प्रो-बायोटिक और प्री-बायोटिक के लाभ तथा अंतर – Probiotic and Prebiotic

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प्रोबायोटिक Probiotic और प्रीबायोटिक prebiotic का संबंध अच्छे स्वास्थ्य और अच्छे पाचन से है । अतः इनके बारे मे सभी को जानकारी जरूर होनी चाहिए । क्या आप जानते हैं कि प्रो बायोटिक और प्री बायोटिक क्या हैं , इनके फायदे क्या हैं , ये हमे कैसे मिल सकते हैं , इनमे क्या फर्क है तथा स्वास्थ्य पर इनका क्या प्रभाव होता है ?

प्रोबायोटिक और प्रीबायोटिक ये दोनों शब्द सुनने मे भले ही एक जैसे लगते हों लेकिन ये दोनों अलग हैं । और शरीर पर भी अलग तरह से असर डालते हैं । ये दोनों ही स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण होते हैं ।

कुछ खाने पीने की चीजों मे ये प्राकृतिक रूप से मौजूद होते हैं । बाजार मे दवा के रूप मे भी ये उपलब्ध हैं । आइए जाने इनके बारे मे विस्तार से ।

प्रोबायोटिक क्या हैं

What is Probiotic

प्रोबायोटिक एक प्रकार के बेक्टीरिया होते हैं जो शरीर के लिए लाभदायक होते हैं । आंतों मे रहकर ये पाचन क्रिया को सुगम बनाने के साथ अन्य लाभ भी पहुँचाते हैं । ये कई प्रकार के होते हैं पर मुख्य रूप से “लेक्टोबेसिलस” और “बिफिडोबेकटेरियम” नामक प्रजाति की संख्या अधिक होती है ।

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प्रोबायोटिक के फायदे क्या हैं

Benefit of probiotic

आतों मे मौजूद ये प्रोबायोटिक ( अच्छे बेक्टीरिया ) दूसरे हानिकारक बेक्टीरिया से तथा फंगस आदि से बचाने का काम करते है ।

ये विटामिन के निर्माण मे सहायक होते हैं , इम्यून सिस्टम सुधारते हैं , डिप्रेशन से बचाते हैं , कोलेस्ट्रॉल कम करते हैं तथा मोटापा कम करने मे भी सहायक होते हैं ।

इसके अलावा कुछ अच्छे बेक्टीरिया विटामिन k तथा शॉर्ट चेन फेटी एसिड का निर्माण करते हैं । शॉर्ट चेन फेटी एसिड आतों को स्वस्थ रखते हैं । इनकी उपस्थिति से हानिकारक वाइरस , बेक्टीरिया आदि से रक्षा होने के साथ आतों के केन्सर का खतरा भी कम होता है ।

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लंबी बीमारी के समय एंटीबायोटिक लेने के बाद , अक्सर डॉक्टर द्वारा प्रोबायोटिक के उपयोग की सलाह दी जाती है । क्योंकि एंटीबायोटिक हानिकारक बेक्टीरिया के साथ फायदेमंद बेक्टीरिया को भी हमारे शरीर से निकाल देते हैं । जिसके कारण दस्त या कमजोरी की समस्या हो सकती है ।

प्रोबायोटिक लेने से लाभदायक बेक्टीरिया की संख्या मे बढ़ोतरी होती है जिससे पाचन क्रिया वापस सुचारु हो जाती है ।

प्रोबायोटिक किससे मिलते हैं

How to get probiotics

खमीर उठाकर बनाई गई चीजों से हमे प्रोबायोटिक प्राप्त होते हैं । हमारे भोजन मे कुछ विशेष व्यंजन जो खमीर विधि Fermantation से बनते हैं जैसे इडली , डोसा , खमण ढोकला आदि से प्रोबायोटिक प्राप्त होते हैं ।

इसके अलावा अचार , कांजी , दही , छाछ और पनीर आदि से भी हमे प्रोबायोटिक प्राप्त हो सकते हैं । सब तरह के अचार मे प्रोबायोटिक नहीं होते हैं । अचार मे यदि प्रीजरवेटिव का उपयोग किया गया हो तो ऐसे अचार मे लाभदायक बेक्टीरिया नहीं होते । हरे मटर से हमे एक विशेष प्रकार का फायदेमंद प्रोबायोटिक प्राप्त होता है ।

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कुछ विदेशी व्यंजन जिसमे खमीर विधि शामिल हो उनसे भी प्रोबायोटिक प्राप्त होते हैं जैसे किमची , कंबुचा , केफिर आदि ।

किमची नामक सलाद पत्ता गोभी , मूली, अदरक और लहसुन आदि से बनता है । यह कोरिया मे बहुत लोकप्रिय है । अब भारत मे भी उपलब्ध है । यह प्रोबायोटिक से भरपूर होता है । कंबुचा खमीरीकृत चाय है जो फायदेमंद होती है । केफिर दूध के खमीरिकरण से बनता है ।

इनके अलावा दवा के रूप मे बाजार से प्रोबायोटिक डॉक्टर की सलाह से खरीदे जा सकते हैं ।

प्रीबायोटिक क्या होते हैं

What is prebiotic

प्रीबायोटिक पौष्टिक भोजन होता है लेकिन प्रोबायोटिक के लिए । प्रीबायोटिक लेने से प्रोबायोटिक स्वस्थ रहते हैं । जो हमे फायदा पहुँचाते हैं ।

हम जो खाना खाते हैं उसमे मौजूद कुछ फाइबर हमारा शरीर पचा नहीं पाता है । लेकिन आंतों मे मौजूद लाभदायक बेक्टीरिया इस फाइबर को खाकर पौष्टिकता प्राप्त कर लेते हैं । यानि प्रीबायोटिक अच्छे स्वास्थ्य के लिए जरूरी होते हैं ।

प्रीबायोटिक किसमें होते हैं

How to get prebiotic

प्री बायोटिक फाइबर सब्जी , फल आदि मे पाए जाते हैं । लहसुन , प्याज , पालक , मटर , बीन्स , फलियाँ तथा अन्य सब्जियां , इसके अलावा ओट्स , सेब , केला , बेरी आदि फल इत्यादि प्री बायोटिक के बहुत अच्छे स्रोत होते हैं ।

जब हम अधिक शक्कर या अधिक फैट वाला खाना खाते हैं तो आतों के लाभदायक बेक्टीरिया को नुकसान होता है इससे हमारे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है ।

disclaimer : इस पोस्ट का उद्देश्य जानकारी देना मात्र है किसी भी उपचार के लिए कृपया डॉक्टर से सलाह करें ।

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