जन्म प्रमाण पत्र कैसे कहाँ बनवायें और ये क्यों जरुरी – Birth Certificate

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बर्थ सर्टिफिकेट Birth Certificate अर्थात जन्म का प्रमाण पत्र एक आवश्यक दस्तावेज होता है। बच्चे के जन्म के बाद पेरेंट्स को इसे याद से बनवा लेना चाहिए। जन्म प्रमाण पत्र Birth Certificate ही जीवन भर उसकी आयु निर्धारित करने का एक क़ानूनी दस्तावेज बनता है।

जन्म प्रमाण पत्र क्यों जरुरी

Why Birth Certificate is must

रजिस्ट्रेशन ऑफ़ बर्थ एंड डेथ एक्ट ( RBD Act ) के अनुसार जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना कानूनन अनिवार्य है।

स्कूल में एडमिशन से शुरू होकर कॉलेज में एडमिशन , वोटर आईडी बनवाना , आधार कार्ड बनवाना , ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना , जीवन बीमा करवाना , पासपोर्ट बनवाना , मैरिज सर्टिफिकेट बनवाना ,  सरकारी नौकरी हासिल करना आदि सभी जगह जन्म प्रमाण पत्र Birth Certificate की आवश्यकता पड़ती है। अतः बर्थ सर्टिफिकेट जरुरी होता है और इसे तुरंत बनवा लेना चाहिए।

आइये जाने बर्थ सर्टिफिकेट बनवाने के लिए क्या करें ।

जन्म प्रमाण पत्र से सम्बंधित विभाग

Birth certificate related department

रजिस्ट्रार जनरल इण्डिया ( RGI ) की देखरेख और अनुदेशों के अनुसार राज्य स्तर पर रजिस्ट्रेशन तथा सर्टिफिकेट इशू करके का काम संचालित होता है।  कुछ राज्यों में यह काम स्वास्थ्य विभाग , कुछ में सांख्यिकी विभाग और कुछ में स्थानीय निकाय द्वारा किया जाता है।

बर्थ सर्टिफिकेट कैसे और कहाँ बनता है

Janm praman patra kaise kahan

सबसे पहले बच्चे के जन्म का रजिस्ट्रेशन करवाना होता है जो बच्चे के जन्म के बाद 21 दिन के अंदर हो जाना चाहिए।  यह रजिस्ट्रेशन नगर निगम , नगर परिषद , तहसील या ग्राम पंचायत कार्यालय में संपर्क करके करवा सकते हैं।

इसके लिए वहां एक फॉर्म भरकर जमा करना होता है। फॉर्म उसी ऑफिस में मिल जाता है।  21 दिन के अन्दर रजिस्ट्रेशन करवाने पर किसी तरह की फीस या पैसे नहीं लगते हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी उपलब्ध होती है।

रजिस्ट्रेशन फॉर्म में माता पिता का नाम , पता तथा फॉर्म के साथ आवेदक की आई डी प्रूफ की कॉपी लगती है। रजिस्ट्रेशन के लिए बच्चे का रिश्तेदार जैसे मामा , चाचा आदि भी आवेदन कर सकता है।

फॉर्म के साथ हॉस्पिटल या नर्सिंग होम द्वारा इशू किया गया लेटर देना होता है जिसमे बच्चे के जन्म से सम्बंधित विवरण होता है। अतः बच्चे के जन्म के तुरंत बाद हॉस्पिटल के मेडिकल इंचार्ज से जन्म सम्बन्धी लेटर बनवा लेना चाहिए। कुछ हॉस्पिटल खुद ही जन्म सम्बन्धी विवरण सम्बंधित विभाग को भेज देते हैं।

फॉर्म में भरी गई जानकारी के सत्यापन के बाद लगभग सप्ताह भर में बर्थ सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाता है। जिसे खुद जाकर भी ला सकते हैं या खुद का पता लिखा हुआ लिफाफा देकर डाक से मंगवा सकते हैं। यदि बर्थ सर्टिफिकेट की एक से अधिक कॉपी की आवश्यकता हो तो निर्धारित फीस देकर अधिक कॉपी ली जा सकती है।

यदि 21 दिन के अंदर रजिस्ट्रेशन नहीं करवाते हैं तो पुलिस वेरिफिकेशन होने के बाद ही सर्टिफिकेट बनता है।

बर्थ सर्टिफिकेट ऑनलाइन

Birth certificate online

जन्म प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन भी आवेदन किया जा सकता है। अधिकतर राज्यों में इस प्रकार की सुविधा उपलब्ध हो जाती है। इसकी प्रक्रिया में थोड़ा बहुत अंतर हो सकता है। इसके लिए सम्बंधित वेब साईट देखनी चाहिए।

वेब साइट csrorgi.gov.in पर भी रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। इसके लिए सम्बंधित फॉर्म खोलकर पूरी जानकारी भरकर सबमिट करना होता है। रजिस्ट्रेशन के बाद सम्बंधित जानकारी का सत्यापन होने पर सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाता है। जिसका प्रिंट आउट लिया जा सकता है।

बच्चे का नाम न रखा हो तो बिना नाम के भी बर्थ सर्टिफिकेट ले सकते हैं। 12 महीने के अन्दर बिना किसी शुल्क के नाम डलवाया जा सकता है।

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