स्वाद और पौष्टिकता खाने में कैसे बढ़ाएं – 7 Tasty Indian Cooking process

238

स्वादिष्ट और पौष्टिक भोजन यानि खाना हमें शरीर व मन की प्रसन्नता प्रदान करता है। दैनिक कार्य के लिए ऊर्जा एवं स्फूर्ति भी हमें भोजन से ही मिलती है। इसलिए जरुरी है कि आहार यनि भोजन संतुलित हो। संतुलित आहार वो होता है जिसमे मीठा, खट्टा, खारा ,कडवा , तीखा एवं कसैला रस शामिल हो।

हमारी भारतीय रसोई के मसालों से बने खाने में लगभग इन सभी रसों का समावेश होता है। हमारा खाना बनाने का भारतीय तरीका ( ways of tasty indian cooking ) सब्जी , अनाज , दाल आदि को आसानी से पचने लायक , पौष्टिक बनाता है। उसके रंग , गंध व प्रकृति को बदल कर स्वादिष्ट और रूचिकर बनाता है।

Thali-2

भारतीय रसोई के 7 संगम  –  tasty indian cooking

कृपया ध्यान दें : किसी भी लाल रंग से लिखे शब्द पर क्लिक करके उसके बारे में विस्तार से जानें। 

1  छोंक लगाना ( seasoning )

एक बर्तन में घी या तेल गर्म करके उसमे जीरा , राई , अजवायन , दाना मेथी , कलौंजी , लौंग ,  तेज पत्ता , हींग  , लहसुन , प्याज आदि चीजें डालकर छौंका लगाया जाता है। इनमे से जरुरत के हिसाब से या स्वाद के हिसाब से सामग्री काम में ली जाती है।

दाल , सब्जी , सूप , आदि में छोंका लगाया जाता है। छोंका लगाने से इनके गुणों में बढ़ोतरी होती है तथा अवगुण दब जाते है।

2 . भूनना ( roasting )

इससे खाने का भारीपन कम होता है व खाने में हल्कापन आता है। भुने चने , भुनी मूंगफली , भुना पापड़ , मक्का ,  ज्वार , बाजरा के फूले चिवड़ा इत्यादि इसके स्वरूप है।

3 . तलना ( frying )

घी या तेल में तलकर कुछ वातकारक खाद्य पदार्थ पौष्टिक और स्निग्ध बनाये जाते है जैसे जलेबी , गुलाब जामुन , मालपुए आदि । ये सब मैदा से बनते है लेकिन तले जाने की वजह से ये स्वादिष्ट और पौष्टिक हो जाता है।

4 . खीर बनाना  ( kheer )

कुछ चीजें  दूध में उबालकर खाने से अधिक पौष्टिकतादेती है। चावल , साबूदाना , नारियल , आदि की खीर बना कर खाना स्वादिष्ट और पौष्टिक होता है।

5 . संधारण ( preservation )

अचार , जैम , मुरब्बा , आदि को जब तेल ,चाशनी , या शहद में डालकर लम्बे समय तक रखने के लिए बनाया जाता है उसे संधारण  कहते है। ये जल्दी ख़राब नहीं होते और स्वादिष्ट होते है। खाने में रुचि बढ़ाते है।

6 . खमीर  ( fermentation )

खमीर उठा कर बनाई गई खाद्य सामग्री पचने में कठोर से आसान हो जाती  है।

जैसे जलेबी मैदा में खमीर उठा कर बनाई जाती है या इमरती उड़द की दाल  में खमीर उठा कर बनाने से पचने में आसान हो जाती है , कांजी बड़ा भी खमीर से ही बनता है। इडली – डोसा भी खमीर उठा कर बनाये जाने के कारण पाचन में हलके हो जाते है।

7 . पाक  ( pak )

मावा और शक्कर के साथ बनाई गयी मिठाई पाक कहलाती है। जैसे बर्फी , सुपारी पाक , मोहन थाल , गाजर पाक , गौंद पाक आदि। ये पाक दुबले पतले व्यक्तियों के लिए पौष्टिक व हितकारी होते है।  जिन लोगों को वात की परेशानी होती है उनके लिए पाक खाना हितकारी होता है।

इन्हें भी जाने और लाभ उठायें :

पेट में कीड़े मिटाने के घरेलु नुस्खे 

गन्ने का रस पीने के फायदे और नुकसान 

ड्राई फ्रूट्स मेवों के फायदे और घरेलु नुस्खे 

पपीता खाने के फायदे और नुकसान 

गुर्दे की पथरी के कारण और घरेलु उपाय 

सफ़ेद मूसली की ताकत सिर्फ पुरुषों के लिए नहीं 

गर्भ निरोध के उपाय और उनके फायदे नुकसान 

मेंटल टेंशन से बचने के उपाय 

मसूड़ों से खून का कारण और घरेलू उपाय 

यूरिन इन्फेक्शन UTI से कैसे बचें