सपने क्यों कब और कैसे आते हैं – Dreams why and when

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सपने Dreams सोते समय यानि नींद में सभी को आते हैं। अधिकतर जागने पर सपने वाली घटना हम भूल जाते हैं लेकिन कुछ सपने याद भी रह जाते हैं। याद रहने वाले सपने कम होते हैं। कुछ सपने अच्छे होते हैं और कुछ बुरे।

अच्छे सपने आने पर मन खुश होता है लेकिन बुरे सपने बहुत डरा देते हैं। डर के कारण नींद खुल जाती है , दिल जोरों से धड़क रहा होता है कभी पसीने पसीने हो जाते हैं। मन में ख्याल आता है कि बुरा सपना या डरावना सपना क्यों आया।

कभी कभी सपने में कुछ ऐसा देखते हैं की जिनका आगा पीछा कुछ नहीं होता और बड़ी अजीब अजीब सी घटना घटती रहती है , जिस पर हमारा कोई कंट्रोल नहीं होता। जब वह सपना चल रहा होता है तब वह असली लगता है लेकिन जागने पर उसे याद करके हंसी आती है।

सपने कब आते हैं

When we see dreams hindi me

जब हम सोने जाते हैं तो नींद धीरे धीरे हमे अपने आगोश में लेती है , हमें पता भी नहीं चलता की कब हम गहरी निद्रा में मग्न हो गए। असल में इस प्रक्रिया की कुछ अवस्थाएँ होती हैं जिनसे गुजर कर हम सोते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार नींद की चार अवस्थाएं होती हैं।

नींद की पहली अवस्था : stage 1

जब हम सोने के लिए बिस्तर पर लेटते हैं तो नींद की पहली स्टेज की शुरुआत होती है । इस अवस्था में हम अपेक्षाकृत जगे हुए और सचेत होते हैं। दिमाग धीमा होने लगता है और विश्राम की स्थिती में आने लगता है।

यह अवस्था कच्ची नींद वाली होती है। इस समय आपको कुछ विचित्र से अनुभव हो सकते हैं जैसे आप गिर रहे हैं या कोई आपका नाम पुकार रहा है या आपको एक झटका सा लग सकता है।

नींद की दूसरी अवस्था : stage 2

यह जागृत अवस्था से सुप्त अवस्था में जाने के बीच का समय होता है। इस अवस्था में शरीर का तापमान कम हो जाता है, आस पास क्या हो रहा है पता नहीं चलता , साँस और धड़कन धीमी , नियमित और एकसम हो जाती हैं।

नींद की तीसरी अवस्था : stage 3

इस अवस्था में मांसपेशियां शिथिल हो जाती हैं , ब्लड प्रेशर कम हो जाता है और साँस की गति धीमी हो जाती है। गहन निद्रा में मगन हो जाते हैं। इस अवस्था में बाहर या आसपास का कुछ भी ध्यान नहीं रहता। कई बार तो हिलाने डुलने पर भी जग नहीं पाते। नींद में चलने वाले लोग इसी अवस्था में चलते हैं।

नींद की चौथी अवस्था – REM ( सपने आने वाली अवस्था )

इस अवस्था में दिमाग क्रियाशील होने लगता है जबकि शरीर विश्राम की स्थिति में होता है। आँख तेजी से हिलती डुलती हैं। साँस की गति बढ़ जाती है। इसी अवस्था में अधिकतर सपने आते हैं। इस अवस्था में दिमाग तथा अन्य अंग तो क्रियाशील होने लग जाते हैं लेकिन मांसपेशियों एकदम शिथिल और विश्राम की स्थिति में होती हैं।

इन सब अवस्थाओं से गुजरने पर नींद का एक चक्र पूरा होता है। रात भर की नींद में ऐसे चार से पांच चक्र हो जाते हैं।एक चक्र में लगभग डेढ़ घंटे का समय लगता है। यह समय कम ज्यादा होता रहता है।

हमें जो सपने आते वे REM वाली अवस्था में आते हैं। रात भर सोते समय हम तीन चार बार REM वाली अवस्था में होते हैं। शुरू में REM वाली अवस्था कम समय के लिए होती है लेकिन बाद वाले चक्र में इसका समय बढ़ता जाता है और आखरी चक्र में यह बढ़कर लगभग एक घंटे का भी हो सकता है।

अंतिम चक्र में REM वाली अवस्था अधिक देर तक रहती है। इसलिए सुबह के सपने अक्सर याद रह जाते हैं।

सपने क्यों आते हैं

Why we dreame hindi me

विशेषज्ञों के अनुसार जब हम नींद में होते हैं तब दिमाग में मौजूद जगी हुई अवस्था की यादें , विचार , इच्छाएं और भावनाएं मिल कर दिमाग में सपनों की उत्पत्ति करते हैं। सपने आना अनकोंशस माइंड में होने वाली प्रक्रिया होती है।

हमें सपने में सिर्फ वे इन्सान दिखाई देते हैं जिन्हें हमने कभी ना कभी देखा है। हमारा दिमाग सपने में नई शक्ल इजाद नहीं कर सकता।

विशेषज्ञों के अनुसार सपने हमारी स्मरण शक्ति तथा विचारों पर नियंत्रण करने वाले हिस्सों के तालमेल से पैदा होते हैं। सपने हमें वो दिखाते हैं जो हम असल जीवन में होना चाहते हैं या अपनी कोई भावना दर्शाना चाहते हैं। या हमे कोई डर होता है जो हम चेतन अवस्था में व्यक्त नहीं कर पाते।

साईकोलोजी के जाने माने प्रोफ़ेसर सिगमंड फ्रेड की किताब ” सपनो का अर्थ ” में उन्होंने जटिल सपनो की कार्यप्रणाली का विश्लेषण किया है। उनके अनुसार हमारा अनकोंशस माइंड ऐसे चित्र बनाता है जिनमे हमारा व्यक्तित्व झलकता है।  उन्होंने सपनों का विश्लेष्ण करते समय अधिक ध्यान अंतर्मन में छुपी इच्छा और डर पर दिया है। एक अन्य प्रोफेसर कार्ल जंग भी इसी तरह का विचार रखते हैं।

लोग यह जानने को बहुत उत्सुक रहते हैं कि उनके द्वारा देखे गए सपने को क्या मतलब है और क्या यह भविष्य की किसी घटना का कोई संकेत है। सपने में देखी गई घटना या कुछ चीजों का जागृत अवस्था में विश्लेषण करना या उन्हें हकीकत से जोड़ना मुश्किल होता है। अतः यह स्थिति असमंजस , डर और संशय पैदा करती है।

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