बेसन के फायदे व बारीक़ या मोटा कौनसा काम में लें – Besan uses

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बेसन Besan से वैसे तो सभी परिचित हैं। यह हर घर में मौजूद होता है लेकिन शायद आपको इसके उपयोग और फायदे पूरी तरह मालूम ना हों । यहाँ इसी बारे में कुछ ऐसी जानकारी दे रहें हैं जो आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण हो सकती है।

बेसन को चने का आटा , Gram flour , chickpea flour , गुजराती में चणा नो लोट ( Chana no lot ) , मराठी में डालीचे पीठ ( daliche Peeth )आदि नामों से भी जाना जाता है।

यह ऑटोमेटिक मशीनों में बनाया जाता है जहाँ चने की सफाई , छिलका निकालना , पीसना और पैकिंग करना सभी काम मशीनों द्वारा होते हैं। इस तरह तैयार बेसन बाजार में आपको मिलता है। सभी किराना स्टोर या डिपार्टमेंटल स्टोर पर बेसन आसानी से मिल जाता है।

कुछ लोग घर का बना बेसन यूज करते हैं इसके लिए चने की दाल को चक्की पर पिसवाकर या घर में मौजूद छोटी आटा चक्की में उसे पीसकर बेसन तैयार कर लिया जाता है।

बेसन से मिठाई , नमकीन तथा अन्य कई प्रकार की चीजें बनाई जा सकती है जैसे – पकौड़े ( प्याज , आलू , पालक , मिर्च , ब्रेड आदि के ) , नमकीन सेव , गट्टे की सब्जी , कढ़ी , बेसन चक्की ,  हलवा , खांडवी , खमण ढोकले , लड्डू , सोन पापड़ी , चिल्ला , मिस्सी रोटी आदि।

बेसन मोटा काम में लें या बारीक़

Besan Powder

बाजार में मोटा और बारीक दोनों प्रकार के बेसन उपलब्ध होते हैं। आप बेसन से क्या बनाना चाहते हैं उसके अनुसार बारीक या मोटा बेसन काम में लेने से व्यंजन अधिक लजीज और स्वादिष्ट बनता है। मोटा और बारीक़ बेसन इन चीजों के लिए उपयोग करना ठीक रहता है –

मोटा बेसन – Mota Besan

बेसन चक्की , लड्डू , चूरमा , गट्टे की सब्जी , खमण , शीरा आदि बनाने के लिए।

बारीक़ बेसन – Bareek Besan

कढ़ी , पकौड़ी , मिस्सी रोटी , पितोड़ , खांडवी , नमकीन सेव , सोन पापड़ी आदि बनाने के लिए।

बेसन के फायदे – Besan benefits

बेसन चने से बनता है और चना प्रोटीन तथा अन्य कई लाभदायक तत्वों का अच्छा स्रोत है। चने के फायदे जानने के लिए यहाँ क्लिक करें । ये फायदे बेसन से भी मिल सकते हैं लेकिन तलने से इसके गुण कम हो जाते हैं। बेसन के फायदे इस प्रकार हैं –

— बेसन से प्रोटीन तथा बहुत से विटामिन और खनिज मिलते हैं जैसे विटामिन A , K , B-6 , फोलेट , तथा कैल्शियम , मैग्नीशियम , पोटेशियम , जिंक , आयरन , फास्फोरस , सेलेनियम और कॉपर आदि।

— बेसन का प्रोटीन अन्य दालों के प्रोटीन की अपेक्षा आसानी से पचता है।

— इसका ग्लायसेमिक इंडेक्स Glycemic Index कम होने कर कारण यह रक्त में शक्कर की मात्रा तेजी से नहीं बढ़ाता। अतः डायबिटीज वाले लोग इसका उपयोग कर सकते हैं।

— यदि आप वजन कम करना चाहते हैं तो इससे आपको मदद मिल सकती है क्योंकि इसे खाने के बाद देर तक पेट भरा हुआ महसूस होता है , संतुष्टि मिलती है और आप बार बार खाने से बच जाते हैं। इसके अलावा बेसन में गेहूं के आटे की अपेक्षा केलोरी कम होती है पर खनिज भरपूर होते हैं।

—  बेसन में फाइबर होता है और यह कोलेस्ट्रोल कम करने में सहायक होता है अतः ह्रदय के लिए हितकारी है।

— आयरन की अच्छी मात्रा के कारण यह एनीमिया से ग्रस्त लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है।

प्रेगनेंसी में इसे खाया जा सकता है। इसमें मौजूद फोलेट तथा अन्य तत्व गर्भस्थ शिशु के लिए फायदेमंद होते हैं।

— यह थकान दूर करता है।

— यह विटामिन बी-6 का स्रोत है जो मूड अच्छा रखने में सहायक होता है।

— इसमें पाया जाने वाल मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है।

— फास्फोरस और कैल्शियम हड्डी को मजबूत बनाते है।

— बेसन में ग्लूटेन नहीं होता अतः जिन्हें गेहूं के आटे में मौजूद ग्लूटेन से परेशानी होती है वे बेसन का उपयोग कर सकते है।

बेसन के नुकसान – Besan side effects

बेसन का उपयोग पाचन शक्ति के आधार पर और कम मात्रा में करना चाहिए। इसे तल कर खाने की अपेक्षा खमीर उठा कर खाना ( खमण ) या भाप में पकाकर ( मुठिये ) खाना ज्यादा उचित होता है।

तल कर बनाये हुए बेसन के पकौड़े स्वादिष्ट जरूर लगते हैं लेकिन नियमित और अधिक मात्रा में खाना नुकसान देह हो सकता  है। इससे गैस , पेट दर्द या दस्त की शिकायत हो सकती है।

इसके अलावा किसी किसी को बेसन से एलर्जी हो सकती है। ऐसा हो तो बेसन का उपयोग नहीं करना चाहिए।

बेसन से एलर्जी – Besan allergy

यदि बेसन खाने से एलर्जी होने के लक्षण दिखाई दें तो खाने में बेसन यूज़ नहीं करना चाहिए ।  एलर्जी के लक्षण कुछ इस प्रकार के हो सकते हैं –

— स्किन पर पित्ती जैसे लाल उभार बन जाना

— नाक बंद होना

— साँस लेने में तकलीफ होना

— सीने में भारीपन महसूस होना

— चेहरे पर सूजन आना

— दिल की धड़कन बढ़ना

— चक्कर आना

— ब्लड प्रेशर कम होना

यदि इनमे से कोई भी लक्षण नजर आये तो बेसन खाने के प्रति सावधान रहना चाहिए।

बेसन से स्किन को फायदे

Besan for skin in hindi

बेसन से स्किन को बहुत लाभ होता है। इसे कई तरह से स्किन पर लगाया जा सकता है। बेसन से उबटन बना सकते हैं।

( क्लिक करके इसे भी पढ़ें : स्किन को कोमल चमकदार और दाग धब्बे रहित बनाने के लिए तथा ड्राई स्किन व ऑइली स्किन के लिए उबटन कैसे बनायें )

तैलीय त्वचा के लिए बेसन विशेष रूप से लाभदायक होता है।  स्किन पर बेसन लगाने के फायदे इस प्रकार हैं –

— यह स्क्रब की तरह काम करके डेड स्किन हटाता है।

— स्किन से तेल सोख लेता है और मुहांसे दूर करता है।

दाग धब्बे आदि दूर करके स्किन को कोमल और चमकदार बनाता है।

— अनचाहे बाल हटाने के लिए बेसन उपयोगी साबित हो सकता है। इसके लिए बेसन में मलाई , चन्दन पाउडर और नीबू का रस मिलाकर लगायें , सूखने पर ठन्डे पानी से धो लें।

—  धूप से झुलसी त्वचा बेसन में दही मिलाकर लगाने से ठीक हो जाती है। धूप से काली पड़ी हाथ की स्किन बेसन में हल्दी , दही और नींबू का रस मिलाकर लगाने से ठीक हो सकती है।

— ओइली स्किन पर यह बहुत अच्छा रहता है। इसके लिए बेसन में गुलाब जल मिलाकर लगाना चाहिए। सूखने पर धो लेना चाहिए। ड्राई स्किन हो तो बेसन में हल्दी , दूध और शहद मिलाकर लगाना चाहिए।

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