाही होते हैं . जबकि अन्य धागे से बने वस्त्रों को मुलायम , मजबूत या चमकदार बनाने के लिए कई तरह के केमिकल प्रोसेस से गुजारा जाता है .

पसीना सोखने की अधिक क्षमता – More Sweat absorbing capacity

Silk में नमी या पसीना सोखने की जबरदस्त खूबी होती है . पसीना और नमी के कारण त्वचा में कई प्रकार के इन्फेक्शन होने की सम्भावना होती है . रेशम से बने कपड़े पहनने से स्किन सूखी रहती है और त्वचा की कई परेशानियों से बचाव होता है .

हवा पास होना – Air permebility

रेशम के कपड़े से हवा आसानी से पास होती रहती है . जिसके कारण त्वचा को हवा लगती रहती है . इससे त्वचा स्वस्थ बनी रहती है .

मौसम के अनुकूल – Weather friendly

रेशमी वस्त्र किसी भी मौसम मे पहने जा सकते हैं । क्योंकि रेशम के कपड़े सर्दी में गर्म और गर्मी में ठंडे होने का अहसास कराते हैं .

फफूंद और डस्ट माइट से बचाव – Free from fungus and dustmite

रेशम का धागा कीट के द्वारा खुद की कीड़े मकोड़े या फफूंद से रक्षा के लिए बनाया जाता है जो एक विशेष प्रकार के प्रोटीन से बना होता है . इसलिए सिल्क के कपड़े में फफूंदी नहीं लगती तथा इसमें डस्ट माईट नहीं होते हैं  .

एलर्जी से बचाव – No allergy

कुछ लोगों को किसी किसी कपड़े से एलर्जी की समस्या होती है . लेकिन सिल्क का कपड़ा हाइपो-एलेर्जेनिक होता है यानि इसे पहनने से एलर्जी नहीं होती है . अतः इसे काम मे लेना लाभदायक होता है .

रेशम सेंसीटिव त्वचा के लोगों के लिए – Silk for sensitive skin

रेशम के धागे लम्बे और मुलायम होते है अतः इससे बने हुए वस्त्र भी त्वचा के लिए भी बहुत नर्म होते है . इनसे स्किन पर बिलकुल भी रगड़ नहीं लगती . अतः सेंसिटिव स्किन वालों को रेशम के वस्त्र उपयोग करने से बहुत आराम मिलता है .

सिल्क से बने कई फेब्रिक जैसे शिफोन , जोर्जट , ओर्गेन्जा , टसर , क्रेप , साटिन आदि दुनिया भर में बहुत पसंद किये जाते हैं . सिल्क से कपड़े दिखने में मुलायम भले ही हों , लेकिन मजबूती मे कम नहीं होते हैं .

प्राकृतिक रूप से इंसान द्वारा केमिकल्स के उपयोग से सिल्क जैसा मुलायम और चमकदार रेशा बनाया जाता है . इस तरह के रेशों से बने सिंथेटिक कपड़े सस्ते और दिखने में रेशम जैसे हो सकते हैं लेकिन ऐसे कपड़े शरीर के लिए बहुत नुकसान दायक होते हैं तथा कई प्रकार की परेशानी पैदा कर सकते हैं .

( इसे भी जरूर पढ़ें : सिंथेटिक कपड़े कौनसे होते हैं और उनसे क्या नुकसान होता है )

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