टॉयलेट गंदा मिलने के लिए कहीं आप खुद तो जिम्मेदार नहीं – Toilet Etiquette

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टॉयलेट का इस्तेमाल घर में , ऑफिस में या बाजार में दिन में कई बार करना पड़ता है। कभी कभी टॉयलेट इतना गन्दा मिलता है ( खासकर पब्लिक टॉयलेट ) कि लगता है क्या लोगों को टॉयलेट युज करना भी नहीं आता। कुछ लोगों की हरकतें देखकर लगता है कि क्या उन्हें पेरेंट्स ने उन्हें शिष्टाचार नहीं सिखाया ?

ये कुछ बातें आपने भी जरूर महसूस की होंगी कि कुछ लोग –

  • टॉयलेट बहुत गन्दा कर देते हैं ,
  • पानी , गन्दगी और कूड़ा फैला देते हैं ,
  • दरारों से झाँकने की कोशिश करते हैं ,
  • फ्लश नहीं करने वाली चीजें भी फ्लश करके उसे ब्लॉक कर देते हैं ,
  • इंतजार नहीं करते दरवाजा पीटते चले जाते हैं ,
  • सिटकनी नहीं लगाते और दूसरों के लिए विकट परिस्थिति पैदा कर देते हैं ,
  • दीवारों पर चित्रकारी कर देते हैं .

क्या हम खुद भी ऐसा ही करते हैं ? क्या हम टॉयलेट से जुड़े शिष्टाचार का ध्यान रखते हैं ? क्या हम कोशिश करते हैं कि हमारे बाद आने वाले को साफ टॉयलेट मिले या हमारे कारण किसी अन्य को कोई परेशानी ना हो ?

किसी दूसरे के द्वारा की गई गन्दगी कोई भी साफ करना पसंद नहीं करता। अतः हमें हमारे द्वारा टॉयलेट काम लेने के बाद जितना हो सके साफ कर देना चाहिए। इसके साथ ही व्यवहार भी मर्यादित रखना चाहिए। यह टॉयलेट से सम्बंधित शिष्टाचार का अंग है। यदि आप इन्यहें अपनाते हैं तो यह आपका पढ़ा लिखा और संस्कारी होना दर्शाता है।

टॉयलेट में फैली गन्दगी कई प्रकार की बीमारियाँ फैलने की वजह बन सकती है। अतः टॉयलेट का साफ होना जरुरी भी है। थोड़ी सी कोशिश की जाये तो सभी लोगों को साफ टॉयलेट मिल सकता है जो सबका अधिकार भी है। आइये जाने टॉयलेट यूज़ करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और शिष्टाचार में क्या आता है।

टॉयलेट शिष्टाचार

Toilet ganda na mile kya kare

यदि कोई अंदर हो तो दरवाजा बार बार नहीं खटखटाना चाहिए। उसके बाहर आने का इन्तजार करना चाहिए। अंदर कोई शौक से नहीं बैठा होता है। थोड़ा समय तो लग ही सकता है।

टॉइलेट में मोबाइल या पेपर – Toilet me mobile paper

कुछ लोग मोबाइल या पेपर आदि लेकर टॉयलेट में बैठते हैं। यह खुद के लिए तो हानिकारक है ही। इससे आपके अधिक देर तक टॉयलेट वक्त बिताने से अन्य लोगों को लम्बा इंतजार करना पड़  सकता है। अतः ऐसा न करें। जो सीट जिस काम के लिए बनी है उसी पर ध्यान देकर जितना हो सके जल्दी बाहर निकल जाना चाहिए।

टॉइलेट का दरवाजा – Toilet door

आपको जाना हो और किसी के अन्दर होने की संभावना लगे तो दरवाजा एक बार खटखटा कर चेक कर सकते हैं।  लेकिन बार बार दरवाजा ना पीटें तथा किसी दूसरे तरीके से अंदर झाँकने की कोशिश भी ना करें।

आप अंदर जाएँ तो सिटकनी याद करके अवश्य लगा लें अन्यथा आपके या किसी और के लिए कैसी विकट स्थिति पैदा हो सकती है इसका अंदाजा तो आपको अवश्य ही होगा।

टॉयलेट पेपर काम लेते हों तो देख लें की वहाँ ये उपलब्ध हैं या नहीं। इसके अलावा नल में पानी आ रहा है या नहीं। बाद में पता लगे की इनकी व्यवस्था नहीं मिल पायेगी तो परेशानी हो सकती है।

वेस्टर्न टॉयलेट हो तो सीट गन्दी ना हो इसका ध्यान रखें। ( Public toilet ganda kyo )

टॉइलेट का फर्श – Toilet floor

बैग या पर्स आदि टॉयलेट में ले जाने से बचना चाहिए। ले जाना ही पड़े तो उसे टॉयलेट फर्श पर भूल कर भी नहीं रखें।

जब फ्लश किया जाता है तो हवा में बारीक़ बूंदे उछलकर फ़ैल जाती हैं जो फर्श पर जाकर ठहरती हैं। ये बूँदें फर्श पर लगभग छह फीट तक फ़ैल जाती हैं। इन बूंदों में कई प्रकार के रोग फ़ैलाने वाले कीटाणु हो सकते हैं जैसे इ-कोली , नोरो वायरस , सालमोनेला या शिगेला आदि। इसलिए फ्लश हमेशा कवर लगाने के बाद करना चाहिए।

( इसे भी पढ़ें : वायरस क्या होते हैं और बीमारी कैसे फैलाते हैं )

आपका किया पूरा बह जाये हो यह चेक अवश्य कर लें। इंडियन या वेस्टर्न कमोड में फ्लश अवश्य चला दें। टॉयलेट सीट को बंद करके बाहर निकलें। toilet etiquette kya he …

टॉइलेट में पेंटिंग – Toilet painting

टॉयलेट की दीवारों पर किसी प्रकार की चित्रकारी करने की कोशिश न करें। ना ही कुछ लिखें क्योकि यह असभ्यता की निशानी है। दीवारों को थूंक कर गन्दा न करें। कोई भी नल खुला ना छोड़ें।

टॉयलेट काम में लेने के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धो लें।

टॉइलेट फ्लश – Toilet flush

सेनिटरी पेड , बच्चों के डायपर या कॉटन आदि फ्लश न करें। ये अंदर जाकर फंस जाते हैं और उन्हें हटाना बहुत मुश्किल होता है।

ये सामान कागज या पोलिबेग में लपेटकर डस्टबीन में फेंकना चाहिए।

टॉइलेट में धूम्रपान – Smoking in toilet

कुछ लोग टॉयलेट का इस्तेमाल सिगरेट पीने के लिए करते हैं जो बिलकुल गलत है। उस छोटी जगह में भरा धुआं और गंध जल्दी मिट नहीं पाते। यह अन्य लोगों के लिए परेशानी का कारण हो सकता है।

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