माइक्रोवेव ओवन की पूरी जानकारी आसान हिंदी में – Microwave Ovan Guide

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माइक्रोवेव ओवन Microwave ovan आधुनिक रसोई का एक आवश्यक उपकरण बन गया है । रसोई के कुछ काम इस उपकरण के बिना कर पाना मुश्किल होता है ।

माइक्रोवेव क्या है , माइक्रोवेव ओवन का उपयोग कौनसा खाना बनाने के लिए होता है , इसमें खाना कैसे पकता है तथा माइक्रोवेव ओवन कौनसा खरीदना चाहिए । आइये जाने ।

माइक्रोवेव किरणें क्या है

What is Micro waves

माइक्रो वेव्स इलेक्ट्रो मेग्नेटिक तरंगें होती हैं । इस प्रकार की तरंगों का उपयोग अधिकतर टीवी ब्रॉडकास्टिंग , रेडार , मोबाइल फोन आदि मे किया जाता है । ये वेव्स प्रकाश की किरणों की तरह कुछ चीजों से परावर्तित होती हैं , कुछ चीजों द्वारा अवशोषित होती हैं और कुछ चीजों के अंदर से आरपार गुजर जाती हैं ।

माइक्रो वेव्स की इस विशेषता का उपयोग कई प्रकार से किया जाता है । रसोईघर मे खाना पकाना भी इसका एक अत्यंत लाभदायक उपयोग है ।

माइक्रोवेव ओवन मे खाना कैसे पकता है

How food is cooked in Microwave ovan

माइक्रोवेव ओवन मे मेग्नेट्रोन नामक डिवाइस लगी होती है। इसमें बिजली का प्रवाह होने पर माइक्रो वेव्स उत्पन्न होती हैं । ये वेव्स ओवन की विशेष प्रकार की बनावट के कारण उसमे इस प्रकार घूमती हैं कि वह ओवन मे रखी गई सामग्री से गुजर कर उसे गर्म करके पका देती हैं ।

माइक्रो किरणों को पानी , वसा या चीनी अवशोषित कर लेते हैं । इसके फलस्वरूप ये तेज गर्म हो जाते हैं। भोजन मे पानी या फैट की उपस्थिति के कारण भोजन गर्म होकर पक जाता है । माइक्रो वेव्स Waves खाने की सामग्री में अंदर तक प्रवेश करके उसे एक समान पका देती हैं ।

माइक्रोवेव ओवन मे कौनसे बर्तन मे रख सकते हैं

Which utensils are used in Microwave ovan

माइक्रोवेव ओवन मे धातु के बर्तन ( Metal utensils ) नहीं रखे जा सकते । क्योंकि मेटल से टकराकर माइक्रो किरणें परावर्तित हो जाती हैं । इसके कारण स्पार्किंग होने लगती है । अतः स्टील , तांबा , अल्युमीनियम जैसे धातु के बर्तन तथा अल्युमीनियम फ़ोइल आदि माइक्रोवेव कुकिंग मे काम नहीं लिए जा सकते हैं । भूलवश इन्हे रखकर चालू करने से माइक्रोवेव ओवन खराब भी हो सकता है।

काँच , सिरामिक तथा कुछ विशेष प्लास्टिक से बने बर्तन का उपयोग माइक्रोवेव ओवन मे किया जाता है। क्योकि इनसे माइक्रो तरंगें आर-पार गुजर जाती हैं । बाजार मे माइक्रोवेव-सेफ क्रॉकरी Microwave safe crockery आसानी से उपलब्ध हो जाती है जो विशेष रूप से Microwave ovan  मे उपयोग के लिए बनी होती हैं ।

काँच के बर्तन जो बोरो सिलिकेट से बने होते हैं वे माइक्रोवेव ओवन के काम लेने के लिए सर्वश्रेष्ठ होते हैं।

प्लास्टिक की क्रोकरी जो FDA एप्रूव्ड फ़ूड ग्रेड वर्जिन प्लास्टिक ( virgin plastic ) से बनी होती हैं। वो इसके लिए सबसे अच्छी होती हैं।

हल्की गुणवत्ता के प्लास्टिक से बने डब्बे आदि मे रखकर खाना गर्म करना नुकसान देह हो सकता है क्योकि ऐसे प्लास्टिक गर्म होकर हानिकारक केमिकल छोड़ सकते हैं ।

माइक्रोवेव ओवन मे लकड़ी के बर्तन का उपयोग नहीं करना चाहिए क्योकि लकड़ी के छिद्रों मे पानी या तेल हो सकता है । इससे गर्मी पैदा होकर बर्तन फट सकते हैं ।

माइक्रोवेव ओवन कितने प्रकार के

Type of microwave oven

बाजार मे तीन प्रकार के माइक्रोवेव ओवन उपलब्ध है – सोलो , ग्रिल और कनवेक्शन।

सोलो माइक्रोवेव ओवन

सोलो यानि सिर्फ माइक्रो वेव की सहायता से खाना गर्म किया जाता है । इस प्रकार के ओवन में सिर्फ मैग्नेट्रॉन होता है जो खाना गर्म करता है। इस ओवन मे खाना दुबारा गर्म करना , चाय कॉफी बनाना , पास्ता नूडल आदि पकाना जैसे सामान्य काम किए जा सकते हैं । इनकी कीमत सबसे कम होती है ।

ग्रिल माइक्रोवेव ओवन

इस प्रकार के माइक्रो वेव ओवन में मैग्नेट्रॉन के अलावा इलेक्ट्रिक रोड होती हैं जो गर्मी पैदा करके खाने को भून कर पका सकती हैं। यानि इसमें खाना भूना जा सकता है । इस काम के लिए साथ मे दो जालीदार स्टैंड आते है जो अलग ऊंचाई के होते हैं । इन्हे हाई रेक और लो रेक कहा जाता है ।

खाने का आकार या उसे मिलने वाली गर्मी के आधार पर इन रेक का उपयोग किया जाता है । ग्रिल माइक्रो वेव ओवन की कीमत सोलो माइक्रोवेव से अधिक और कन्वेकशन माइक्रोवेव से कम होती है ।

कनवेक्शन माइक्रोवेव ओवन

यह सबसे एडवांस और महंगा माइक्रोवेव है। इसमें ग्रिल माइक्रोवेव का काम तो होता ही है , साथ ही पंखों की मदद से गर्म हवा के द्वारा भी खाना पकता है। यह कई प्रीसेट प्रोग्राम के साथ आता है । अर्थात किसी खास डिश को बनाने के लिए आपको कई तरह की सेटिंग नहीं करनी पड़ती।

कन्वेकशन माइक्रोवेव मे ग्रिल माइक्रोवेव के कामों के अलावा बेकिंग भी की जा सकती है । इनमे मल्टी स्पीड फेन लगे होते हैं जो हवा को चारों और घुमाते हैं । कुछ मे औटोमेटिक एग्झॉस्ट फेन होते हैं जो माइक्रोवेव ओवन के अधिक गर्म होने पर अपने आप चालू हो जाते हैं ।

माइक्रोवेव कौनसी साइज़ या कितने लीटर का लें

कई कंपनी माइक्रोवेव ओवन बनाती हैं । इनमे थोड़ा बहुत अंतर होता है । माइक्रो वेव ओवन 20 लीटर , 22 लीटर , 26  लीटर , 29 लीटर और अधिक बड़े साइज़ मे मिलते हैं ।

अकेले रहने वाले लोगों के लिए 20 लीटर या उससे कम क्षमता का ओवन पर्याप्त होता है । चार लोगों के परिवार के लिए 26 लीटर का माइक्रोवेव पर्याप्त होता है । अधिक सदस्यों के लिए 30 लीटर या अधिक बड़े माइक्रोवेव की जरूरत होती है । ओवन का साइज़ जितना अधिक बड़ा होता है , बिजली का उपभोग उतना ही अधिक होता है ।

एल जी , सैमसंग , आईएफ़बी , बजाज , मरफ़ी रिचर्ड्स आदि कई नामी कंपनियों के माइक्रोवेव ओवन अनेक आकार और डिज़ाइन में उपलब्ध हैं । हर मॉडल की अपनी एक अलग विशेषता होती है लेकिन मुख्य रूप से सभी एक जैसा काम करते हैं । कुछ फंक्शन जो आपको माइक्रोवेव लेते समय देखने चाहिए वो इस प्रकार हैं –

ऑटो कुक

माइक्रोवेव के इस फंक्शन के उपयोग से एक विशेष प्रकार की डिश बनाने के लिए तापमान और टाइम सेट करने की जरूरत नहीं होती । कितना माइक्रो करना है , कितना ग्रिल करना है और कितनी गर्म हवा फेंकनी है , कितना तापमान रखना है कितनी देर ओवन चलाना है यह सब पहले से सेट होता है ।

आपको सिर्फ डिश का नाम और वजन सेट करके ओवन चालू करना होता है बाकी काम माइक्रोवेव अपने आप कर लेता है। यह अच्छा फंक्शन है। इसके होने से बहुत से चीजें बनाना आसान हो जाता है।

चाइल्ड लोक

बच्चों की सुरक्षा के लिए चाइल्ड लोक की सुविधा होती है । बच्चे मे चंचलता अधिक होती है । माइक्रो वेव के अंदर अधिक तापमान के कारण बच्चों की गलती से दुर्घटना होने की संभावना बन सकती है । छोटे बच्चों वाले घर में इसका अत्यधिक महत्त्व होता है।

रोटीसरी

यह नॉन वेज खाने के शौकीन लोगों के लिए होता हैं । इसमे चिकन तंदूरी जैसी चीजें बहुत अच्छे से घूमते हुए पकती हैं । पनीर टिक्का भी इस सुविधा से बनाया जा सकता है ।

डी  फ़्रोस्टिंग

कई बार फ्रिज मे रखे हुए खाने को सामान्य तापमान पर लाना पड़ता है, जिसे डी फ़्रोस्टिंग कहते हैं । उसके बाद ही उसे पकाया जाता है । इसमे समय लगता है । माइक्रोवेव ओवन मे यह काम जल्दी हो जाता है । खाने के स्वाद और गंध मे बदलाव नहीं होता है ।

प्री हीट

केक , पेस्ट्री आदि बनाने मे अधिक समय लगता है । इससे समय और पावर दोनों अधिक लग सकते हैं । परंतु माइक्रो वेव मे दिया गया प्री हीट की सुविधा के कारण यह समय बच जाता है । पहले से गरम किए हुए ओवन मे ये चीजें अच्छी बनती हैं ।

टाइमर

कौनसा खाना बना रहे हैं इसके अनुसार टाइमर ऑटोमेटिक सेट होता है । यदि चाहें तो खुद भी टाइमर सेट कर सकते हैं । टाइम पूरा होने पर आवाज आती है जो आपको खाना पक जाने का संदेश देती है । इस बीच आप अपने दूसरे काम कर सकते हैं ।

क्या माइक्रोवेव ओवन सिर्फ मांसाहारी लोगों के लिए है

ऐसा नहीं है। माइक्रो वेव ओवन में अनेक शाकाहारी व्यंजन बनाना अत्यंत सुविधाजनक होता है। क्योंकि आप तापमान और टाइम सेट कर सकते हैं। पिजा , केक , बेकरी आइटम , चाय कॉफ़ी , सब्जी आदि इसमें आसानी से बनाये जा सकते हैं।

क्या माइक्रोवेव से पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं

Nutrients in food cooked with microwave

कुछ लोगों को ये गलतफहमी है कि माइक्रोवेव ओवन मे खाना पकाने से पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं जबकि ऐसा नहीं है । खाने मे पोषक तत्व का नुकसान तब कम होता है जब खाना जल्दी बने और गर्मी का प्रवाह कम देर तक रहे । यह माइक्रोवेव ओवन से हासिल होता है । अतः अन्य साधन की अपेक्षा माइक्रोवेव ओवन मे खाना पकाने से पोषक तत्व नष्ट नहीं होते हैं ।

source : https://www.webmd.com/food-recipes/features/do-microwaves-zap-nutrition#1

क्या माइक्रोवेव से पके खाने में विकिरण होता है

Is food cooked in microwave radioactive

कुछ लोग सोचते हैं कि माइक्रोवेव से खाना विकिरण ग्रस्त हो जाता है जो नुकसान दायक होता है जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं होता । जैसे ही ओवन को बंद करते हैं , उसमें किरणें वैसे ही खत्म हो जाती हैं जैसे लाइट का स्विच बंद करने पर प्रकाश खत्म हो जाता है । खाने मे या ओवन के अंदर किसी प्रकार की किरणें या विकिरण नहीं रहता ।

Source :  https://www.who.int/peh-emf/publications/facts/info_microwaves/en/#:~:text=Because%20of%20the%20potential%20for,cooked%20in%20a%20conventional%20oven.

अतः आप निश्चिन्त होकर माइक्रोवेव ओवन खरीद सकते हैं। यह आपकी किचन की शोभा भी बढ़ाएगा और लजीज खाने का मजा भी देगा।

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