शराब की लत पड़ने से पहले हो जाएँ सावधान – Alcohol abuse

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शराब पीना इन दिनों सामान्य सी बात हो गई है। लाइफ स्टाइल में बदलाव , पीने को बुरा ना समझना , शहरीकरण , शराब की प्रचुर उपलब्धता , शराब के नुकसान नहीं बताया जाना , शराब का प्रचार प्रसार आदि कारणों से शराब का सेवन बहुतायत में होने लगा है।

शराब पीने वाली महिलाओं की संख्या में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। बिना यह जाने कि उन्हें कम मात्रा में शराब पीने पर भी पुरुष की अपेक्षा अधिक नुकसान होता हैं। ज्यादा शराब पीने के कारण कई प्रकार की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।

कम मात्रा में या कभी कभी शराब का सेवन करना और शराब की लत या आदत हो जाने में फर्क होता है। इसकी लत पड़ने से पहले संभल जाना चाहिए। आइये जाने क्यों –

शराब की लत पड़ने के बाद आप इसके बिना रह नहीं पाते। आप अधिक शराब पीने लगते हैं। आपके स्वास्थ्य , काम तथा संबंधों पर इसका दुष्प्रभाव दिखने लगता है। चाहते हुए भी इसे छोड़ना मुश्किल होने लगता है। अतः आदत हो जाने से पहले सचेत हो जाना चाहिए अन्यथा इसके दुश्चक्र में बुरी तरह फंस सकते हैं।

शराब की लत लग गई है कैसे जानें

sharab ki aadat lat

कुछ सामान्य सी बातें आप पर लागू हो रही हैं तो समझना चाहिए की आप शराब की लत के शिकार हो गए हैं। ऐसी स्थिति में गंभीरता के साथ शराब से दूर रहने की जरूरत होती है अन्यथा हालात आपके काबू से बाहर जा सकते हैं।

तुरंत सावधान हो जाएँ यदि –

  • आपको लग रहा है कि आपको शराब पीनी बंद कर देनी चाहिए या कम जरुर कर देनी चाहिए । आपने शराब छोड़ने की कोशिश भी की लेकिन सफल नहीं हो पाए।
  • आपको स्वास्थ्य समस्या होने लगी है फिर भी आप पीना चालू रखे हुए हैं।
  • पीने की वजह से या उसके असर के कारण आपको खुद के पसंदीदा काम या शौक भी छोड़ने पड़ रहे हैं।
  • आप कई बार जितना सोचते हैं उससे कहीं ज्यादा पी लेते हैं।
  • शराब ना मिल पाने पर अनिद्रा, घबराहट, हाथ पैर कांपना, अधिक पसीना, अनियमित धड़कन आदि महसूस होने लगे हों।
  • एक बार पीना शुरू करने के बाद आप खुद को ज्यादा पीने से रोक नहीं पाते।
  • पीने के बाद आप खुद को दोषी महसूस करते हैं।
  • दूसरे लोग आपको बताते हैं कि आपके शराब की लत लग गई है।
  • पीने की आदत के कारण आपको आलोचना का शिकार होना पड़ता है और उस पर आपको बहुत गुस्सा आता है।
  • रात को अधिक पी लेने के कारण सुबह आँख खुलते ही आपको एक ड्रिंक लेनी पड़ती है ताकि आप एक्टिव हो सकें।
  • अधिक पीने के कारण दुर्घटना या झगड़े की वजह से आपको चोट लगती है या आप किसी को चोट पहुंचाते हो।
  • पीने के बाद आपको कुछ याद नहीं रहता।
  • निराशा महसूस होती है।
  • आपके हाथ कांपते हैं।

शराब क्या करती है और तलब क्यों लगती है

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शराब आपके नर्वस सिस्टम के सन्देश प्रणाली को धीमा कर देती है। इसका विषैला प्रभाव दिमाग पर पड़ता है जिसके कारण आप शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर हो जाते हैं। आप सही गलत में फर्क नहीं कर पाते।

जब आप नियमित रूप से या अक्सर शराब पीते हैं तो धीरे धीर आपका तंत्रिका तंत्र खुद को अल्कोहल की हमेशा उपस्थिति के अनुसार खुद को बदल लेता है। दिमाग को इस स्थिति में सतर्क रहने के लिए अधिक कार्य करना पड़ता है ताकि संकेतों का आवागमन सही तरीके से हो सके।

यह वैसी ही स्थिति होती है जैसे किसी महत्त्वपूर्ण कार्य से पहले आपके दिल की धड़कन बढ़ जाती है , आपकी नींद उड़ जाती है या आप नर्वस महसूस करते हैं।

शराब का सेवन इन संकेतों को मह्सुस नहीं होने देता लेकिन जैसे ही शरीर में अल्कोहोल की कमी होती है तो ये लक्षण तेजी से महसूस होने लग जाते हैं और शराब पीने की तीव्र इच्छा होने लगती है।

आपके विचार , शारीरिक हलचल और भावनाएं आपको शराब की तरफ धकेलने लगते हैं , हालाँकि आपका मन कहीं ना कहीं पीने से मना भी करता है। इन्ही लक्षण को तलब समझा जाता है। पीने के बाद आपको सुकून तो महसूस होता है पर आप शराब से हार जाते हैं।

शुरू में अल्कोहोल की कम मात्रा भी असर दिखाती है पर आदत होने पर अधिक मात्रा लेनी पड़ती है। मात्रा अधिक लेने पर शरीर को नुकसान भी अधिक होता है।

जैसे जैसे अल्कोहल की मात्रा बढती जाती है वैसे वैसे इसका विषैला प्रभाव आपको शारीरिक और मानसिक रूप से अधिक कमजोर बनाता चला जाता है।

अधिक शराब पीने के नुकसान

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शराब पीने की आदत होने पर आप ज्यादा मात्रा में शराब पीने लगते हैं। क्योकि कम मात्रा से आपको वो अहसास नहीं मिलता जिसे महसूस करने के लिए आप पीने बैठे थे। यह अधिक मात्रा अत्यधिक नुकसानदायक साबित होती है। अधिक शराब के नुकसान इस प्रकार हैं –

दुर्घटना होने की सम्भावना कई गुना बढ़ जाती है। शराब के कारण जलने , डूबने , एक्सीडेंट होने , ऊंचाई से गिरने आदि की घटनाएँ आम हैं जो ज्यादा शराब पीने के कारण होती हैं।

शरीर पर इसके बहुत अधिक दुष्प्रभाव होते हैं। जो इस प्रकार हैं –

  • पैंक्रियास व लीवर की परेशानी
  • डायबिटीज
  • नर्वस सिस्टम पर बुरा असर तथा शरीर पर दिमाग का नियंत्रण कम हो जाना
  • डिप्रेशन , अनिद्रा
  • पाचन सिस्टम पर बुरा असर , पेट फूलना , गैस बनना या दस्त लगना , आँतों द्वारा भोजन से पोषक तत्वों का अवशोषण नहीं कर पाना , पेट में अल्सर , बवासीर होना
  • कैंसर का खतरा बढ़ जाना
  • ह्रदय रोग का खतरा बढ़ जाना
  • प्रजनन अंगों पर दुष्प्रभाव
  • महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा , माहवारी अनियमित , गर्भपात आदि होना। गर्भस्थ शिशु के दिमाग पर विपरीत असर जैसे जन्मजात विकृति
  • हड्डियाँ कमजोर होना
  • मांसपेशियों का कमजोर होना , उनमें खिंचाव होना
  • प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाना

शराब की आदत , लत का उपचार

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सबसे पहले यह स्वीकार करें कि आपको मदद की जरुरत है। इस लत को छोड़ने में कई लोगों को उपचार से लाभ होता है। लेकिन सबके लिए एक जैसा उपचार काम नहीं करता। जितनी जल्दी उपचार लेना शुरू करते हैं उतना ज्यादा लाभ होता है।

व्यावहारिक उपचार पद्धति जैसे काउंसलिंग या सपोर्ट ग्रुप की मदद लेनी चाहिए। कुछ दवाइयाँ भी पीना छोड़ने या कम करने में मदद कर सकती हैं।  जिस तरह भी आपको फायदा दिखाई दे उस प्रकार का उपचार नियमित लेना चाहिए।

कुछ घरेलु उपाय से भी लाभ हो सकता है जो इस प्रकार हैं –

— चार गिलास पानी ( लगभग एक लीटर ) कांच के बर्तन में लें। इसमें  100 ग्राम नई देसी अजवायन दरदरी पीस कर भिगो दें। इसे दो दिनभीगने दें। अब इसे धीमी आंच पर उबालें। पानी एक गिलास जितना रह जाये तब उतार कर ठण्डा कर ले।

अगले दिन थोड़ा मसल कर छान लें। इसे एक शीशी में भर लें। जब भी शराब पीने की इच्छा हो तो इसमें से चार पाँच चम्मच पी लें। एक महीने तक इस तरह ये पानी पीने से शराब की लत sharab ki lat छूट जाती है। थोड़ी इच्छा शक्ति भी मजबूत रखें।

— दिन में तीन चार बार उबले हुए सेव खाने से शराब के प्रति घृणा उत्पन्न हो जाती है और शराब पीने की आदत छूट जाती है। सेव का रस तीन चार बार पीने और सेव अधिक खाने से शराब पीने की तलब नहीं लगती और शराब छोड़ना आसान हो जाता है।

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