दशामाता की आरती पूजा के समय की – Dasha mata ki aarti

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दशा माता की आरती Dasha Mata ki aarti  दशा माता के पूजन के समय गाई जाती है। माना जाता है कि भक्तिभाव से आरती गाने से पूजा में रही भूल चूक की पूर्ती हो जाती है। दशा माता के व्रत की विधि जानने के लिए यहाँ क्लिक करें

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दशा माता की आरती इस प्रकार है। इसे पढ़ें और भक्ति भाव से गायें –

दशा माता की आरती

Dashamata Ki Aarti

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आरती    श्री    दशामाता   की ।

जय सत -चित्त आनन्द दाता की । ।

भय भंजनि अरु दशा सुधारिणी ।

पाप -ताप -कलि कलुष विदारणी ।

शुभ्र   लोक   में   सदा  विहारिणी । ।

जय   पालिनि   दीन   जनन  की ।

आरती  श्री  दशामाता  की  । ।

अखिल विश्व -आनन्द विधायिनी।

मंगलमयी    सुमंगल    दायिनी ।

जय   पावन  प्रेम  प्रदायिनी ।

अमिय -राग -रस रंगरली की ।

आरती  श्री  दशामाता   की  । ।

नित्यानन्द  भयो  आह्लदिनी ।

आनंद घन आनन्द प्रसाधिनि ।

रसमयि रसमय मन उन्मादिनि ।

सरस कमलिनी विष्णुआली की ।

आरती  श्री  दशामाता की  । ।

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