चाय कैसे कब और कितनी पीना फायदेमंद – How to take Tea

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चाय पीना फायदेमंद हो सकता है , यह बात शायद कुछ लोगों को आश्चर्य में डाल दे , लेकिन यह सच है। चाय के फायदे बहुत से हो सकते हैं। परन्तु चाय से मिलने वाले लाभ तभी प्राप्त होते हैं जब उसे सही तरीके से बना कर और उचित मात्रा में पिया जाए।

चाय पत्ती की प्रोसेसिंग के तरीके पर भी उसके फायदे नुकसान निर्भर करते हैं। बाजार में मिलने वाली चाय पत्ती का रंग प्रोसेसिंग के कारण ही काला होता है। काली चाय पत्ती और ग्रीन टी में प्रोसेसिंग का फर्क होने के कारण ही फायदे में अंतर आ जाता है।

चाय में कई प्रकार खनिज और विटामिन होते हैं जो शरीर के लिए लाभदायक तत्वों का काम करते हैं। लेकिन अधिक मात्रा में चाय पीना नुकसानदायक भी हो सकता हैं। आइये जाने चाय में कौनसे फायदेमंद तत्व होते हैं और चाय पीने से क्या लाभ मिल सकते हैं। इसके अलावा चाय पत्ती को दूध और चीनी के साथ उबाल कर पीना क्यों लाभदायक नहीं होता है।

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चाय में कौनसे पोषक तत्व होते हैं

Tea nutrients

चाय में कैल्शियम , मैग्नीशियम , पोटेशियम , आयरन , जिंक , मेगनीज , फास्फोरस जैसे खनिज होते हैं। इसके अलावा यह विटामिन C , विटामिन B , विटामिन A , विटामिन D , विटामिन E और विटामिन K का स्रोत भी है। चाय पत्ती में कई प्रकार के एंटी-ओक्सिडेंट तथा अन्य लाभदायक तत्व भी होते हैं।

चाय पीने के फायदे

Tea benefits

सही तरीके से बनी हुई चाय से ये फायदे मिल सकते हैं –

— चाय से प्राप्त होने वाले में विटामिन B तथा विटामिन E त्वचा को तरोताजा बनाये रखते हैं। त्वचा को झुर्रियों से तथा प्रदुषण के कारण होने वाले नुकसान से बचाते हैं। साथ ही एंटी एजिंग जैसा काम करके त्वचा पर उम्र का प्रभाव कम करते हैं।

— चाय में मौजूद पोलीफेनोल्स polyphenols और केटेचिंस catechins सीबम की मात्रा कम करके मुँहासे (Pimples ) तथा एक्नी आदि होने से रोकते हैं।

— चाय से मिलने वाले एंटी-ओक्सिडेंट तथा विटामिन c मेलेनिन की मात्रा कम करके स्किन को गौरा बनाये रखने में सहायक होते हैं। यह धारणा गलत है कि चाय पीने से स्किन डार्क हो जाती है।

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— चाय में फ़्लोरिन होता है जो दांत के क्षय को रोकता है इसके अलावा केटेचिन्स प्लाक जमने से रोकता है और मुँह के रोगों से ही बचाव करता है।

— खाना खाने के बाद दांत में फंसे भोजन के अंश बदबू का कारण बन सकते हैं , चाय में मौजूद पोली-फेनोल्स मुंह में बदबू होने से रोकने में सहायक होते हैं।

— चाय में पाए जाने वाले एंटी-ओक्सिडेंट मेटाबोलिज्म सुधारते हैं जिससे इन्सुलिन का स्तर सही रहने में मदद मिलती है तथा टाइप 2 डायबिटीज से बचाव होता है।

— चाय में कैफीन होता है जो फैट को जलाकर वजन कम करने और एक्सरसाइज का प्रभाव बढ़ाने में सहायक होता है।

— चाय तनाव को कम करने में सहायक होती है। इसमें पाए जाने वाले एमिनो एसिड दिमाग में सेरोटोनिन और डोपामाइन का स्राव बढ़ा देते हैं जिनसे तनाव कम हो जाता है।

— चाय कोलेस्ट्रोल को कम करती है और हार्ट को स्वस्थ बनाये रखमें में सहायक होती है। चाय में पाया जाने वाला केटेचिन नामक तत्व कोलेस्ट्रोल कम करने में सहायक होता है। यह तत्व रक्त को पतला करता है तथा क्लोटिंग से बचाता है तथा रक्त शिराओं में कोलेस्ट्रोल जमने से रोकता भी है।

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— चाय में कॉफ़ी की अपेक्षा कैफीन की मात्रा कम होती है।

इन फायदों का यह अर्थ नहीं है कि खूब चाय पीनी चाहिए। उचित मात्रा में सही तरीके से बनाई गई चाय पीना नुकसान देह नहीं होता है , लेकिन अधिक मात्रा में या गलत तरीके से चाय बनाकर पीना ठीक नहीं है। इसके कुछ नुकसान यह हो सकते हैं –

अधिक चाय पीने के नुकसान

Harmful effects of Tea

— कड़क चाय ज्यादा पीने से नर्वस सिस्टम तथा हार्ट पर बुरा असर हो सकता है। ह्रदय रोग से ग्रस्त व्यक्ति में कड़क चाय धड़कन बढ़ने या अव्यवस्थित होने का कारण बन सकती है।

— चाय में कैफीन होता है जो पेट में एसिड का स्राव बढ़ सकता है। इसलिए यदि एसिडिटी या अल्सर से ग्रस्त हों तो चाय नहीं पीनी चाहिए। इससे परेशानी बढ़ सकती है।

— नींद ना आने की परेशानी हो या शारीरिक अथवा मानसिक रूप से कमजोरी महसूस होती हो तो रात के समय चाय नहीं पीनी चाहिए।

—  विशेषज्ञों के अनुसार चार कप से ज्यादा चाय पीने से रुमेटोइड अर्थराइटिस होने की संभावना बढ़ जाती है।

— अधिक चाय से पाचन मे अवरोध पैदा हो सकता है तथा कफ या सिरदर्द की परेशानी हो सकती है।

—  चाय को खाली पेट नहीं पीना चाहिए , इससे हाथ पैरों में कमजोरी महसूस हो सकती है तथा ह्रदय की धड़कन अनियमित हो सकती है।

—  चाय में कैफीन होने के कारण गर्भावस्था में तथा शिशु को स्तनपान कराते हैं तो चाय कम कर देनी चाहिए। ग्रीन टी में भी कैफीन होता है अतः उसे भी नहीं लेना चाहिए।

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चाय को दूध चीनी के साथ उबालने का नुकसान

Boiling tea with milk and sugar

अधिकतर लोग काली चाय पत्ती को दूध और चीनी के साथ उबालकर कड़क चाय पीना पसंद करते हैं। यह चाय स्वाद में तो बहुत अच्छी होती है और इसे पीने से आनंद भी मिलता है लेकिन यह चाय लाभदायक नहीं होती है।

जब चाय पत्ती को दूध और शक्कर के साथ उबाला जाता है तो उसके लाभदायक तत्व विशेषकर केटेचिंस आदि नष्ट हो जाते हैं। ये बहुत लाभदायक एंटी-ओक्सिडेंट हैं शरीर को कई प्रकार से लाभ पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा दूध और चीनी के साथ चाय उबालकर पीने से हम अधिक शक्कर यानि कैलोरी ग्रहण कर लेते हैं।

फायदेमंद चाय कैसे बनायें

How to make tea beneficial

चाय पत्ती को पानी में उबालना नहीं चाहिए बल्कि सिर्फ गर्म पानी में डाल कर कुछ समय रखकर छान लेना चाहिए। इसके बाद उसमें शहद , इलायची पाउडर , पौधिना, तुलसी , दालचीनी पाउडर, नींबू का रस , अदरक का रस आदि जो भी पसंद हो वो मिलाकर पी सकते हैं। स्वाद के लिए थोड़ी मात्रा में दूध भी डाल सकते हैं।

इस प्रकार बनी हुई चाय यदि रोजाना 2 कप से ज्यादा नहीं पीते हैं तो यह स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकती है। ऐसी चाय भी अधिक मात्रा पीना सही नहीं होता है।

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