श्याम होली खेलने आया फाग का भजन – Shyam holi khelne aaya

499

श्याम होली खेलने आया , रसिया का वेष बनाया फाग का लोकप्रिय भजन है। फाग के भजन गीत Fag ke bhajan यानि होली के मस्ती भरे गीत जिनमें मधुरता के साथ शरारत भी होती है।

एक समय था जब फाल्गुन महीना लगते ही होली की मस्ती शुरू हो जाती थी। एक महीने पहले होली का डंडा रोप दिया जाता था। लोग वहां इकट्ठे होकर गाते बजाते थे और उत्सव मनाते थे। अब यह पुरानी संस्कृति का हिस्सा भर रह गया है।


मंदिर में होली के भजन के रूप में लोग इन गीतों का आनंद लेते हैं नाच गाकर होली और भक्ति का आनंद उठाते हैं।

होली के ये मधुर भजन सुनकर मन भक्तिभाव से भर उठता है।

होली के भजन और गीत के बोल यहाँ लिखे गये है।

आप भी इनका आनंद लें।

फ़ाग के भजन गीत

फ़ाग का भजन गीत – श्याम होली खेलने आया

Shyam holi khelne aaya

तर्ज – श्याम चूड़ी बेचने आया …

 

भजन के बोल इस प्रकार हैं –

रसिया का वेष बनाया , श्याम होली खेलने आया

ग्वालों को संग में लाया , श्याम होली खेलने आया ।

 

सखाओं की टोली , बोले होरी -2  ( होरी है )

चहुँ ओर ही आनन्द छाया । ।

श्याम होली खेलने आया

 

अबीर झोली भरा ,रंग लाल-हरा – 2

भरि भरि के मुठ्ठी उड़ाया । ।

श्याम होली खेलने आया

 

बरसाने की गैल , होली खेले श्याम छैल – 2

हुरदंगा खूब मचाया । ।

श्याम होली खेलने आया

 

ललिता दौड़ी – दौड़ी आई , होरी खेले कृष्ण कन्हाई – 2

आके राधा को बताया । ।

श्याम होली खेलने आया

 

ले सखियों को संग , घोर कलशन  में रंग – 2

पिचकारिन रंग बरसाया । ।

श्याम होली खेलने आया


खेलो होरी श्यामा-श्यामा , संग ग्वाल और ब्रजधाम – 2

ब्रज ग्वालिन मन हरषाया । ।

श्याम होली खेलने आया

 

बड़ौ होरी को चाव , पायो कान्हा ने दाँव – 2

मुख नारी रूप बनाया । ।

श्याम होली खेलने आया

 

कीन्ही पल की न देर , लिया कान्हा की घेर – 2

नर से नारी रूप बनाया । ।

श्याम होली खेलने आया

 

रंगीली होरी मची , मधुर बंशी बजी – 2

कान्हा का दर्शन पाया । ।

श्याम होली खेलने आया

~~~~~~

क्लिक करें और आनंद लें इन भजन गीत का –

रंग मत डारे रे सांवरिया …

नैना नीचे कर ले श्याम …

आज बिरज में होरी रे रसिया …

मेरे आँगन खेलो फ़ाग गजानन…

ओरे छोरा नन्द जी का …

कर सोलह श्रृंगार भोलेबाबा का भजन 

ले के गौरा जी को साथ शिव भजन 

कभी फुरसत हो तो जगदम्बे माँ दुर्गा भजन