वजन कब और कितने दिन में नापना चाहिए – When to weight

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वजन कब नापना चाहिये When To Weight यह जानना बहुत जरुरी हो जाता है यदि आप वजन कम करने या बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। क्योंकि इसी से पता चलता है  कि हमारी कोशिश कामयाब हो रही है या नहीं।

लेकिंन सवाल ये उठता है की वजन कब, कैसे और कितने दिन में नापना चाहिये। यानि हर रोज नापें या हर सप्ताह या हर महीने ? और दिन में किस वक्त यानि सुबह नापें या दिन में या शाम को ? क्योंकी दिन भर में अलग अलग माप मिलता है। इससे बहुत संशय ( Confusion ) पैदा हो जाता है। समझ नहीं आता क्या करेँ।

पढ़ें इसी कन्फ्यूजन को दूर करने वाला यह लेख –

दिखने में तो फर्क लग रहा है पर वजन उतना ही है

Vajan me change nahi aata

वजन कम ( weight loose ) करने के लिए ये समझना जरुरी है कि वजन का सम्बन्ध फैट और मांसपेशियों दोनों से है। फैट और कोलेस्ट्रॉल दोनों नुकसान देह होते है। इसलिए हम फैट को तो कम करना चाहते है लेकिन मांसपेशियाँ को बढ़ाना चाहते है ।

वजन ये नहीं बताता कि इनमे फैट का वजन कितना है और मांस पेशियों का वजन कितना है और यदि वजन कम हुआ है तो ये वजन फैट का कम हुआ है या मांसपेशियों का। हो सकता है आप फैट कम करने में सफल रहे हों लेकिन मसल्स की वजह से वजन में फर्क नहीं दिख रहा हो।

इसका मतलब आप जो कर रहे है वो सही है। अतः बहुत चिंता ना करेँ। इस परिवर्तन के बारे में आपको खुद ही देखना और समझना पड़ेगा।

वजन कब यानि कितने दिन में नापना चाहिये

Vajan kitne din me napna chahiye

रोजाना ?

यदि आप रोज वजन नाप कर देखते और फिर विचार करने लगते है तो इसका एक नुकसान है। आपको रोज लगेगा आप कुछ गलत कर रहे है इसलिए वजन में कोई फर्क नहीं दिख रहा। फिर आप अपने खाने और एक्सरसाइज में रोज बदलाव करते रहेंगे जो ठीक नहीं है।

रोज वजन नापना अच्छी बात है लेकिन वजन देखकर रोज बदलाव करना गलत। अतः एक सप्ताह तक रोज वजन नापें और सप्ताह के आखिर में वजन का एवरेज निकाल लें।

यानि सात दिन के हर दिन के वजन को जोड़ लें। इस टोटल वजन को सात से डिवाइड कर दें। इस एवरेज वजन को देखकरआपको लगे की कुछ बदलाव करने चाहिए तो कर सकते है।

सप्ताह में एक बार ?

अगर आप में थोड़ा धीरज ( Patience ) है तो सप्ताह में एक बार वजन नापना गलत नहीं है। लेकिन किसी कारण से आपको लगता है की वजन गलत आ रहा है या किसी और कारण से वजन का कुछ  confusion  हो रहा है तो दूसरी बार वजन करने के लिए आपको पूरे सात दिन इंतजार करना पड़ेगा।

अगर इंतजार कर सकते है तो ठीक है वर्ना एवरेज वाला तरीका ही अपनाएं।

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महीने में एक बार ?

महीने में एक बार वजन नापने का तो कोई मतलब ही नहीं है। एक महीने में तक आपकी कोशिश यदि गलत दिशा में गई तो उसी गलत काम को आप एक महीने तक लगातार करते रहेंगे और आपका प्रयास , मेहनत और समय सब बेकार चले जायेंगे । अतः इतने लम्बे समय का गैप रखना सही नहीं है। 

निष्कर्ष

निष्कर्ष ये निकलता है की रोजाना  वजन नापें और एक सप्ताह बाद सात दिनों का एवरेज निकाल लें। इसे लिख लें। अगले सप्ताह जब आप नया  एवरेज वजन लिखेंगे तो आप तुलना करके किसी भी प्रकार के बदलाव का सही निर्णय ले पायेंगे। अतः ये ही तरीका सबसे अच्छा है।

वजन कब यानि किस समय नापना चाहिये

vajan kis time lena chahiye

अब ये सवाल की वजन किस वक्त और किस हालत में  नापना चाहिए ।  यानि सुबह , दोपहर , शाम को या रात को । और वजन लेते टाइम कपड़े कैसे हों। नंगे पैर हो या जूते , चप्पल कुछ पहने।

वजन एक्सरसाइज करने से पहले  नापें या एक्सरसाइज करने के बाद में। तो जान लीजिये की कुछ भी खाने पीने से वजन बदल सकता है। एक्सरसाइज करने से भी वजन बदल सकता है।

इसलिए सुबह बिना कुछ खाये पिए खाली पेट वजन नापना चाहिए। एक्सरसाइज करने से पसीना बहता है। इसके कारण वजन बदल सकता है अतः पहले वजन नापलें फिर एक्सरसाइज करें।

वजन लेते समय कपड़े एक जैसे होने चाहिये , ताकि कपड़े की वजह से वजन में फर्क नहीं आये। फुट वेयर के कारण वजन में फर्क नहीं आये इस बात का भी ध्यान रखना चाहिये। यदि नंगे पैर वजन नापना हो तो रोज नंगे पैर ही नापें। और यदि फुटवेयर पहने तो एक ही हो बदलने नहीं चाहिये ।

इसके अलावा इस बात का भी ध्यान रखें की वजन मापने का एक समय निश्चित कर ले , उसी समय वजन मापें फिर वो चाहे रोज हो या सप्ताह में एक बार। तभी आपको अपने सही वजन का पता चलेगा। और वजन घटाने या वजन बढ़ाने में सफलता मिल रही है या नही इसका भी सही सही पता चल जायेगा।

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